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काली पट्टी बांधकर डॉक्टरों ने भरी हुंकार, चेताया
Updated Tue, 02 Oct 2018 01:09 AM IST
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रायबरेली। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) ने मांगें पूरी नहीं होने पर सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। जिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी व पीएचसी मेें डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर ओपीडी की। इसके बाद बैठक कर चेतावनी दी कि मांगें पूूरी नहीं की गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. अल्ताफ हुसैन ने कहा कि, डॉक्टर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। चिकित्सकों को मूल वेतन का 35 प्रतिशत प्रैक्टिस बंदी भत्ता एक जनवरी 2016 से दिया जाए। लंबे समय से प्रोन्नति नहीं की गई है। अत: प्रोन्नति करने के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों को योग्यता के आधार पर वेतन व भत्ता दिया जाए।
ग्रामीण भत्ता मूल वेतन का 25 प्रतिशत किया जाए। उन्होंने कहा कि, नोएडा मेें डॉक्टरों को वाहन भत्ता या 40 लीटर पेट्रोल/डीजल दिया जाता है। यही व्यवस्था यहां भी लागू की जाए।
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संघ के मंत्री डॉ. भावेश सिंह ने कहा कि, राजपत्रित अवकाशों पर सिर्फ इमरजेंसी सेवा ही दी जाए। ओपीडी बंद रखी जाए। डॉक्टरों के कार्य के घंटों का भी निर्धारण किया जाए। सभी डॉक्टरों ने तत्काल मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी।
इस मौके पर सीएमएस डॉ. रेनू वर्मा, डॉ. सलीम, डॉ. रेनू चौधरी, डॉ. राजीव चौधरी, डॉ. जय सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. एलपी सोनकर आदि मौजूद रहे। सीएचसी व पीएचसी में भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. अल्ताफ हुसैन ने कहा कि, डॉक्टर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। चिकित्सकों को मूल वेतन का 35 प्रतिशत प्रैक्टिस बंदी भत्ता एक जनवरी 2016 से दिया जाए। लंबे समय से प्रोन्नति नहीं की गई है। अत: प्रोन्नति करने के साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों को योग्यता के आधार पर वेतन व भत्ता दिया जाए।
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ग्रामीण भत्ता मूल वेतन का 25 प्रतिशत किया जाए। उन्होंने कहा कि, नोएडा मेें डॉक्टरों को वाहन भत्ता या 40 लीटर पेट्रोल/डीजल दिया जाता है। यही व्यवस्था यहां भी लागू की जाए।
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संघ के मंत्री डॉ. भावेश सिंह ने कहा कि, राजपत्रित अवकाशों पर सिर्फ इमरजेंसी सेवा ही दी जाए। ओपीडी बंद रखी जाए। डॉक्टरों के कार्य के घंटों का भी निर्धारण किया जाए। सभी डॉक्टरों ने तत्काल मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी।
इस मौके पर सीएमएस डॉ. रेनू वर्मा, डॉ. सलीम, डॉ. रेनू चौधरी, डॉ. राजीव चौधरी, डॉ. जय सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. एलपी सोनकर आदि मौजूद रहे। सीएचसी व पीएचसी में भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया।