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21 करोड़ से छह मॉडल स्कूल तैयार, नए सत्र से विद्यार्थियों को मिलेगा प्रवेश
Updated Mon, 12 Feb 2018 12:01 AM IST
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छह मॉडल स्कूल तैयार, नए सत्र से होगी पढ़ाई
रायबरेली। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की तर्ज पर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब पढ़ाई होगी। जिले में छह मॉडल स्कूल बनकर तैयार हो गए हैं।
यहां नए शैक्षिक सत्र से पढ़ाई शुरू होगी। करीब 21 करोड़ रुपये की लागत सेछह मॉडल स्कूलों के भवनों का निर्माण पूरा हो गया है। इससे इन ब्लॉकों के एक लाख से अधिक बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
करीब छह करोड़ की लागत के दो और मॉडल स्कूलों के भवनों के काम को पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं। इसकेे लिए डीएम ने टीमें भी गठित कर दी हैं। यदि समय से ये भवन भी तैयार हो गए तो आठ मॉडल स्कूल नए शिक्षासत्र से शुरू हो जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई ब्लॉकों में मॉडल स्कूल न होने के कारण बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए प्राइवेट स्कूलों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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शासन ने जिले में आठ मॉडल स्कूल संचालित कराने के लिए 27 करोड़ रुपये दिए थे। अब तक छतोह ब्लॉक के कुंवरमऊ, रोहनियां ब्लॉक के मतरमपुर, डलमऊ ब्लॉक के भीरागोविंदपुर, राही ब्लॉक के बसाढ़, महराजगंज ब्लॉक के पाराकला और खीरों ब्लॉक के हरीपुर निहस्था में छह स्कूलों के भवनों के निर्माण का काम पूरा हो गया है।
हालांकि ये स्कूल बीते सत्र में शुरू होने वाले थे, लेकिन स्टाफ व अन्य की व्यवस्था न होने के कारण स्कूलों का संचालन अगले सत्र में शुरू हो सकेगा।
डीएम ने निर्माणाधीन टेकारीदांदू और असहन जगतपुर के मॉडल स्कूलों के भवनों के निर्माण का काम समय से पूरा कराने के लिए टीमें बना दी है।
निर्माण इकाइयों को एक महीने के अंदर काम को पूरा कराने के आदेश दिए हैं। यदि इन स्कूलों के भवनों के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा तो नए शिक्षासत्र से आठ मॉडल स्कूलों का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे क्षेत्र के मेधावियों को कम खर्च पर बेहतर शिक्षा मिलनी शुरू हो जाएगी।
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रायबरेली। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की तर्ज पर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब पढ़ाई होगी। जिले में छह मॉडल स्कूल बनकर तैयार हो गए हैं।
यहां नए शैक्षिक सत्र से पढ़ाई शुरू होगी। करीब 21 करोड़ रुपये की लागत सेछह मॉडल स्कूलों के भवनों का निर्माण पूरा हो गया है। इससे इन ब्लॉकों के एक लाख से अधिक बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
करीब छह करोड़ की लागत के दो और मॉडल स्कूलों के भवनों के काम को पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं। इसकेे लिए डीएम ने टीमें भी गठित कर दी हैं। यदि समय से ये भवन भी तैयार हो गए तो आठ मॉडल स्कूल नए शिक्षासत्र से शुरू हो जाएंगे।
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माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई ब्लॉकों में मॉडल स्कूल न होने के कारण बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए प्राइवेट स्कूलों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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शासन ने जिले में आठ मॉडल स्कूल संचालित कराने के लिए 27 करोड़ रुपये दिए थे। अब तक छतोह ब्लॉक के कुंवरमऊ, रोहनियां ब्लॉक के मतरमपुर, डलमऊ ब्लॉक के भीरागोविंदपुर, राही ब्लॉक के बसाढ़, महराजगंज ब्लॉक के पाराकला और खीरों ब्लॉक के हरीपुर निहस्था में छह स्कूलों के भवनों के निर्माण का काम पूरा हो गया है।
हालांकि ये स्कूल बीते सत्र में शुरू होने वाले थे, लेकिन स्टाफ व अन्य की व्यवस्था न होने के कारण स्कूलों का संचालन अगले सत्र में शुरू हो सकेगा।
डीएम ने निर्माणाधीन टेकारीदांदू और असहन जगतपुर के मॉडल स्कूलों के भवनों के निर्माण का काम समय से पूरा कराने के लिए टीमें बना दी है।
निर्माण इकाइयों को एक महीने के अंदर काम को पूरा कराने के आदेश दिए हैं। यदि इन स्कूलों के भवनों के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा तो नए शिक्षासत्र से आठ मॉडल स्कूलों का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे क्षेत्र के मेधावियों को कम खर्च पर बेहतर शिक्षा मिलनी शुरू हो जाएगी।