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गौशाला निर्माण में धांधली, सरिया व ईंट की गुणवता मिली खराब
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नगर पंचायत के जेई की जांच में हुआ खुलासा, सुधार के दिए निर्देश
डलमऊ (रायबरेली)। नगर पंचायत डलमऊ में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में मनमानी थम नहीं रही है। इंटरलॉकिंग निर्माण में धांधली तो कहीं नालियों के निर्माण में मनमानी उजागर होती है। अफसर केवल चेतावनी और नोटिस देते हैं। वे कार्रवाई करना भूल जाते हैं।
आज कल डलमऊ नगर पंचायत में यही हो रहा है। शनिवार को नगर पंचायत के अवर अभियंता ने श्मशान घाट के निकट बन रहे गोशाला निर्माण में मनमानी उजागर हुई। सरिया और ईंट की गुणवत्ता खराब मिली। अभियंता ने सुधार करने की चेतावनी देकर चले आए, लेकिन निर्माण कार्य वैसे का वैसे चल रहा है।
काम बंद तक नहीं किया गया। डलमऊ नगर पंचायत व आसपास के गांवों में छुट्टा मवेशियों को रखने के लिए गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है। अभी बाउंड्रीवाल बन रही है। इसके निर्माण में जो ईंट लगाई जा रही है, वह बेहद खराब है।
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सरिया की मोटाई मानक से कम है। अवर अभियंता जियालाल ने बताया निर्माण की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए गए है। यदि काम ईंट व सरिया की गुणवत्ता ठीक नहीं हुई तो कार्रवाई की जाएगी।
इंटरलॉकिंग के काम में नहीं हुआ सुधार
नगर पंचायत डलमऊ में लोक निर्माण विभाग की सड़कों के किनारे-किनारे इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि कहीं पर ईंट धंस गई है तो कहीं पर सड़क से ऊंची इंटरलॉकिंग लगाई गई है।
एक करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से यह सब निर्माण हो रहा है, लेकिन गुणवत्ता देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि धन का किस तरह बंदरबांट किया जा रहा है। खास बात यह है कि एक सप्ताह में नगर पंचायत के जेई जियालाल ने ही निर्माण कार्य की जांच की थी, जिसमें मनमानी उजागर हुई।
काम में सुधार के निर्देश दिए गए, लेकिन हालत वैसे के वैसे ही हैं। मुराई बाग चौराहे से डलमऊ रोड पर बनाई जा रही इंटरलॉकिंग सड़क में ग्रेड रहित ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। टूटी ईंटों का प्रयोग हो रहा है। कस्बे के दिनेश मोदनवाल, मनोज कुमार मिश्रा, कैलाश नाथ, अशोक कुमार, सुधीर कुमार, ओम प्रकाश, कमलेश ने बताया कि जांच के बाद भी निर्माण में कोई सुधार नहीं हुआ।
जांच और नोटिस की कार्रवाई केवल धन उगाही के लिए की जाती है। उधर, जेई ने बताया कि इंटरलॉकिग का निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार को निर्माण कार्य सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। यदि काम दोबारा नहीं कराया गया तो भुगतान रोक दिया जाएगा।
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डलमऊ (रायबरेली)। नगर पंचायत डलमऊ में कराए जा रहे निर्माण कार्यों में मनमानी थम नहीं रही है। इंटरलॉकिंग निर्माण में धांधली तो कहीं नालियों के निर्माण में मनमानी उजागर होती है। अफसर केवल चेतावनी और नोटिस देते हैं। वे कार्रवाई करना भूल जाते हैं।
आज कल डलमऊ नगर पंचायत में यही हो रहा है। शनिवार को नगर पंचायत के अवर अभियंता ने श्मशान घाट के निकट बन रहे गोशाला निर्माण में मनमानी उजागर हुई। सरिया और ईंट की गुणवत्ता खराब मिली। अभियंता ने सुधार करने की चेतावनी देकर चले आए, लेकिन निर्माण कार्य वैसे का वैसे चल रहा है।
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काम बंद तक नहीं किया गया। डलमऊ नगर पंचायत व आसपास के गांवों में छुट्टा मवेशियों को रखने के लिए गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है। अभी बाउंड्रीवाल बन रही है। इसके निर्माण में जो ईंट लगाई जा रही है, वह बेहद खराब है।
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सरिया की मोटाई मानक से कम है। अवर अभियंता जियालाल ने बताया निर्माण की गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए गए है। यदि काम ईंट व सरिया की गुणवत्ता ठीक नहीं हुई तो कार्रवाई की जाएगी।
इंटरलॉकिंग के काम में नहीं हुआ सुधार
नगर पंचायत डलमऊ में लोक निर्माण विभाग की सड़कों के किनारे-किनारे इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब है कि कहीं पर ईंट धंस गई है तो कहीं पर सड़क से ऊंची इंटरलॉकिंग लगाई गई है।
एक करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से यह सब निर्माण हो रहा है, लेकिन गुणवत्ता देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि धन का किस तरह बंदरबांट किया जा रहा है। खास बात यह है कि एक सप्ताह में नगर पंचायत के जेई जियालाल ने ही निर्माण कार्य की जांच की थी, जिसमें मनमानी उजागर हुई।
काम में सुधार के निर्देश दिए गए, लेकिन हालत वैसे के वैसे ही हैं। मुराई बाग चौराहे से डलमऊ रोड पर बनाई जा रही इंटरलॉकिंग सड़क में ग्रेड रहित ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। टूटी ईंटों का प्रयोग हो रहा है। कस्बे के दिनेश मोदनवाल, मनोज कुमार मिश्रा, कैलाश नाथ, अशोक कुमार, सुधीर कुमार, ओम प्रकाश, कमलेश ने बताया कि जांच के बाद भी निर्माण में कोई सुधार नहीं हुआ।
जांच और नोटिस की कार्रवाई केवल धन उगाही के लिए की जाती है। उधर, जेई ने बताया कि इंटरलॉकिग का निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार को निर्माण कार्य सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। यदि काम दोबारा नहीं कराया गया तो भुगतान रोक दिया जाएगा।