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चोरी के बड़े मामले में हुई लीपापोती
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:17 AM IST
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लालगंज (रायबरेली)। मॉडर्न रेल कोच कारखाने में बुधवार रात संदिग्ध हालात में घूम रहे तीन युवकों को आरपीएफ ने दबोच लिया।
केस दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया गया है। युवकों के पास एक कार भी मिली है। हालांकि फैक्ट्री के सूत्राें की मानें तो तीनों युवक तार चोरी करने आए थे। बदनामी के डर से कारखाना प्रशासन मामले को दबा रहा है।
बताते हैं कि बुधवार रात 10.30 बजे एक कार से तीन लोग उतरे और केबल (फीडर हार्नेस केबल) उठाकर ले जाने लगे।
सूचना पर आरपीएफ और कारखाने के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरपीएफ के अफसर ने पकड़े गए कारड्राइवर के मोबाइल की कॉल डिटेल चेक की तो पता चला कि एक सिपाही भी मिला हुआ था।
उसे फोन पर ही फटकार भी लगाई। इसके बाद कारखाने की बदनामी का हवाला देते हुए मामले को रफा-दफा कर दिया। आरपीएफ के इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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तीन लोग संदिग्ध हालात में कारखाने के भीतर घूमते मिले थे। जिन्हें केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। उनकी कार भी सीज कर दी गई है।
बताया कि पकड़े गए लोग किसी प्राइवेट कंपनी के वर्कर हैं। जो बिना परिचय पत्र के कारखाने में घुस आए थे। जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि मामला सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इसलिए आरपीएफ के अधिकारी ही बता सकते हैं।
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केस दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया गया है। युवकों के पास एक कार भी मिली है। हालांकि फैक्ट्री के सूत्राें की मानें तो तीनों युवक तार चोरी करने आए थे। बदनामी के डर से कारखाना प्रशासन मामले को दबा रहा है।
बताते हैं कि बुधवार रात 10.30 बजे एक कार से तीन लोग उतरे और केबल (फीडर हार्नेस केबल) उठाकर ले जाने लगे।
सूचना पर आरपीएफ और कारखाने के अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरपीएफ के अफसर ने पकड़े गए कारड्राइवर के मोबाइल की कॉल डिटेल चेक की तो पता चला कि एक सिपाही भी मिला हुआ था।
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उसे फोन पर ही फटकार भी लगाई। इसके बाद कारखाने की बदनामी का हवाला देते हुए मामले को रफा-दफा कर दिया। आरपीएफ के इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
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तीन लोग संदिग्ध हालात में कारखाने के भीतर घूमते मिले थे। जिन्हें केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। उनकी कार भी सीज कर दी गई है।
बताया कि पकड़े गए लोग किसी प्राइवेट कंपनी के वर्कर हैं। जो बिना परिचय पत्र के कारखाने में घुस आए थे। जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि मामला सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इसलिए आरपीएफ के अधिकारी ही बता सकते हैं।