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एम्स में बिजली समस्या से मिलेगी निजात, 24 घंटे रहेगी बती
Updated Sat, 06 Oct 2018 12:50 AM IST
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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 24 घंटे बिजली रहेगी। पीजीआई चंडीगढ़ से पॉवर कॉर्पोरेशन को 46 लाख रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। बजट मिलने के बाद स्वतंत्र फीडर से बिजली आपूर्ति के लिए पॉवर कॉर्पोरेशन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एम्स में ओपीडी चल रही है। अगले साल से यहां एमबीबीएस की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। 2020 में भवन तैयार होने के बाद हॉस्पिटल काम शुरू कर देगा।
यहां इलाज तो शुरू हो गया है, लेकिन बिजली की समस्या से रोगियों के साथ ही यहां के स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एम्स को स्वतंत्र फीडर से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए पॉवर कॉर्पोरेशन से मिले इस्टीमेट के आधार पर पीजीआई चंडीगढ़ से 46,36,722 रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं।
स्वतंत्र फीडर से बिजली आपूर्ति के लिए बजट मिलने के बाद पॉवर कॉर्पोरेशन ने काम शुरू कर दिया है। जल्द ही एम्स स्वतंत्र फीडर से जुड़ने के बाद बिजली कटौती की समस्या से निजात मिल जाएगी।
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ट्रिपिंग से एम्स में जल चुके हैं कई जरूरी उपकरण
बिजली की ट्रिपिंग से अब तक एम्स में कई उपकरण फुंक चुके हैं। एक्सरे मशीन की पॉवर किट दो बार जल चुकी है। जिससे कई दिनों तक एक्सरे का काम प्रभावित रहा।
पैथोलॉजी में भी बिजली की ट्रिपिंग के कारण मशीनें कई बार धोखा दे चुकी हैं। बार-बार बिजली कटौती से रोगियों को भी परेशान होना पड़ता है। खासकर आवासीय परिसर में रात में रुकने वाले डॉक्टरों व अन्य स्टाफ को भी बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
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एम्स में ओपीडी चल रही है। अगले साल से यहां एमबीबीएस की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। 2020 में भवन तैयार होने के बाद हॉस्पिटल काम शुरू कर देगा।
यहां इलाज तो शुरू हो गया है, लेकिन बिजली की समस्या से रोगियों के साथ ही यहां के स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस समस्या से निजात दिलाने के लिए एम्स को स्वतंत्र फीडर से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए पॉवर कॉर्पोरेशन से मिले इस्टीमेट के आधार पर पीजीआई चंडीगढ़ से 46,36,722 रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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स्वतंत्र फीडर से बिजली आपूर्ति के लिए बजट मिलने के बाद पॉवर कॉर्पोरेशन ने काम शुरू कर दिया है। जल्द ही एम्स स्वतंत्र फीडर से जुड़ने के बाद बिजली कटौती की समस्या से निजात मिल जाएगी।
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ट्रिपिंग से एम्स में जल चुके हैं कई जरूरी उपकरण
बिजली की ट्रिपिंग से अब तक एम्स में कई उपकरण फुंक चुके हैं। एक्सरे मशीन की पॉवर किट दो बार जल चुकी है। जिससे कई दिनों तक एक्सरे का काम प्रभावित रहा।
पैथोलॉजी में भी बिजली की ट्रिपिंग के कारण मशीनें कई बार धोखा दे चुकी हैं। बार-बार बिजली कटौती से रोगियों को भी परेशान होना पड़ता है। खासकर आवासीय परिसर में रात में रुकने वाले डॉक्टरों व अन्य स्टाफ को भी बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।