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27 हजार बच्चों के लगेंगे निमोनिया के टीके
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रायबरेली। कोरोना के कहर के बीच जिले के लिए राहत की खबर है। निमोनिया के कहर से मासूमों को बचाने के लिए प्रदेश के 56 जिलों में रायबरेली को भी शामिल किया गया है। अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से मासूमों को निमोनिया से बचाने की व्यवस्था नहीं थी।
न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (पीसीवी) 13 अगस्त से नियमित टीकाकरण में शामिल होगी। इसके लिए जिले को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान समय में जिले में करीब 27 लाख मासूमों को निमोनिया से बचाने के लिए पीवीसी का टीका लगेगा।
न्यूमोकोकल वैक्सीन मार्च माह में लांच की जानी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब इसे नियमित टीकाकरण में शामिल किया गया है। जिले में ब्लॉक स्तरीय कोल्ड चेन होल्डरों आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
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रायबरेली सहित 56 जिलों में यह वैक्सीन एक साथ लांच हो रही है। बाजार में इसकी कीमत बहुत अधिक होने के कारण लोग अपने मासूमों को यह वैक्सीन नहीं लगवा पाते थे। निमोनिया से तमाम बच्चे दम भी तोड़ रहे थे। यह टीका लगने के बाद मासूमों को निमोनिया से बचाया जा सकेगा।
न्यूमोकोकल वैक्सीन जन्म से एक साल की उम्र तक के बच्चों को तीन डोज इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी। पहला इंजेक्शन बच्चे के डेढ़ महीने का होने पर पेंटा-1 के साथ, दूसरा साढ़े तीन माह पर और तीसरा एमआर के साथ बच्चे के नौ माह के पूरा होने के बाद दिया जाएगा।
निमोनिया फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है। यह मुख्य रूप से बैक्टीरिया स्ट्रेपटोकॉकल न्युमोनी के कारण होता है। इसके साथ निमोनिया दवाओं और अन्य बीमारियों के संक्रमण से भी हो सकता है। निमोनिया के कारण अपर फ्लू जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
यह लक्षण धीरे-धीरे या फिर तेजी से विकसित हो जाते हैं। इसका मुख्य लक्षण खांसी, कमजोरी और बच्चा थका हुआ महसूस करता है। बुखार के साथ पसीना और कंपकंपी होती है। सांस तेज चलती है या सांस लेने में कठिनाई होती है। इसके अलावा भूख भी नहीं लगती है।
अब तक टीकाकरण में निमोनिया से बच्चों को बचाने के लिए कोई वैक्सीन नहीं थी। अब न्यूमोकोकल वैक्सीन नियमित टीकाकरण में 13 अगस्त से शामिल हो जाएगी। नौ माह तक के सभी बच्चों में यह टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी है। वैक्सीन भी पर्याप्त मात्रा में मिल चुकी है।- डॉ. खालिद रिजवान, एसीएमओ/ नोडल अधिकारी
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न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन (पीसीवी) 13 अगस्त से नियमित टीकाकरण में शामिल होगी। इसके लिए जिले को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान समय में जिले में करीब 27 लाख मासूमों को निमोनिया से बचाने के लिए पीवीसी का टीका लगेगा।
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न्यूमोकोकल वैक्सीन मार्च माह में लांच की जानी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब इसे नियमित टीकाकरण में शामिल किया गया है। जिले में ब्लॉक स्तरीय कोल्ड चेन होल्डरों आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
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रायबरेली सहित 56 जिलों में यह वैक्सीन एक साथ लांच हो रही है। बाजार में इसकी कीमत बहुत अधिक होने के कारण लोग अपने मासूमों को यह वैक्सीन नहीं लगवा पाते थे। निमोनिया से तमाम बच्चे दम भी तोड़ रहे थे। यह टीका लगने के बाद मासूमों को निमोनिया से बचाया जा सकेगा।
न्यूमोकोकल वैक्सीन जन्म से एक साल की उम्र तक के बच्चों को तीन डोज इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी। पहला इंजेक्शन बच्चे के डेढ़ महीने का होने पर पेंटा-1 के साथ, दूसरा साढ़े तीन माह पर और तीसरा एमआर के साथ बच्चे के नौ माह के पूरा होने के बाद दिया जाएगा।
निमोनिया फेफड़ों में होने वाला संक्रमण है। यह मुख्य रूप से बैक्टीरिया स्ट्रेपटोकॉकल न्युमोनी के कारण होता है। इसके साथ निमोनिया दवाओं और अन्य बीमारियों के संक्रमण से भी हो सकता है। निमोनिया के कारण अपर फ्लू जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
यह लक्षण धीरे-धीरे या फिर तेजी से विकसित हो जाते हैं। इसका मुख्य लक्षण खांसी, कमजोरी और बच्चा थका हुआ महसूस करता है। बुखार के साथ पसीना और कंपकंपी होती है। सांस तेज चलती है या सांस लेने में कठिनाई होती है। इसके अलावा भूख भी नहीं लगती है।
अब तक टीकाकरण में निमोनिया से बच्चों को बचाने के लिए कोई वैक्सीन नहीं थी। अब न्यूमोकोकल वैक्सीन नियमित टीकाकरण में 13 अगस्त से शामिल हो जाएगी। नौ माह तक के सभी बच्चों में यह टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी है। वैक्सीन भी पर्याप्त मात्रा में मिल चुकी है।- डॉ. खालिद रिजवान, एसीएमओ/ नोडल अधिकारी