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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   35 million spent, yet yearning for rural water

35 लाख खर्च, फिर भी पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण

Mon, 22 Feb 2016 11:35 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 22 Feb 2016 11:35 PM IST
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सरेनी कस्बे में बनी पानी की टंकी ग्रामीणों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रही है। टंकी के निर्माण में 35 लाख रुपये खर्च कर दिए गए। बावजूद ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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जगह-जगह पाइप लाइनें ध्वस्त पड़ीं हैं। हालत यह है कि टोटियों से जलापूर्ति न होने के कारण ग्रामीण गड्ढा बनाकर जमीन में बिछाई गई पाइप लाइन से पानी भर रहे हैं। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सरेनी कस्बे में 40 साल पुरानी पानी टंकी से करीब एक दर्जन गांवों को आपूर्ति होती है। पांच साल पहले बोर खराब हो जाने के कारण यहां पर नई टंकी का निर्माण कराया गया।
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टंकी के निर्माण में लगभग 35 लाख रुपये खर्च हुए। पाइप लाइनें पुरानी होने के कारण गांवों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालत यह है कि पानी में फोर्स न होने के कारण टोटियां सूखी पड़ी है।

ग्रामीण गड्ढा खोदकर मेन पाइप लाइन से पानी भर रहे हैं। ग्रामीण देवेश साहू, गीता साहू, रमेश कुमार, अंकित व महेश ने बताया कि ठेकेदार टंकी के निर्माण में जमकर मनमानी की।


नई पाइप लाइनें बिछाने के बजाय पुरानी पाइप लाइनों से जलापूर्ति शुरू कर दी गई, जो पहले से चोक है। पाइप लाइनें चोक होने की वजह से सरेनी, सरेनी कस्बा, कुमेदार का पुरवा, लखनापुर, साहू नगर, धनपालपुर, रमईपुर सहित आदि गांवों में जलापूर्ति ठप है।

वहीं जलनिगम के एक्सईएन जनार्दन सिंह का दावा है कि जलापूर्ति हो रही है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
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