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बरवारीपुर माइनर में कटान, 100 बीघे धान की फसल जलमग्न
Updated Tue, 15 Aug 2017 12:49 AM IST
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बरवारीपुर माइनर कटी, 100 बीघे धान की फसल जलमग्न
रायबरेली। राही और अमावां ब्लॉक क्षेत्र होकर निकली बरवारीपुर माइनर की पटरी कटने से 100 बीघे धान, उड़द और मवेशियों का चारा डूब गया। बहाव तेज होने के कारण शिकंदरपुर गांव तक पानी पहुंच गया।
सड़कों पर जलभराव हो गया। इससे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। माइनर का पानी बंद कराकर जेसीबी से बंधवाना शुरू कर दिया है।
बरवारीपुर माइनर से राही और सतांव ब्लॉक क्षेत्र के किसान सिंचाई करते हैं। रविवार रात माइनर में अधिक पानी आ जाने के कारण नहर उफना गई। छेदी का पुरवा गांव के निकट पटरी कट गई।
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तेज बहाव होने के कारण करीब 100 बीघे फसल डूब गई। गांव तक पानी पहुंच गया। सुबह जब लोग सोकर उठे तो पूरा गांव पानी से घिरा मिला। इससे अफरातफरी मच गई। के छप्पर के नीचे तो किसी के तबेले में पानी घुस गया।
ग्रामीणों ने नहर को बांधने का प्रयास किया, लेकिन बहाल तेज होने के कारण ग्रामीण नहर को बांध नहीं सके। पानी का बहाव जारी है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि माइनर को नहीं बंद कराया गया तो घरों तक पानी घुस जाएगा।
कागजों पर होती पटरियों की मरम्मत
नहर की पटरी से ग्रामीणों में जबरदस्त नाराजगी है। ग्रामीण सीताराम, रामखेलावन, पप्पू यादव, सुनील ने बताया कि माइनर की पटरी जर्जर है। विभाग की ओर से पटरियों की मरम्मत नहीं कराई जाती है।
यही वजह है कि ज्यादा पानी छोड़ने पर नहर की पटरियां कट जाती है। न तो सफाई कराई जाती है न ही पटरियों की मरम्मत होती है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। पानी भरा होना से आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
माइनर में कटान होने की जानकारी हुई है। मौके पर कर्मचारियों को भेजा गया है। नहर का पानी बंद कराकर जेसीबी से नहर की पटरी को बंधवाने का काम शुरू करा दिया गया है। मरम्मत होने के बाद ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।-सिद्धार्थ कुमार सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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रायबरेली। राही और अमावां ब्लॉक क्षेत्र होकर निकली बरवारीपुर माइनर की पटरी कटने से 100 बीघे धान, उड़द और मवेशियों का चारा डूब गया। बहाव तेज होने के कारण शिकंदरपुर गांव तक पानी पहुंच गया।
सड़कों पर जलभराव हो गया। इससे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। माइनर का पानी बंद कराकर जेसीबी से बंधवाना शुरू कर दिया है।
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बरवारीपुर माइनर से राही और सतांव ब्लॉक क्षेत्र के किसान सिंचाई करते हैं। रविवार रात माइनर में अधिक पानी आ जाने के कारण नहर उफना गई। छेदी का पुरवा गांव के निकट पटरी कट गई।
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तेज बहाव होने के कारण करीब 100 बीघे फसल डूब गई। गांव तक पानी पहुंच गया। सुबह जब लोग सोकर उठे तो पूरा गांव पानी से घिरा मिला। इससे अफरातफरी मच गई। के छप्पर के नीचे तो किसी के तबेले में पानी घुस गया।
ग्रामीणों ने नहर को बांधने का प्रयास किया, लेकिन बहाल तेज होने के कारण ग्रामीण नहर को बांध नहीं सके। पानी का बहाव जारी है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि माइनर को नहीं बंद कराया गया तो घरों तक पानी घुस जाएगा।
कागजों पर होती पटरियों की मरम्मत
नहर की पटरी से ग्रामीणों में जबरदस्त नाराजगी है। ग्रामीण सीताराम, रामखेलावन, पप्पू यादव, सुनील ने बताया कि माइनर की पटरी जर्जर है। विभाग की ओर से पटरियों की मरम्मत नहीं कराई जाती है।
यही वजह है कि ज्यादा पानी छोड़ने पर नहर की पटरियां कट जाती है। न तो सफाई कराई जाती है न ही पटरियों की मरम्मत होती है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है। पानी भरा होना से आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
माइनर में कटान होने की जानकारी हुई है। मौके पर कर्मचारियों को भेजा गया है। नहर का पानी बंद कराकर जेसीबी से नहर की पटरी को बंधवाने का काम शुरू करा दिया गया है। मरम्मत होने के बाद ही नहर में पानी छोड़ा जाएगा।-सिद्धार्थ कुमार सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग