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जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं करेंगी परिषदीय स्कूलों की बेटियां
Updated Fri, 09 Feb 2018 12:17 AM IST
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अब कुर्सी-मेज पर बैठकर पढ़ाई करेंगे नौनिहाल
रायबरेली। परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थी भी अब जमीन पर टाट-पट्टी की बजाए कुर्सी-मेज पर बैठकर पढ़ाई करते दिखेंगे। वहीं स्कूलाें में कई अन्य सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
शासन ने पहले चरण में 90 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में फर्नीचर, 173 में बिजली व 41 में हैंडपंप के लिए 2.32 करोड़ से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई है। अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को इसमें शामिल किया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक से सूची भी मंगवा ली गई है।
जिले में 2700 से अधिक प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल हैं। कुछ पूर्व माध्यमिक स्कूलों को कई वर्ष पहले फर्नीचर के लिए बजट दिया गया था, लेकिन लूटखसोट के कारण स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो सकी थी।
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ऐसी स्थिति में सरकारी स्कूलों में बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए काम कर रही है।
योजना के तहत जिले में सबसे अधिक छात्र संख्या वाले 90 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था के लिए 1.40 करोड़ रुपये शासन से मिले हैं।
इसके अलावा जिले के 173 परिषदीय स्कूलों में 62.89 लाख रुपये खर्च कर बिजली के कनेक्शन दिए जाएंगे। 41 स्कूलों में पानी की सुविधा के लिए 29.72 लाख रुपये मिले हैं।
बजट मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग फर्नीचर के लिए स्कूलों को और बिजली के कनेक्शन के लिए पॉवर कॉर्पोरेशन को बजट भेजने की तैयारी में जुट गया है। साथ ही हैंडपंप लगवाने के लिए जल निगम को बजट भेजा जाएगा।
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रायबरेली। परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थी भी अब जमीन पर टाट-पट्टी की बजाए कुर्सी-मेज पर बैठकर पढ़ाई करते दिखेंगे। वहीं स्कूलाें में कई अन्य सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
शासन ने पहले चरण में 90 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में फर्नीचर, 173 में बिजली व 41 में हैंडपंप के लिए 2.32 करोड़ से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई है। अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों को इसमें शामिल किया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक से सूची भी मंगवा ली गई है।
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जिले में 2700 से अधिक प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल हैं। कुछ पूर्व माध्यमिक स्कूलों को कई वर्ष पहले फर्नीचर के लिए बजट दिया गया था, लेकिन लूटखसोट के कारण स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो सकी थी।
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ऐसी स्थिति में सरकारी स्कूलों में बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए काम कर रही है।
योजना के तहत जिले में सबसे अधिक छात्र संख्या वाले 90 पूर्व माध्यमिक स्कूलों में छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था के लिए 1.40 करोड़ रुपये शासन से मिले हैं।
इसके अलावा जिले के 173 परिषदीय स्कूलों में 62.89 लाख रुपये खर्च कर बिजली के कनेक्शन दिए जाएंगे। 41 स्कूलों में पानी की सुविधा के लिए 29.72 लाख रुपये मिले हैं।
बजट मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग फर्नीचर के लिए स्कूलों को और बिजली के कनेक्शन के लिए पॉवर कॉर्पोरेशन को बजट भेजने की तैयारी में जुट गया है। साथ ही हैंडपंप लगवाने के लिए जल निगम को बजट भेजा जाएगा।