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कारखाने में बनाए जा सकते बुलेट ट्रेन के डिब्बे
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:16 AM IST
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रायबरेली। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को लालगंज में मॉडर्न रेल कोच कारखाने का निरीक्षण किया। इस दौरान जीएम राजेश अग्रवाल ने उन्हें कारखाने की प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अब इस कारखाने के संसाधन इतने पुख्ता और तकनीकी रूप से समृद्ध हैं कि हम भविष्य में यहां बुलेट ट्रेेन के डिब्बे बनाने के बारे में भी सोच सकते हैं।
स्मृति ने स्मार्ट कोच को देखकर उसकी तारीफ की। साथ ही उन्होंने जीएम को निर्देशित किया कि स्थानीय क्षेत्र में भी सहयोगी ईकाइयों (इंसिलरीज) की स्थापना कराएं जिससे जिले के लोगों को रोजगार मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्टील की जरूरत को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्रों के साथ ही सरकारी उपक्रम स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया से भी आपूर्ति ली जाए। इसके अमेठी स्थित प्लांट से भी जरूरत का सामान लिया जाए।
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कपड़ा मंत्री सुबह 10.30 बजे पहुंची और सीधे कारखाना परिसर जाकर सेल शॉप में डिब्बों के बुनियादी ढांचे की निर्माण प्रक्रिया को देखा।
इसके बाद वे फर्निशिंग शॉप गईं और हमसफर कोच का निरीक्षण किया। एटीडीसी की ओर से दिए जा रहे सिलाई प्रशिक्षण में भाग ले रही महिलाओं से बात की।
कोच फैक्ट्री के जीए राजेश अग्रवाल ने मंत्री को बताया कि यहां मेट्रो ट्रेन के डिब्बे बनाए जाने की योजना से केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर 25 सहयोगी इकाइयां स्थापित हो गईं हैं। जिनको अब तक 125 करोड़ रुपये का आर्डर दिया गया है।
शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों में लगाए जाने के लिए पैंट्री कार को रि-डिजाइन किया जा रहा है। अब इसमें हवाई जहाज जैसी कैटरिंग के बंदोबस्त की योजना है।
इसके बाद स्मृति सलोन के लिए रवाना हो गई। इस दौरान सलोन विधायक दलबहादुर कोरी, एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष रामदेव पाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। जीएम ने बताया कि मंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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स्मृति ने स्मार्ट कोच को देखकर उसकी तारीफ की। साथ ही उन्होंने जीएम को निर्देशित किया कि स्थानीय क्षेत्र में भी सहयोगी ईकाइयों (इंसिलरीज) की स्थापना कराएं जिससे जिले के लोगों को रोजगार मिल सके।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि स्टील की जरूरत को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्रों के साथ ही सरकारी उपक्रम स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया से भी आपूर्ति ली जाए। इसके अमेठी स्थित प्लांट से भी जरूरत का सामान लिया जाए।
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कपड़ा मंत्री सुबह 10.30 बजे पहुंची और सीधे कारखाना परिसर जाकर सेल शॉप में डिब्बों के बुनियादी ढांचे की निर्माण प्रक्रिया को देखा।
इसके बाद वे फर्निशिंग शॉप गईं और हमसफर कोच का निरीक्षण किया। एटीडीसी की ओर से दिए जा रहे सिलाई प्रशिक्षण में भाग ले रही महिलाओं से बात की।
कोच फैक्ट्री के जीए राजेश अग्रवाल ने मंत्री को बताया कि यहां मेट्रो ट्रेन के डिब्बे बनाए जाने की योजना से केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर 25 सहयोगी इकाइयां स्थापित हो गईं हैं। जिनको अब तक 125 करोड़ रुपये का आर्डर दिया गया है।
शताब्दी और राजधानी जैसी ट्रेनों में लगाए जाने के लिए पैंट्री कार को रि-डिजाइन किया जा रहा है। अब इसमें हवाई जहाज जैसी कैटरिंग के बंदोबस्त की योजना है।
इसके बाद स्मृति सलोन के लिए रवाना हो गई। इस दौरान सलोन विधायक दलबहादुर कोरी, एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष रामदेव पाल समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। जीएम ने बताया कि मंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।