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2786 निजी व 65 राजकीय
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:33 AM IST
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2786 निजी व 65 राजकीय नलकूप बंद होने की कगार पर
रायबरेली। लो-वोल्टेज की समस्या से विद्युत उपकेंद्र हरचंदुपर, अटौरा और गुरुबख्शगंज उपकेंद्रों से जुड़े 2786 निजी नलकूप और 65 राजकीय नलकूप बंद होने की कगार पर हैं। तीनों उपकेंद्र ओवरलोड हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए दो साल पहले दो नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण शुरू कराया गया था, लेकिन अभी तक यह चालू नहीं हो सके हैं। लो-वोल्टेज और जलस्तर काफी नीचे होने के चलते विद्युत मोटरें काम नहीं का पा रही है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने चीफ इंजीनियर को पत्र भेजकर उपकेंद्रों को अतिशीघ्र चालू कराए जाने का अनुरोध किया है।
चीफ इंजीनियर को भेजे गए पत्र में अधिशासी अभियंता ने बताया कि विद्युत उपकेंद्र अटौरा व गुरुबख्शगंज उपकेंद्र ओवरलोड होने के चलते पोरई गांव में नया विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण होते ही दोनों उपकेंद्रों का लोड बांट दिया जाएगा। इससे लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिल जाएगी। इसी तरह हरचंदपुर उपकेंद्र को निर्माणाधीन उपकेंद्र रहवां से जोड़ने की तैयारी थी, लेकिन अब तक उपकेंद्र चालू नहीं हो सका। दोनों ब्लॉकों में जलस्तर बहुत नीचे होने और क्षेत्र में नहर की सुविधा नहीं होने से खेती राजकीय नलकूप और निजी नलकूपों के सहारे हो रही है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और किसान इन दोनों उपकेंद्रों को चालू कराने का दबाव बना रहे हैं।
करीब छह करोड़ की लागत से बन रहे उपकेंद्र
दोनों उपकेंद्रों का निर्माण करीब छह करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। पोरई का निर्माण कार्य तो पूरा हो गया है, लेकिन यहां पर अभी तक लाइनाें का निर्माण नहीं हो सका है। निर्माण कराने वाले ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। इसी तरह रहवां उपकेंद्र का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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मामला संज्ञान में आया है। निर्माण एजेंसियों को तलब किया जाएगा। अगले सप्ताह तक पेारई के सब स्टेशन को चलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही रहवां के उपकेंद्र के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे।- वीके रस्तोगी, चीफ इंजीनियर, पावर कॉर्पोरेशन
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रायबरेली। लो-वोल्टेज की समस्या से विद्युत उपकेंद्र हरचंदुपर, अटौरा और गुरुबख्शगंज उपकेंद्रों से जुड़े 2786 निजी नलकूप और 65 राजकीय नलकूप बंद होने की कगार पर हैं। तीनों उपकेंद्र ओवरलोड हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए दो साल पहले दो नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण शुरू कराया गया था, लेकिन अभी तक यह चालू नहीं हो सके हैं। लो-वोल्टेज और जलस्तर काफी नीचे होने के चलते विद्युत मोटरें काम नहीं का पा रही है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने चीफ इंजीनियर को पत्र भेजकर उपकेंद्रों को अतिशीघ्र चालू कराए जाने का अनुरोध किया है।
चीफ इंजीनियर को भेजे गए पत्र में अधिशासी अभियंता ने बताया कि विद्युत उपकेंद्र अटौरा व गुरुबख्शगंज उपकेंद्र ओवरलोड होने के चलते पोरई गांव में नया विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। इसका निर्माण होते ही दोनों उपकेंद्रों का लोड बांट दिया जाएगा। इससे लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिल जाएगी। इसी तरह हरचंदपुर उपकेंद्र को निर्माणाधीन उपकेंद्र रहवां से जोड़ने की तैयारी थी, लेकिन अब तक उपकेंद्र चालू नहीं हो सका। दोनों ब्लॉकों में जलस्तर बहुत नीचे होने और क्षेत्र में नहर की सुविधा नहीं होने से खेती राजकीय नलकूप और निजी नलकूपों के सहारे हो रही है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और किसान इन दोनों उपकेंद्रों को चालू कराने का दबाव बना रहे हैं।
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करीब छह करोड़ की लागत से बन रहे उपकेंद्र
दोनों उपकेंद्रों का निर्माण करीब छह करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है। पोरई का निर्माण कार्य तो पूरा हो गया है, लेकिन यहां पर अभी तक लाइनाें का निर्माण नहीं हो सका है। निर्माण कराने वाले ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। इसी तरह रहवां उपकेंद्र का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
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मामला संज्ञान में आया है। निर्माण एजेंसियों को तलब किया जाएगा। अगले सप्ताह तक पेारई के सब स्टेशन को चलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही रहवां के उपकेंद्र के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए जाएंगे।- वीके रस्तोगी, चीफ इंजीनियर, पावर कॉर्पोरेशन