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दुर्घटनाग्रस्त यूनिट के सभी मजदूर भेजे गए छुट्टी पर
Updated Sat, 04 Nov 2017 01:18 AM IST
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दुर्घटनाग्रस्त यूनिट के सभी मजदूर भेजे गए छुट्टी पर
रायबरेली। एनटीपीसी में हादसे के बाद यूनिट में काम करने वाले सभी मजदूरों को 20 दिन की छुट्टी दे दी गई है। उत्पादन कर रही चार अन्य यूनिटों में विश्वसनीय मजदूरों से ही काम चलाया जा रहा है। इस संबंध में एनटीपीसी के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
एनटीपीसी की 500 मेगावाट वाली यूनिट नंबर छह के बॉयलर का पाइप फट जाने से बुधवार को विस्फोट हो गया था। इसमें कई लोगों की मौत हो गई थी, जबकि काफी संख्या में श्रमिक अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। घटना के तीसरे दिन अचानक शुक्रवार को यूनिट में काम करने वाले मजदूरों को 20 दिन की छुट्टी पर भेज दिया गया है। अमर बहादुर, विजय सिंह, राजेंद्र कुमार, रामविशाल, हीरा सिंह का कहना है कि शुक्रवार की सुबह काम पर गए थे, जहां सीआईएसएफ ने अंदर जाने से रोक दिया। अफसरों से फोन पर बात की गई तो बताया कि 20 दिन बाद आना है। यही नहीं चार अन्य यूनिटों में काम करने वाले मजदूरों में से एक तिहाई मजदूरों के साथ मिलकर बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
अगर मजदूर रहेंगे तो छिपे राज आते रहेंगे सामने?
रायबरेली। एनटीपीसी प्रबंधन ने भले ही दुर्घटनाग्रस्त यूनिट के सभी मजदूरों को 20 दिन की छुट्टी दे दी है, लेकिन इसकी वजह यह भी बताई जा रही है कि अगर यूनिट के मजदूर परियोजना में ही रहेंगे तो उनके मुंह से कुछ न कुछ बातें निकलती रहेंगी। कहीं न कहीं जिन तथ्यों और राज को एनटीपीसी प्रबंधन छिपाने की कोशिश में जुटा हुआ है, उसमें नाकामी हाथ लग सकती है। अधिकारी और कर्मचारी तो मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन हादसे का मंजर देखने वाले मजदूर भय और आक्रोश के कारण अपनी जुबान खोल रहे हैं, जैसा कि गुरुवार को देखना को मिला। मजदूरों ने जमकर हंगामा किया और रोड जाम करने के साथ नेताओं के खिलाफ भी भड़ास निकाली थी।
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रायबरेली। एनटीपीसी में हादसे के बाद यूनिट में काम करने वाले सभी मजदूरों को 20 दिन की छुट्टी दे दी गई है। उत्पादन कर रही चार अन्य यूनिटों में विश्वसनीय मजदूरों से ही काम चलाया जा रहा है। इस संबंध में एनटीपीसी के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
एनटीपीसी की 500 मेगावाट वाली यूनिट नंबर छह के बॉयलर का पाइप फट जाने से बुधवार को विस्फोट हो गया था। इसमें कई लोगों की मौत हो गई थी, जबकि काफी संख्या में श्रमिक अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। घटना के तीसरे दिन अचानक शुक्रवार को यूनिट में काम करने वाले मजदूरों को 20 दिन की छुट्टी पर भेज दिया गया है। अमर बहादुर, विजय सिंह, राजेंद्र कुमार, रामविशाल, हीरा सिंह का कहना है कि शुक्रवार की सुबह काम पर गए थे, जहां सीआईएसएफ ने अंदर जाने से रोक दिया। अफसरों से फोन पर बात की गई तो बताया कि 20 दिन बाद आना है। यही नहीं चार अन्य यूनिटों में काम करने वाले मजदूरों में से एक तिहाई मजदूरों के साथ मिलकर बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
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अगर मजदूर रहेंगे तो छिपे राज आते रहेंगे सामने?
रायबरेली। एनटीपीसी प्रबंधन ने भले ही दुर्घटनाग्रस्त यूनिट के सभी मजदूरों को 20 दिन की छुट्टी दे दी है, लेकिन इसकी वजह यह भी बताई जा रही है कि अगर यूनिट के मजदूर परियोजना में ही रहेंगे तो उनके मुंह से कुछ न कुछ बातें निकलती रहेंगी। कहीं न कहीं जिन तथ्यों और राज को एनटीपीसी प्रबंधन छिपाने की कोशिश में जुटा हुआ है, उसमें नाकामी हाथ लग सकती है। अधिकारी और कर्मचारी तो मुंह खोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन हादसे का मंजर देखने वाले मजदूर भय और आक्रोश के कारण अपनी जुबान खोल रहे हैं, जैसा कि गुरुवार को देखना को मिला। मजदूरों ने जमकर हंगामा किया और रोड जाम करने के साथ नेताओं के खिलाफ भी भड़ास निकाली थी।
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