{"_id":"6a95db306686d18de200fd69","slug":"ntpc-unit-shut-down-due-to-waterlogging-raebareli-news-c-101-1-rai1002-166420-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: पानी भरने से एनटीपीसी की एक यूनिट बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: पानी भरने से एनटीपीसी की एक यूनिट बंद
Tue, 01 Sep 2026 01:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊंचाहार। बारिश के कारण पानी भरने से सोमवार शाम को एनटीपीसी परियोजना की यूनिट नंबर दो बंद हो गई। परियोजना प्रबंधन ने तकनीकी परीक्षण के लिए यूनिट बंद करने की बात कही है। परियोजना की पांचवीं यूनिट वार्षिक अनुरक्षण के लिए पहले से बंद है। दो यूनिटों के बंद होने से 420 मेगावाट बिजली का उत्पादन कम हो गया है।
ऊंचाहार परियोजना में 210 - 210 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता की पांच यूनिटें स्थापित हैं। छठवीं यूनिट 500 मेगावाट उत्पादन क्षमता की है। एक हफ्ते से यूनिट नंबर पांच का वार्षिक अनुरक्षण चल रहा है। सोमवार को 210 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रही यूनिट नंबर दो के स्विच यार्ड में पानी भर गया। इससे यूनिट बंद हो गई। जानकारी के मुताबिक स्टेज प्रथम में यूनिट नंबर एक व दो स्थापित हैं।
लगभग तीन दशक पहले निर्माण होने से अन्य यूनिटों की अपेक्षा वह काफी नीचे बनी हुई है। इससे अधिक बारिश में पानी भरने की समस्या बनी रहती है। इस समय चार यूनिटों से लगभग 1100 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। परियोजना की जनसंपर्क अधिकारी सलोनी शर्मा ने बताया कि यूनिट तकनीकी परीक्षण के लिए बंद की गई है। पानी भरने की बात गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऊंचाहार परियोजना में 210 - 210 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता की पांच यूनिटें स्थापित हैं। छठवीं यूनिट 500 मेगावाट उत्पादन क्षमता की है। एक हफ्ते से यूनिट नंबर पांच का वार्षिक अनुरक्षण चल रहा है। सोमवार को 210 मेगावाट बिजली उत्पादन कर रही यूनिट नंबर दो के स्विच यार्ड में पानी भर गया। इससे यूनिट बंद हो गई। जानकारी के मुताबिक स्टेज प्रथम में यूनिट नंबर एक व दो स्थापित हैं।
विज्ञापन
लगभग तीन दशक पहले निर्माण होने से अन्य यूनिटों की अपेक्षा वह काफी नीचे बनी हुई है। इससे अधिक बारिश में पानी भरने की समस्या बनी रहती है। इस समय चार यूनिटों से लगभग 1100 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। परियोजना की जनसंपर्क अधिकारी सलोनी शर्मा ने बताया कि यूनिट तकनीकी परीक्षण के लिए बंद की गई है। पानी भरने की बात गलत है।
विज्ञापन