{"_id":"5b9eb080867a557f6c068872","slug":"41537126528-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फूड पॉइजनिंग से छात्रा की मौत, परिवार के छह बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फूड पॉइजनिंग से छात्रा की मौत, परिवार के छह बीमार
Updated Mon, 17 Sep 2018 01:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लालगंज। क्षेत्र के सूदनखेड़ा में फूड पॉइजनिंग से एक छात्रा की मौत हो गई। उसका सीएचसी में इलाज चल रहा था। जबकि परिवार के छह सदस्य बीमार हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि परिवारीजनों का कहना है कि मौत डायरिया की वजह से हुई है।
सूदन खेड़ा निवासी दिनेश कुमार की पुत्री अर्श (18) की शुक्रवार को अचानक तबियत खराब हो गई। हालत बिगड़ने पर परिवारीजनों ने उसे लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया लेकिन उसकी मौत हो गई।
जबकि दिनेश की छोटी पुत्री हर्ष (15), उसकी पत्नी आशा देवी के साथ ही दिनेश के भाई रमेश चंद्र की पुत्रियां नैना, आकांक्षा व नेहा के साथ रमेश की पत्नी किरण भी बीमार हैं।
विज्ञापन
अर्श के पिता दिनेश कुमार ने बताया कि अर्श रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी। शुक्रवार को अचानक उसकी तबियत बिगड़ने लगी।
जिसके बाद आननफानन उसे लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टर ने डायरिया होने की बात कही व इलाज शुरू कर दिया।
लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। आशा देवी को भी गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रमेश चंद्र ने बताया कि पीड़ित लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डायरिया का प्रकोप नहीं
सूदन खेड़ा जाकर जांच की गई है। मोहल्ले के अन्य घरों में कोई इस प्रकार के रोग से प्रभावित नहीं है। एक ही परिवार के कुछ लोग बीमार हुए हैं। अंदेशा है कि कुछ खाने पीने में हुई गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ है। पूरे मोहल्ले में डायरिया का प्रकोप नहीं पाया गया।
डॉ. एके सिंह, सीएचसी अधीक्षक
तालाब के पानी से संक्रामक रोग फैलने का खतरा
सूदनखेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि तालाब में गंदा पानी भरा होने के चलते पूरे गांव में संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर हमेशा बना रहता है। तालाब की सफाई न होने के चलते पूरे क्षेत्र में बदबू फैली रहती है जिसके कारण संक्रामक बीमारियां बढ़ती जा रही है। डायरिया की चपेट में आने से लोगों के बीमार होने का सिलसिला जारी है।
विज्ञापन
सूदन खेड़ा निवासी दिनेश कुमार की पुत्री अर्श (18) की शुक्रवार को अचानक तबियत खराब हो गई। हालत बिगड़ने पर परिवारीजनों ने उसे लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया लेकिन उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
जबकि दिनेश की छोटी पुत्री हर्ष (15), उसकी पत्नी आशा देवी के साथ ही दिनेश के भाई रमेश चंद्र की पुत्रियां नैना, आकांक्षा व नेहा के साथ रमेश की पत्नी किरण भी बीमार हैं।
विज्ञापन
अर्श के पिता दिनेश कुमार ने बताया कि अर्श रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी। शुक्रवार को अचानक उसकी तबियत बिगड़ने लगी।
जिसके बाद आननफानन उसे लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टर ने डायरिया होने की बात कही व इलाज शुरू कर दिया।
लेकिन इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। आशा देवी को भी गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रमेश चंद्र ने बताया कि पीड़ित लोगों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डायरिया का प्रकोप नहीं
सूदन खेड़ा जाकर जांच की गई है। मोहल्ले के अन्य घरों में कोई इस प्रकार के रोग से प्रभावित नहीं है। एक ही परिवार के कुछ लोग बीमार हुए हैं। अंदेशा है कि कुछ खाने पीने में हुई गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ है। पूरे मोहल्ले में डायरिया का प्रकोप नहीं पाया गया।
डॉ. एके सिंह, सीएचसी अधीक्षक
तालाब के पानी से संक्रामक रोग फैलने का खतरा
सूदनखेड़ा के ग्रामीणों ने बताया कि तालाब में गंदा पानी भरा होने के चलते पूरे गांव में संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर हमेशा बना रहता है। तालाब की सफाई न होने के चलते पूरे क्षेत्र में बदबू फैली रहती है जिसके कारण संक्रामक बीमारियां बढ़ती जा रही है। डायरिया की चपेट में आने से लोगों के बीमार होने का सिलसिला जारी है।