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डलमऊ इलाके की 50 हजार आबादी ने नहीं मनाई होली
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डलमऊ (रायबरेली)। जब पूरा देश होली के रंग में डूबा रहता है, उस समय जिले के डलमऊ कस्बे और इससे जुड़े लगभग तीन दर्जन गांवों की 50 हजार आबादी शोक में डूबी रहती है।
ये लोग डलमऊ के वीर पराक्रमी और न्याय प्रिय शासक राजा डाल देव की याद में होली नहीं मनाते हैं। होली के दिन ही धोखे से हमला करके राजा डाल देव को शहीद कर दिया गया था।
होली पर्व के तीन दिन बाद इन गांवों में रंग पर्व शुरू होता है और अलग-अलग दिनों में रंग खेला जाता है। यह दौर अगले एक हफ्ते तक चलता है। यानी कि तीन दिन तक यह इलाका शोक में डूबा रहता है।
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आज से लगभग 600 ईसवीं पूर्व डलमऊ के राजा डाल देव का परचम आसपास के राज्यों तक था। दिनोंदिन वह अपने राज्य का विस्तार कर रहे थे।
राजा डाल देव पड़ोसी राज्यों के राजाओं की आंखों की किरकिरी बने हुए थे। कन्नौज से चलकर कानपुर, उन्नाव और बक्सर होते हुए अपने राज्य की स्थापना की, फिर नए क्षेत्र पर राज्य स्थापित करने के लिए राजा डाल देव डलमऊ पहुंचे।
राजा डाल देव के राज्य विस्तार को देखकर कन्नौज और जौनपुर के पड़ोसी राजाओं ने कई बार आक्रमण किया, लेकिन उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा।
पराजित राजाओं ने एकजुट होकर राजा डाल देव को कूटनीति का सहारा लेकर घेरा। होली के दिन जब मुठ्ठीभर सैनिकों के साथ राजा डाल देव रंग खेल रहे थे, तभी जौनपुर के राजा इब्राहिम शाह शर्की ने भारी सेना के साथ हमला कर दिया।
इससे पहले कि राजा डाल देव कुछ समझ पाते, किले को शर्की की सेना ने घेर लिया। इस पर राजा डाल देव ने वीरता के साथ मुट्ठी भर सैनिकों को आक्रमणकारियों का मुकाबला किया।
डलमऊ क्षेत्र के पखरौली गांव के पास दुश्मनों की सेना ने राजा डाल देव को घेरकर मौत के घाट उतार दिया। तब से डलमऊ क्षेत्र में होली के दिन रंग नहीं खेला जाता है और तीन दिन तक शोक मनाया जाता है।
डलमऊ नगर पंचायत के साथ डलमऊ ग्रामसभा के 28 मजरों तथा डलमऊ तहसील क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन ग्रामसभाओं में होली मनाने के बजाए राजा डाल देव की याद में तीन दिन शोक मनाया जाता है।
इसके बाद होली का सिलसिला शुरू होता है, जो अगले एक हफ्ते तक चलता है। नगर पंचायत डलमऊ के साथ ही डलमऊ ग्रामसभा, करौली दमा, जलालपुर धई, चरूहार, कल्याणपुर बेती आदि ग्रामसभाओं में शोक मनाए जाने के बाद अब होली का सिलसिला चलेगा। नगर पंचायत डलमऊ में 25 मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा। साथ ही जलालपुर धई में अष्टमी के दिन होली मनेगी।
सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम
सीओ डलमऊ विनीत सिंह का कहना है कि डलमऊ कस्बे और इससे जुड़े लगभग तीन दर्जन गांवों में होली का पर्व तीन दिन बाद मनाया जाता है। होली के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे, ताकि त्योहार पर कोई भी किसी तरह का खलल न डाल सके।
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ये लोग डलमऊ के वीर पराक्रमी और न्याय प्रिय शासक राजा डाल देव की याद में होली नहीं मनाते हैं। होली के दिन ही धोखे से हमला करके राजा डाल देव को शहीद कर दिया गया था।
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होली पर्व के तीन दिन बाद इन गांवों में रंग पर्व शुरू होता है और अलग-अलग दिनों में रंग खेला जाता है। यह दौर अगले एक हफ्ते तक चलता है। यानी कि तीन दिन तक यह इलाका शोक में डूबा रहता है।
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आज से लगभग 600 ईसवीं पूर्व डलमऊ के राजा डाल देव का परचम आसपास के राज्यों तक था। दिनोंदिन वह अपने राज्य का विस्तार कर रहे थे।
राजा डाल देव पड़ोसी राज्यों के राजाओं की आंखों की किरकिरी बने हुए थे। कन्नौज से चलकर कानपुर, उन्नाव और बक्सर होते हुए अपने राज्य की स्थापना की, फिर नए क्षेत्र पर राज्य स्थापित करने के लिए राजा डाल देव डलमऊ पहुंचे।
राजा डाल देव के राज्य विस्तार को देखकर कन्नौज और जौनपुर के पड़ोसी राजाओं ने कई बार आक्रमण किया, लेकिन उन्हें पराजय का मुंह देखना पड़ा।
पराजित राजाओं ने एकजुट होकर राजा डाल देव को कूटनीति का सहारा लेकर घेरा। होली के दिन जब मुठ्ठीभर सैनिकों के साथ राजा डाल देव रंग खेल रहे थे, तभी जौनपुर के राजा इब्राहिम शाह शर्की ने भारी सेना के साथ हमला कर दिया।
इससे पहले कि राजा डाल देव कुछ समझ पाते, किले को शर्की की सेना ने घेर लिया। इस पर राजा डाल देव ने वीरता के साथ मुट्ठी भर सैनिकों को आक्रमणकारियों का मुकाबला किया।
डलमऊ क्षेत्र के पखरौली गांव के पास दुश्मनों की सेना ने राजा डाल देव को घेरकर मौत के घाट उतार दिया। तब से डलमऊ क्षेत्र में होली के दिन रंग नहीं खेला जाता है और तीन दिन तक शोक मनाया जाता है।
डलमऊ नगर पंचायत के साथ डलमऊ ग्रामसभा के 28 मजरों तथा डलमऊ तहसील क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन ग्रामसभाओं में होली मनाने के बजाए राजा डाल देव की याद में तीन दिन शोक मनाया जाता है।
इसके बाद होली का सिलसिला शुरू होता है, जो अगले एक हफ्ते तक चलता है। नगर पंचायत डलमऊ के साथ ही डलमऊ ग्रामसभा, करौली दमा, जलालपुर धई, चरूहार, कल्याणपुर बेती आदि ग्रामसभाओं में शोक मनाए जाने के बाद अब होली का सिलसिला चलेगा। नगर पंचायत डलमऊ में 25 मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा। साथ ही जलालपुर धई में अष्टमी के दिन होली मनेगी।
सुरक्षा के रहेंगे कड़े इंतजाम
सीओ डलमऊ विनीत सिंह का कहना है कि डलमऊ कस्बे और इससे जुड़े लगभग तीन दर्जन गांवों में होली का पर्व तीन दिन बाद मनाया जाता है। होली के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे, ताकि त्योहार पर कोई भी किसी तरह का खलल न डाल सके।