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काम जगावे कामना, लोभ जगाये दाम...
Updated Mon, 30 Oct 2017 12:19 AM IST
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काम जगावे कामना, लोभ जगाये दाम...
रायबरेली। काम जगावे कामना, लोभ जगाये दाम। संत जगाये प्रेम रस, लेत राम का नाम। यह पंक्ति राही ब्लॉक क्षेत्र के बेंद गांव स्थित बाबा निर्मलदास की कुटी में चल रही श्रीमद ज्ञान यज्ञ और श्रीमद भागवत कथा में मुंशीगंज की कथावाचिका सरला तिवारी ने गाकर सुनाई। कथा वाचिका ने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब भगवान ने मां के गर्भ में अपना तेज पुंज स्थापित किया, उस समय कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल दिया। भगवान ने कारागार में अवतार लिया। मैया ने कहा, प्रभु हम तो बंधन में बंधे हैं। प्रभु ने कहा मैया स्पर्श करो मुझे मोह के बंधन के सारे ताले खुल जाएंगे। मां के स्पर्श करते ही ताले, बंधन व बेड़ियां सब खुल गईं।
कथावाचिका ने कहा कि जब-जब धरा पर पाप बढ़ा है तब-तब भगवान ने किसी न किसी रूप में अवतरित होकर पापियों का नाश कर धरती को पाप के बोझ से बचाया है। कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण का जन्म पापियों का वध करने के लिए हुआ। इस मौके पर राजेंद्र, राजू, विनय राठौर, बबलू सिंह आदि मौजूद रहे।
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रायबरेली। काम जगावे कामना, लोभ जगाये दाम। संत जगाये प्रेम रस, लेत राम का नाम। यह पंक्ति राही ब्लॉक क्षेत्र के बेंद गांव स्थित बाबा निर्मलदास की कुटी में चल रही श्रीमद ज्ञान यज्ञ और श्रीमद भागवत कथा में मुंशीगंज की कथावाचिका सरला तिवारी ने गाकर सुनाई। कथा वाचिका ने भगवान कृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब भगवान ने मां के गर्भ में अपना तेज पुंज स्थापित किया, उस समय कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में डाल दिया। भगवान ने कारागार में अवतार लिया। मैया ने कहा, प्रभु हम तो बंधन में बंधे हैं। प्रभु ने कहा मैया स्पर्श करो मुझे मोह के बंधन के सारे ताले खुल जाएंगे। मां के स्पर्श करते ही ताले, बंधन व बेड़ियां सब खुल गईं।
कथावाचिका ने कहा कि जब-जब धरा पर पाप बढ़ा है तब-तब भगवान ने किसी न किसी रूप में अवतरित होकर पापियों का नाश कर धरती को पाप के बोझ से बचाया है। कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम व भगवान श्रीकृष्ण का जन्म पापियों का वध करने के लिए हुआ। इस मौके पर राजेंद्र, राजू, विनय राठौर, बबलू सिंह आदि मौजूद रहे।
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