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पीएम नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के सपने का एक सच यह भी
Updated Fri, 19 Jan 2018 12:33 AM IST
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प्रसाधन कक्ष को बनाया किचेन, झोपड़ी में आशियाना
डलमऊ (रायबरेली)। पीएम नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर गरीब को छत मिले और हर घर में प्रसाधन हो। इसी सपने को साकार करने के लिए जिले में अब तक करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र के कनहा गांव में एक परिवार ने प्रसाधन को ही किचेन बना रखा है।
इस गरीब परिवार को आज तक प्रधानमंत्री आवास तक नहीं दिया गया है। वृद्ध दंपती प्रसाधन कक्ष में गृहस्थी का सामान रखने के साथ ही भोजन भी पकाती है।
अपर मुख्य सचिव 19 जनवरी को इस गांव की जमीनी हकीकत को देखने यहां पहुंचेंगे। अफसर गुरुवार से ही गांव को चमकाने में जुटे हैं, लेकिन किसी की भी नजर इस वृद्ध दंपती पर नहीं पड़ी।
दो दिवसीय दौरे पर आए आरईडी के अपर मुख्य सचिव इफ्तेखारुद्दीन 19 जनवरी को डलमऊ क्षेत्र के कनहा गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं से रूबरू होंगे।
इस गांव में रहने वाली बूधा व उसके पति जगन्नाथ को अब तक आवास की सुविधा नहीं मिली है। पिछले साल उसे एक प्रसाधन कक्ष मिला था।
उसे बनवाने के बाद बूथा ने प्रसाधन कक्ष को अपना किचेन बना लिया है। गृहस्थी का सामान भी प्रसाधन कक्ष में ही रखा गया है। प्रसाधन के बगल में ही झोपड़ी में रात गुजारनी पड़ती है। गांव में एक कच्ची कोठरी भी है जिसमें उसका बेटा रहता है।
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सरकार की मंशा है कि हर छत विहीन गरीब को छत दी जाए इसके लिए प्रधानमंत्री आवास देने में अब तक करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन बूधा और जगन्नाथ को छत देने के लिए अब तक कोई भी सामने नहीं आया है।
अपर मुख्य सचिव को सबकुछ अच्छा दिखाने के लिए गुरुवार को ही सभी विभागों के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर कागजी खानापूरी करने में जुट गए हैं, लेकिन इस दंपती पर किसी की नजर नहीं पड़ी है।
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डलमऊ (रायबरेली)। पीएम नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर गरीब को छत मिले और हर घर में प्रसाधन हो। इसी सपने को साकार करने के लिए जिले में अब तक करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र के कनहा गांव में एक परिवार ने प्रसाधन को ही किचेन बना रखा है।
इस गरीब परिवार को आज तक प्रधानमंत्री आवास तक नहीं दिया गया है। वृद्ध दंपती प्रसाधन कक्ष में गृहस्थी का सामान रखने के साथ ही भोजन भी पकाती है।
अपर मुख्य सचिव 19 जनवरी को इस गांव की जमीनी हकीकत को देखने यहां पहुंचेंगे। अफसर गुरुवार से ही गांव को चमकाने में जुटे हैं, लेकिन किसी की भी नजर इस वृद्ध दंपती पर नहीं पड़ी।
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दो दिवसीय दौरे पर आए आरईडी के अपर मुख्य सचिव इफ्तेखारुद्दीन 19 जनवरी को डलमऊ क्षेत्र के कनहा गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं से रूबरू होंगे।
इस गांव में रहने वाली बूधा व उसके पति जगन्नाथ को अब तक आवास की सुविधा नहीं मिली है। पिछले साल उसे एक प्रसाधन कक्ष मिला था।
उसे बनवाने के बाद बूथा ने प्रसाधन कक्ष को अपना किचेन बना लिया है। गृहस्थी का सामान भी प्रसाधन कक्ष में ही रखा गया है। प्रसाधन के बगल में ही झोपड़ी में रात गुजारनी पड़ती है। गांव में एक कच्ची कोठरी भी है जिसमें उसका बेटा रहता है।
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सरकार की मंशा है कि हर छत विहीन गरीब को छत दी जाए इसके लिए प्रधानमंत्री आवास देने में अब तक करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन बूधा और जगन्नाथ को छत देने के लिए अब तक कोई भी सामने नहीं आया है।
अपर मुख्य सचिव को सबकुछ अच्छा दिखाने के लिए गुरुवार को ही सभी विभागों के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर कागजी खानापूरी करने में जुट गए हैं, लेकिन इस दंपती पर किसी की नजर नहीं पड़ी है।