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फरियादियोें को न्याय दिलाने की एसपी की नई पहल
Updated Fri, 21 Jul 2017 01:03 AM IST
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आमने-सामने आए वादी व विवेचक, रखी अपनी बात
केस एक : नए सिरे से जांच कर करें कार्रवाई
बछरावां थाना क्षेत्र के खैरहनी गांव निवासी गुलाब सिंह का कहना है कि 11 सितंबर 2015 को उसके बेटे राजेंद्र सिंह की हत्या करके शव को रेल ट्रैक पर फेंक दिया गया था। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर विवेचक एवं एसओ अनिल सिंह और वादी का आमना-सामना कराया गया। विवेचक ने पूरे प्रकरण की जानकारी दी और बताया कि यह मामला उनके समय का नहीं था। केस डायरी दिखाई। एसओ की बात सुनकर एसपी ने इस प्रकरण की नए सिरे से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
केस दो : पीड़ा बताते वक्त भावुक हो गया पिता
हरचंदपुर निवासी एवं बर्तन व्यवसायी छेदीलाल के बेटे प्रांजुल (18) का वर्ष 2016 में रेल ट्रैक पर शव पाया गया था। पिता छेदीलाल ने बेटे की हत्या करके शव को ट्रैक पर फेंके जाने की तहरीर दी थी। पर पुलिस ने मामले को खुदकुशी बताकर मामले को दबा दिया था। इस दौरान अपनी पीड़ा बताते वक्त छेदीलाल के आंखें नम हो र्गइं। उसे ढांढस बंधाया गया। वादी छेदीलाल और विवेचक-एसओ हरचंदपुर धीरेंद्र यादव आमने-सामने आए। एसपी ने दोनों पक्षों की बात सुनी। एसपी ने इस प्रकरण के नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए।
केस तीन : आरोपियों को जल्द करें गिरफ्तार
हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रुकनापुर निवासी रामजस सिंह के बेटे अंकुर उर्फ ज्ञानू सिंह (22) की मई 2017 में गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के ढकिया चौराहा स्थित पेट्रोलपंप के पास हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर वादी रामजस सिंह और विवेचक-एसओ गुरुबख्शगंज मनोज सिंह का आमना-सामना कराया गया। रामजस का आरोप लगाया कि एसओ की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने में मनमानी की जा रही है। उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। एसओ आरोपियों से मिले हैं। एसओ का कहना था कि धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। एसपी ने दोनों पक्षों की बात सुनी और आरोपियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।
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रायबरेली। न्याय की खातिर थानों के चक्कर काट रहे फरियादियों के लिए एसपी शिव हरी मीणा ने नई पहल की है। इस नई पहल को निष्पक्षता दिवस का नाम दिया गया है। इसकी गुरुवार से शुरूआत कर दी गई। विवेचक और वादी का आमना-सामना कराया गया। वादी की ओर से दी गई घटना की जांच की क्या प्रगति रही, कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस बारे में विवेचक ने अपना पक्ष रखा। स्वयं एसपी मौजूद रहे और उन्होेंने विवेचक-वादी की बात को सुना। इस दौरान एसपी ने कई प्रमुख मामलों की अब नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस लाइंस में निष्पक्ष दिवस का आयोजन हुआ। इसमें कुल 11 वादी मुकदमा उपस्थित हुए और 10 मुकदमे से संबंधित विवेचक अपनी केस डायरी समेत उपस्थित हुए। इसमें कुल 10 वादी संतुष्ट हुए और एक विवेचना को दोबारा करने का आदेश दिया। वजह वादी मुकदमा के विवेचक के बाहर रहने की वजह से ऐसा हुआ।
15 दिन में देना होगा परिणाम
एसपी शिव हरी मीणा का कहना है कि फरियादी जान सकें कि उनके मामले में पुलिस क्या कर रही है, इसको लेकर निष्पक्षता दिवस का आयोजन शुरू किया गया है। हर गुरुवार को यह कार्यक्रम होगा। 15 दिन के अंदर थानेदारों को कार्य की प्रगति देनी होगी। फरियादियों को न्याय दिलाने में ढिलाई बरतने वाले थानेदार कुर्सी पर नहीं रह पाएंगे।
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केस एक : नए सिरे से जांच कर करें कार्रवाई
बछरावां थाना क्षेत्र के खैरहनी गांव निवासी गुलाब सिंह का कहना है कि 11 सितंबर 2015 को उसके बेटे राजेंद्र सिंह की हत्या करके शव को रेल ट्रैक पर फेंक दिया गया था। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर विवेचक एवं एसओ अनिल सिंह और वादी का आमना-सामना कराया गया। विवेचक ने पूरे प्रकरण की जानकारी दी और बताया कि यह मामला उनके समय का नहीं था। केस डायरी दिखाई। एसओ की बात सुनकर एसपी ने इस प्रकरण की नए सिरे से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
केस दो : पीड़ा बताते वक्त भावुक हो गया पिता
हरचंदपुर निवासी एवं बर्तन व्यवसायी छेदीलाल के बेटे प्रांजुल (18) का वर्ष 2016 में रेल ट्रैक पर शव पाया गया था। पिता छेदीलाल ने बेटे की हत्या करके शव को ट्रैक पर फेंके जाने की तहरीर दी थी। पर पुलिस ने मामले को खुदकुशी बताकर मामले को दबा दिया था। इस दौरान अपनी पीड़ा बताते वक्त छेदीलाल के आंखें नम हो र्गइं। उसे ढांढस बंधाया गया। वादी छेदीलाल और विवेचक-एसओ हरचंदपुर धीरेंद्र यादव आमने-सामने आए। एसपी ने दोनों पक्षों की बात सुनी। एसपी ने इस प्रकरण के नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए।
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केस तीन : आरोपियों को जल्द करें गिरफ्तार
हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रुकनापुर निवासी रामजस सिंह के बेटे अंकुर उर्फ ज्ञानू सिंह (22) की मई 2017 में गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के ढकिया चौराहा स्थित पेट्रोलपंप के पास हत्या कर दी गई थी। इस मामले को लेकर वादी रामजस सिंह और विवेचक-एसओ गुरुबख्शगंज मनोज सिंह का आमना-सामना कराया गया। रामजस का आरोप लगाया कि एसओ की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने में मनमानी की जा रही है। उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। एसओ आरोपियों से मिले हैं। एसओ का कहना था कि धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं। एसपी ने दोनों पक्षों की बात सुनी और आरोपियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए।
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रायबरेली। न्याय की खातिर थानों के चक्कर काट रहे फरियादियों के लिए एसपी शिव हरी मीणा ने नई पहल की है। इस नई पहल को निष्पक्षता दिवस का नाम दिया गया है। इसकी गुरुवार से शुरूआत कर दी गई। विवेचक और वादी का आमना-सामना कराया गया। वादी की ओर से दी गई घटना की जांच की क्या प्रगति रही, कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस बारे में विवेचक ने अपना पक्ष रखा। स्वयं एसपी मौजूद रहे और उन्होेंने विवेचक-वादी की बात को सुना। इस दौरान एसपी ने कई प्रमुख मामलों की अब नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए। पुलिस लाइंस में निष्पक्ष दिवस का आयोजन हुआ। इसमें कुल 11 वादी मुकदमा उपस्थित हुए और 10 मुकदमे से संबंधित विवेचक अपनी केस डायरी समेत उपस्थित हुए। इसमें कुल 10 वादी संतुष्ट हुए और एक विवेचना को दोबारा करने का आदेश दिया। वजह वादी मुकदमा के विवेचक के बाहर रहने की वजह से ऐसा हुआ।
15 दिन में देना होगा परिणाम
एसपी शिव हरी मीणा का कहना है कि फरियादी जान सकें कि उनके मामले में पुलिस क्या कर रही है, इसको लेकर निष्पक्षता दिवस का आयोजन शुरू किया गया है। हर गुरुवार को यह कार्यक्रम होगा। 15 दिन के अंदर थानेदारों को कार्य की प्रगति देनी होगी। फरियादियों को न्याय दिलाने में ढिलाई बरतने वाले थानेदार कुर्सी पर नहीं रह पाएंगे।