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लाइफ स्टाइल चेंज करिए और डायबिटीज के कहर से बचें
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:20 AM IST
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जीवन शैली बदलें और डायबिटीज के कहर से बचें
रायबरेली। जिले में लगातार डायबिटीज के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। 35 साल की उम्र के बाद डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। खानपान में सुधार और लाइफ स्टाइल को बदलकर इससे बचा जा सकता है। डायबिटीज की चपेट में आने वाले लोग भी एहतियात बरतकर इसके कहर से बच सकते हैं। आज विश्व मधुमेह दिवस है। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों में मधुमेह की जांच के लिए कैंप आयोजित किए जाएंगे।
आईएमए ने भी मधुमेह सप्ताह चलाने का निर्णय लिया है। आईएम के अध्यक्ष डॉ. एआर त्रिपाठी ने बताया कि इससे बचने के लिए अपना जीवन शैली को बदलना होगा। रोजाना व्यायाम बहुत जरूरी है। व्यायाम और खानपान को दुरुस्त करके इससे बचा जा सकता है। यदि इसमें लापरवाही बरती गई तो दवा की जरूरत पड़ जाएगी। उन्होंने बताया कि 18 नवंबर को आईएमए भवन में डायबिटीज की जांच के लिए कैंप लगाया जाएगा। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए यात्रा भी निकाली जाएगी। डायबिटीज बीमारी लोगों में तेजी से बढ़ रही है। खानपान दुरुस्त न होने के कारण ऐसा हो रहा है। जांच में इसकी जानकारी हो जाने के बाद भी लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं। रोगियों की जांच के लिए जिले की सभी सीएचसी में एनसीडी क्लीनिक खोली गईं हैं। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद इलाज शुरू किया जाता है। एनसीडी क्लीनिकों में जिले में 50 हजार से अधिक लोगों की जांच की गई, जिसमें 15 हजार से अधिक लोग डायबिटीज के रोगी मिले हैं।
डॉक्टर की सलाह- रहें सतर्क, नियमित करें व्यायाम
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सलीम का कहना है कि डायबिटीज से स्वयं को बचाया जा सकता है। इसके लिए अपने खानपान में सुधार लाना होगा। तेल से बनी वस्तुओं व चीनी का प्रयोग कम करना होगा। नियमित व्यायाम करना चाहिए। नींद भी पूरी आनी चाहिए। जंक फूड से तो स्वयं को बचाने का प्रयास करें। जो भी इसके चपेट में आ चुके हैं वे जरूर एहतियात बरतें। हृदय रोग विशेषज्ञ एवं फिजीशियन डॉ. मनीष मिश्र बताया कि रोगी के खून में ग्लूकोज की मात्रा आवश्यकता से अधिक होने पर उसे डायबिटीज हो जाती है। अगर डायबिटीज को कंट्रोल न किया तो ये हार्टअटैक, स्ट्रोक, किडनी अंधापन सता सकता है। इसके लिए नियमित व्यायाम बहुत जरूरी है।
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रायबरेली। जिले में लगातार डायबिटीज के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। 35 साल की उम्र के बाद डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। खानपान में सुधार और लाइफ स्टाइल को बदलकर इससे बचा जा सकता है। डायबिटीज की चपेट में आने वाले लोग भी एहतियात बरतकर इसके कहर से बच सकते हैं। आज विश्व मधुमेह दिवस है। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों में मधुमेह की जांच के लिए कैंप आयोजित किए जाएंगे।
आईएमए ने भी मधुमेह सप्ताह चलाने का निर्णय लिया है। आईएम के अध्यक्ष डॉ. एआर त्रिपाठी ने बताया कि इससे बचने के लिए अपना जीवन शैली को बदलना होगा। रोजाना व्यायाम बहुत जरूरी है। व्यायाम और खानपान को दुरुस्त करके इससे बचा जा सकता है। यदि इसमें लापरवाही बरती गई तो दवा की जरूरत पड़ जाएगी। उन्होंने बताया कि 18 नवंबर को आईएमए भवन में डायबिटीज की जांच के लिए कैंप लगाया जाएगा। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए यात्रा भी निकाली जाएगी। डायबिटीज बीमारी लोगों में तेजी से बढ़ रही है। खानपान दुरुस्त न होने के कारण ऐसा हो रहा है। जांच में इसकी जानकारी हो जाने के बाद भी लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं। रोगियों की जांच के लिए जिले की सभी सीएचसी में एनसीडी क्लीनिक खोली गईं हैं। जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद इलाज शुरू किया जाता है। एनसीडी क्लीनिकों में जिले में 50 हजार से अधिक लोगों की जांच की गई, जिसमें 15 हजार से अधिक लोग डायबिटीज के रोगी मिले हैं।
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डॉक्टर की सलाह- रहें सतर्क, नियमित करें व्यायाम
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सलीम का कहना है कि डायबिटीज से स्वयं को बचाया जा सकता है। इसके लिए अपने खानपान में सुधार लाना होगा। तेल से बनी वस्तुओं व चीनी का प्रयोग कम करना होगा। नियमित व्यायाम करना चाहिए। नींद भी पूरी आनी चाहिए। जंक फूड से तो स्वयं को बचाने का प्रयास करें। जो भी इसके चपेट में आ चुके हैं वे जरूर एहतियात बरतें। हृदय रोग विशेषज्ञ एवं फिजीशियन डॉ. मनीष मिश्र बताया कि रोगी के खून में ग्लूकोज की मात्रा आवश्यकता से अधिक होने पर उसे डायबिटीज हो जाती है। अगर डायबिटीज को कंट्रोल न किया तो ये हार्टअटैक, स्ट्रोक, किडनी अंधापन सता सकता है। इसके लिए नियमित व्यायाम बहुत जरूरी है।
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