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जिले को आवंटित हुआ 400 क्विंटल आलू बीज
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रायबरेली। जिले के किसानों को आलू की बोवाई करने के लिए अब अच्छे किस्म के बीज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। शासन की ओर से जिले को 400 क्विंटल आलू बीज का आवंटन किया गया है। आलू के बढ़े दाम से हर कृषक में इस बार आलू की खेती करने को उत्सुकता दिख रही है।
जिले में बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है। सलोन क्षेत्र में सबसे अधिक आलू उत्पादन होता है। इसलिए सलोन को मिनी फर्रुखाबाद कहा जाता है। पिछले साल आलू की फसल बर्बाद हो गई थी। इससे कोल्ड स्टोरेज क्षमता के तहत नहीं भर पाए थे।
इसी वजह से आलू के दाम 30 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं। आलू खाने के लिए लोगों को अधिक जेब खाली करनी पड़ रही है। आलू की खेती करने के लिए किसानों तैयारी शुरू कर दी है। इसको देखते हुए जिले को आलू बीज का आवंटन कर दिया है।
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जिले में आलू किसानों की संख्या 40 हजार से ज्यादा है, जबकि शासन की ओर से महज 400 क्विंटल आलू बीज का आवंटन किया है। जाहिर है कि इसको लेकर मारामारी मचना निश्चित है। बीज वितरण के लिए अभी यहां पहुंचा भी नहीं कि सलोन क्षेत्र के एक किसान ने 40 क्विंटल आलू बीज की अकेले ही मांग कर दी है। जिला उद्यान विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जरूरत के हिसाब से अधिक से अधिक किसानों को आलू का बीज मुहैया कराया जाएगा।
आलू बीज के दाम पर एक नजर
आलू बीज (किस्म) रेट
आधारित प्रथम (एफ-1) 3150 रुपये प्रति क्विंटल
आधारित द्वितीय 2675 रुपये प्रति क्विंटल
आधारित प्रथम (एफ-1) ओवरसाइज 2455 रुपये प्रति क्विंटल
आधारित द्वितीय ओवरसाइज 2395 रुपये प्रति क्विंटल
सीड साइड 2280 रुपये प्रति क्विंटल
किसान भाई आलू की बोवाई करने की तैयारी शुरू कर दे हैं। यह मौसम आलू की बोवाई का उपयुक्त है। जिले के लिए शासन ने 400 क्विंटल आलू बीज का आवंटन किया है। जो 12 अक्तूबर तक यहां पर आ जाएगा, जिसके बाद वितरण कराया जाएगा। कई किस्म का आलू बीज मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग रेट तय किए गए हैं। वैसे तो आवंटन बीज कम है, लेकिन अधिक से अधिक किसानों को बीज दिए जाने का प्रयास किया जाएगा। - केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी
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जिले में बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है। सलोन क्षेत्र में सबसे अधिक आलू उत्पादन होता है। इसलिए सलोन को मिनी फर्रुखाबाद कहा जाता है। पिछले साल आलू की फसल बर्बाद हो गई थी। इससे कोल्ड स्टोरेज क्षमता के तहत नहीं भर पाए थे।
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इसी वजह से आलू के दाम 30 से 40 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं। आलू खाने के लिए लोगों को अधिक जेब खाली करनी पड़ रही है। आलू की खेती करने के लिए किसानों तैयारी शुरू कर दी है। इसको देखते हुए जिले को आलू बीज का आवंटन कर दिया है।
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जिले में आलू किसानों की संख्या 40 हजार से ज्यादा है, जबकि शासन की ओर से महज 400 क्विंटल आलू बीज का आवंटन किया है। जाहिर है कि इसको लेकर मारामारी मचना निश्चित है। बीज वितरण के लिए अभी यहां पहुंचा भी नहीं कि सलोन क्षेत्र के एक किसान ने 40 क्विंटल आलू बीज की अकेले ही मांग कर दी है। जिला उद्यान विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जरूरत के हिसाब से अधिक से अधिक किसानों को आलू का बीज मुहैया कराया जाएगा।
आलू बीज के दाम पर एक नजर
आलू बीज (किस्म) रेट
आधारित प्रथम (एफ-1) 3150 रुपये प्रति क्विंटल
आधारित द्वितीय 2675 रुपये प्रति क्विंटल
आधारित प्रथम (एफ-1) ओवरसाइज 2455 रुपये प्रति क्विंटल
आधारित द्वितीय ओवरसाइज 2395 रुपये प्रति क्विंटल
सीड साइड 2280 रुपये प्रति क्विंटल
किसान भाई आलू की बोवाई करने की तैयारी शुरू कर दे हैं। यह मौसम आलू की बोवाई का उपयुक्त है। जिले के लिए शासन ने 400 क्विंटल आलू बीज का आवंटन किया है। जो 12 अक्तूबर तक यहां पर आ जाएगा, जिसके बाद वितरण कराया जाएगा। कई किस्म का आलू बीज मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग रेट तय किए गए हैं। वैसे तो आवंटन बीज कम है, लेकिन अधिक से अधिक किसानों को बीज दिए जाने का प्रयास किया जाएगा। - केशवराम चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी