{"_id":"5b79baf842c79246452de8d1","slug":"151534704376-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिद्धू का जाना भारतवासियों को अच्छा नहीं लगा-दिनेश शर्मा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिद्धू का जाना भारतवासियों को अच्छा नहीं लगा-दिनेश शर्मा
Updated Mon, 20 Aug 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा का कहना है कि पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिद्धू को अटल जी ही राजनीति में लाए थे। सिद्धू भी उन्हें अभिभावक बोलते थे।
उनकी अंतिम यात्रा में शामिल न होकर वह दूसरे देश जाएं तो लोगों के मन में शंका जरूर पैदा होगी। वह रविवार को फीरोज गांधी सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचे थे। यहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और गीतकार गोपालदास नीरज को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में गुलाम कश्मीर के राष्ट्रपति के साथ सिद्धू का बैठना भारतवासियों को अच्छा नहीं लगा होगा। कहा कि सिद्धू गए, नहीं गए।
विज्ञापन
जाना चाहिए, नहीं जाना चाहिए, यह मेरा विषय नहीं है। सिद्धू की अपनी पार्टी है। उसके अपने विचार हैं, वह अपने निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
सिद्धू की प्राथमिकता है कि वह किसको चाहते हैं। गले लगे हैं तो उनसे अपील भी की होगी कि भारत में आतंकवादी न भेजें।
अटल के साथ थे 26 दल, मोदी के विरोध में 26 दल
डिप्टी सीएम ने कहा कि आज हर पल अटल जी याद आते हैं। अटल जी विपक्षियों में भी परिवार की कल्पना के साथ चलते थे।
एक समय था, जब अटल जी के साथ 26 दल मिलकर चलते थे, उन्हें सत्ता में लाने के लिए। आज का समय है, जब मोदी के विरोध में 26 दल चल रहे हैं, उन्हें सत्ता से हटाने के लिए।
अटल और नीरज को याद कर हुए भावुक
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और गीतकार गोपालदास नीरज के संस्मरण सुनाते हुए उप मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अटल जी गीतकार नीरज को बहुत स्नेह करते थे।
उन्होंने नीरज को सुनने के लिए एकल काव्यपाठ कराया था। अटल एक महामानव थे। अटल और नीरज कभी मर नहीं सकते। ये आज भी जी रहे हैं।
लोगों के दिलों, विचारों में, अपनी कविताओं में और अपने सतकर्मों में। नीरज का मतलब है कमल, जिसे खिलाया अटल ने। डिप्टी सीएम ने अटल बिहारी वाजपेयी को आज का भीष्म पितामह भी बताया और कहा कि वह केवल एक व्यक्ति नहीं, महान अनुकरणीय व्यक्तित्व थे। अटल जी जैसी विचारधारा वाले लोग सदियों में जन्म लेते हैं।
विज्ञापन
उनकी अंतिम यात्रा में शामिल न होकर वह दूसरे देश जाएं तो लोगों के मन में शंका जरूर पैदा होगी। वह रविवार को फीरोज गांधी सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचे थे। यहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और गीतकार गोपालदास नीरज को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में गुलाम कश्मीर के राष्ट्रपति के साथ सिद्धू का बैठना भारतवासियों को अच्छा नहीं लगा होगा। कहा कि सिद्धू गए, नहीं गए।
विज्ञापन
जाना चाहिए, नहीं जाना चाहिए, यह मेरा विषय नहीं है। सिद्धू की अपनी पार्टी है। उसके अपने विचार हैं, वह अपने निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
सिद्धू की प्राथमिकता है कि वह किसको चाहते हैं। गले लगे हैं तो उनसे अपील भी की होगी कि भारत में आतंकवादी न भेजें।
अटल के साथ थे 26 दल, मोदी के विरोध में 26 दल
डिप्टी सीएम ने कहा कि आज हर पल अटल जी याद आते हैं। अटल जी विपक्षियों में भी परिवार की कल्पना के साथ चलते थे।
एक समय था, जब अटल जी के साथ 26 दल मिलकर चलते थे, उन्हें सत्ता में लाने के लिए। आज का समय है, जब मोदी के विरोध में 26 दल चल रहे हैं, उन्हें सत्ता से हटाने के लिए।
अटल और नीरज को याद कर हुए भावुक
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और गीतकार गोपालदास नीरज के संस्मरण सुनाते हुए उप मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अटल जी गीतकार नीरज को बहुत स्नेह करते थे।
उन्होंने नीरज को सुनने के लिए एकल काव्यपाठ कराया था। अटल एक महामानव थे। अटल और नीरज कभी मर नहीं सकते। ये आज भी जी रहे हैं।
लोगों के दिलों, विचारों में, अपनी कविताओं में और अपने सतकर्मों में। नीरज का मतलब है कमल, जिसे खिलाया अटल ने। डिप्टी सीएम ने अटल बिहारी वाजपेयी को आज का भीष्म पितामह भी बताया और कहा कि वह केवल एक व्यक्ति नहीं, महान अनुकरणीय व्यक्तित्व थे। अटल जी जैसी विचारधारा वाले लोग सदियों में जन्म लेते हैं।