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बैंकों में तालाबंदी, ठप रहा पांच अरब का कारोबार
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रायबरेली। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को बैंकों में तालाबंदी रही और कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल की वजह से पांच अरब रुपये का कारोबार ठप रहा।
बैंक कर्मियों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर जोरदारी के साथ आवाज उठाई।
बैंकों में कामकाज न होने से ग्राहकों को परेशानी हुई और उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। महज भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं खुली रही, लेकिन कामकाज प्रभावित रहा। उधर, शहर के प्रधान डाकघर और देहात क्षेत्रों के उप डाकघरों में भी हड़ताल रही। कर्मियों ने गुस्से का इजहार किया।
शहर से लेकर देहात क्षेत्र की बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक समेत अन्य बैंकों की करीब 342 शाखाओं के ताले नहीं खुले।
बैंकों के शटर बंद होने से लेनदेन करने पहुंचे ग्राहक निराश हुए। कुछ ग्राहक इस उम्मीद के साथ बैठे रहे कि शायद बैंक खुल जाए। हालांकि दोपहर बाद फिर मायूस होकर वापस लौट गए।
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बैंक कर्मचारी दो दिनी हड़ताल पर रहे। सभी ने बैंकों के सामने और फिर पंजाब नेशनल बैंक के सामने एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला महामंत्री मो. अयाज, जिलाध्यक्ष रामदेव, रमेश कुमार आश्रित, विशाल वर्मा, शेखर श्रीवास्तव, अशोक सोनकर, विनोद शुक्ला, दिवाकर ने कहा कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इसको लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा। जिला महामंत्री ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर सभी बैंकों में हड़ताल रही। यहां तक डाकघरों में भी कामकाज नहीं हुआ। हड़ताल से करीब पांच अरब का लेनदेन ठप रहा। बुधवार को भी हड़ताल रहेगी।
एटीएम हो गए खाली
बैंकों की हड़ताल के चलते रुपयों की निकासी का पूरा दबाव एटीएम पर रहा। दोपहर बाद बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम नोटों से खाली हो गए।
हड़ताल के कारण एटीएम में नोट नहीं डाले जा सके। इससे लोगों को धन के लिए भटकना पड़ा। हाथी पार्क के पास बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम में कैश नहीं था। ग्राहक रामभजन गुप्ता, संतोष यादव का कहना था कि धन की जरूरत थी। एटीएम में पैसे नहीं थे।
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बैंक कर्मियों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर जोरदारी के साथ आवाज उठाई।
बैंकों में कामकाज न होने से ग्राहकों को परेशानी हुई और उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा। महज भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं खुली रही, लेकिन कामकाज प्रभावित रहा। उधर, शहर के प्रधान डाकघर और देहात क्षेत्रों के उप डाकघरों में भी हड़ताल रही। कर्मियों ने गुस्से का इजहार किया।
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शहर से लेकर देहात क्षेत्र की बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक समेत अन्य बैंकों की करीब 342 शाखाओं के ताले नहीं खुले।
बैंकों के शटर बंद होने से लेनदेन करने पहुंचे ग्राहक निराश हुए। कुछ ग्राहक इस उम्मीद के साथ बैठे रहे कि शायद बैंक खुल जाए। हालांकि दोपहर बाद फिर मायूस होकर वापस लौट गए।
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बैंक कर्मचारी दो दिनी हड़ताल पर रहे। सभी ने बैंकों के सामने और फिर पंजाब नेशनल बैंक के सामने एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला महामंत्री मो. अयाज, जिलाध्यक्ष रामदेव, रमेश कुमार आश्रित, विशाल वर्मा, शेखर श्रीवास्तव, अशोक सोनकर, विनोद शुक्ला, दिवाकर ने कहा कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इसको लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा। जिला महामंत्री ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक को छोड़कर सभी बैंकों में हड़ताल रही। यहां तक डाकघरों में भी कामकाज नहीं हुआ। हड़ताल से करीब पांच अरब का लेनदेन ठप रहा। बुधवार को भी हड़ताल रहेगी।
एटीएम हो गए खाली
बैंकों की हड़ताल के चलते रुपयों की निकासी का पूरा दबाव एटीएम पर रहा। दोपहर बाद बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम नोटों से खाली हो गए।
हड़ताल के कारण एटीएम में नोट नहीं डाले जा सके। इससे लोगों को धन के लिए भटकना पड़ा। हाथी पार्क के पास बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम में कैश नहीं था। ग्राहक रामभजन गुप्ता, संतोष यादव का कहना था कि धन की जरूरत थी। एटीएम में पैसे नहीं थे।