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कोचिंग संस्थानों में छापे, आग से निपटने के संसाधन नहीं मिले, 20 संचालकों को नोटिस
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कोचिंग संस्थानों में आग से निपटने के नहीं मिले संसाधन, 20 को नोटिस
रायबरेली। गुजरात प्रांत के सूरत में कोचिंग संस्थान में भीषण हादसे के बाद अग्निशमन विभाग ने शहर में मानकों को ताक पर रखकर संचालित कोचिंग के खिलाफ शिकंजा कसा है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आरके मिश्रा की टीम ने शहर के कोचिंग संस्थानों में छापेमारी की तो आधे से अधिक संस्थानों में आग से निपटने के कोई बंदोबस्त नहीं मिले। हालांकि कुछ संस्थानों में आधे-अधूरे संसाधन जरूर मिले।
संबंधित 20 कोचिंग के संचालकों को नोटिस देकर सात दिन में आग से निपटने के संसाधनों की व्यवस्था करने या कोचिंग को बंद करने के निर्देश दिए हैं।
शहर में अधिकारियों की नाक के नीचे ऐसी कई संस्थाएं संचालित हैं, जिन्होंने मानक एक भी पूरे नहीं किए। संचालकों ने मानकों को ताक पर रखकर डीआईओएस कार्यालय में पंजीयन करवाया है।
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तमाम ऐसी भी कोचिंग हैं जिनका पंजीयन तक नहीं है। सूरत में घटना के बाद अग्निशमन विभाग गंभीर हो गया हो गया है। मंगलवार को मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजीव कुमार पांडेय, तुलसीराम, शत्रुघ्न आदि की टीम ने शहर के कोचिंग संस्थानों में छापेमारी की।
आधे से अधिक कोचिंग संस्थानों में आग से निपटने के कोई बंदोबस्त नहीं मिले। कोचिंग के संचालकों को नोटिस देकर सात दिन में बंदोबस्त करने के आदेश दिए गए।
शहर के गुरुदेव कोचिंग, कुमार एवं नारंग, जयगणेश कोचिंग, अमेरिकन कोचिंग, परिवर्तन इंस्टीट्यूट, साई इंस्टीट्यूट, विवेकानंद कोचिंग, प्रवीण क्लासेज, सार्थक कोचिंग, रामाकृष्णा कोचिंग में आग से निपटने के कोई बंदोबस्त नहीं मिले।
इसके अलावा दिशा इंस्टीट्यूट, इंडियन कोचिंग, शाम कंप्यूटर, सनशिक्षा अकादमी, अवस्थी कोचिंग, दीप कोचिंग आदि में आग से निपटने के कुछ संसाधन मिले, लेकिन सभी मानक पूरे नहीं मिले। कोचिंग के संचालकों को एक सप्ताह में मानक पूरा कराने के आदेश दिए गए।
जिले में 162 कोचिंग संस्थाएं पंजीकृत हैं। इनमें सत्र 2016-17 में पांच, 2017-18 में 114 और 2018-19 में 43 संस्थाएं पंजीकृत हुईं। एक कोचिंग संस्थान का पंजीयन तीन साल के लिए होता है।
पंजीयन कराने वाली संस्थाओं में भी महज 12 संस्थान ऐसे हैं, जिन्होंने असीमित छात्र संख्या दिखाई है, जबकि 50 संस्थाओं ने महज 100 छात्रों के लिए पंजीयन कराया है।
बाकी सभी संस्थाओं ने 20, 30, 50 की संख्या दिखाकर रजिस्ट्रेशन कराया लिया और अपने यहां 100 से अधिक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय में कर्मचारियों को आग से निपटने के टिप्स दिए।
उन्हें आग लगने पर बचने के बारे में बताया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आरके पांडेय ने कर्मचारियों से कहा कि थोड़ी से चूक होने पर हादसा हो सकता है, इसलिए इससे बचने के लिए जागरूक होने की जरूरत है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आरके पांडेय ने कहा कि 20 कोचिंग संस्थानों को चेक किया गया। आधे से अधिक कोचिंग संस्थानों में आग से निपटने के कोई बंदोबस्त नहीं मिले। सभी को नोटिस दिया है।
अभियान को जारी रखा जाएगा। एक सप्ताह बाद दोबारा चेकिंग की जाएगी। मानक पूरा न कराने वाले संचालकों पर कार्रवाई होगी।
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रायबरेली। गुजरात प्रांत के सूरत में कोचिंग संस्थान में भीषण हादसे के बाद अग्निशमन विभाग ने शहर में मानकों को ताक पर रखकर संचालित कोचिंग के खिलाफ शिकंजा कसा है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आरके मिश्रा की टीम ने शहर के कोचिंग संस्थानों में छापेमारी की तो आधे से अधिक संस्थानों में आग से निपटने के कोई बंदोबस्त नहीं मिले। हालांकि कुछ संस्थानों में आधे-अधूरे संसाधन जरूर मिले।
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संबंधित 20 कोचिंग के संचालकों को नोटिस देकर सात दिन में आग से निपटने के संसाधनों की व्यवस्था करने या कोचिंग को बंद करने के निर्देश दिए हैं।
शहर में अधिकारियों की नाक के नीचे ऐसी कई संस्थाएं संचालित हैं, जिन्होंने मानक एक भी पूरे नहीं किए। संचालकों ने मानकों को ताक पर रखकर डीआईओएस कार्यालय में पंजीयन करवाया है।
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तमाम ऐसी भी कोचिंग हैं जिनका पंजीयन तक नहीं है। सूरत में घटना के बाद अग्निशमन विभाग गंभीर हो गया हो गया है। मंगलवार को मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजीव कुमार पांडेय, तुलसीराम, शत्रुघ्न आदि की टीम ने शहर के कोचिंग संस्थानों में छापेमारी की।
आधे से अधिक कोचिंग संस्थानों में आग से निपटने के कोई बंदोबस्त नहीं मिले। कोचिंग के संचालकों को नोटिस देकर सात दिन में बंदोबस्त करने के आदेश दिए गए।
शहर के गुरुदेव कोचिंग, कुमार एवं नारंग, जयगणेश कोचिंग, अमेरिकन कोचिंग, परिवर्तन इंस्टीट्यूट, साई इंस्टीट्यूट, विवेकानंद कोचिंग, प्रवीण क्लासेज, सार्थक कोचिंग, रामाकृष्णा कोचिंग में आग से निपटने के कोई बंदोबस्त नहीं मिले।
इसके अलावा दिशा इंस्टीट्यूट, इंडियन कोचिंग, शाम कंप्यूटर, सनशिक्षा अकादमी, अवस्थी कोचिंग, दीप कोचिंग आदि में आग से निपटने के कुछ संसाधन मिले, लेकिन सभी मानक पूरे नहीं मिले। कोचिंग के संचालकों को एक सप्ताह में मानक पूरा कराने के आदेश दिए गए।
जिले में 162 कोचिंग संस्थाएं पंजीकृत हैं। इनमें सत्र 2016-17 में पांच, 2017-18 में 114 और 2018-19 में 43 संस्थाएं पंजीकृत हुईं। एक कोचिंग संस्थान का पंजीयन तीन साल के लिए होता है।
पंजीयन कराने वाली संस्थाओं में भी महज 12 संस्थान ऐसे हैं, जिन्होंने असीमित छात्र संख्या दिखाई है, जबकि 50 संस्थाओं ने महज 100 छात्रों के लिए पंजीयन कराया है।
बाकी सभी संस्थाओं ने 20, 30, 50 की संख्या दिखाकर रजिस्ट्रेशन कराया लिया और अपने यहां 100 से अधिक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय में कर्मचारियों को आग से निपटने के टिप्स दिए।
उन्हें आग लगने पर बचने के बारे में बताया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी आरके पांडेय ने कर्मचारियों से कहा कि थोड़ी से चूक होने पर हादसा हो सकता है, इसलिए इससे बचने के लिए जागरूक होने की जरूरत है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आरके पांडेय ने कहा कि 20 कोचिंग संस्थानों को चेक किया गया। आधे से अधिक कोचिंग संस्थानों में आग से निपटने के कोई बंदोबस्त नहीं मिले। सभी को नोटिस दिया है।
अभियान को जारी रखा जाएगा। एक सप्ताह बाद दोबारा चेकिंग की जाएगी। मानक पूरा न कराने वाले संचालकों पर कार्रवाई होगी।