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एनटीपीसी हादसा : मानवाधिकार आयोग के सख्त रुख से अफसरों के होश उड़े
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:19 AM IST
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मानवाधिकार आयोग के सख्त रुख से अफसरों के होश उड़े
रोहनियां (रायबरेली)। एनटीपीसी ऊंचाहार में बॉयलर फटने की घटना की जांच करने आई मानवाधिकार आयोग की टीम ने बृहस्पतिवार को हादसे के बाद हुई कानूनी कार्रवाई की पड़ताल की। मामले में पुलिस से की गई लिखापढ़ी और एफआईआर न होने के संबंध में जानकारी ली। परियोजना के अधिकारियों के साथ ही ठेकेदारों की क्लास भी लगाई। श्रम विभाग के अधिकारियों को बुलाया और पूछताछ की। टीम के सख्त रुख से अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं।
परियोजना में हुए हादसे की तीन दिनों से जांच कर रही आयोग की टीम ने बृहस्पतिवार को ऊंचाहार पुलिस से घटना के बाद की गई कार्यवाही के बारे में पूछा। टीम ने जीडी में दर्ज तस्करा की फोटोकॉपी भी ली। इसके बाद टीम ने एनटीपीसी के गोमती भवन में रायबरेली की सहायक श्रम आयुक्त आभा श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर विनोद शर्मा को बुलाया। श्रम विभाग के अधिकारियों के सामने परियोजना अधिकारियों और ठेकेदारों से सवाल-जवाब किए। मजदूरों को दी जाने वाली सुविधाओं पीएफ, मजदूरी, बीमा एवं सुरक्षा आदि की मिली शिकायतों की बारे में जब सवाल दागने शुरू किए तो सभी के होश उड़ गए। अफसर और ठेकेदार किसी भी सवाल का जवाब देने से कतराते रहे। मजदूरों को कम भुगतान करने और पीएफ की जानकारी मजदूरों को न देने का कारण जब ठेकेदारों से पूछा तो सभी बगले झांकने लगे। किसी के पास कोई जवाब नहीं था।
गौरतलब है कि बुधवार को हादसे में घायल मजदूरों से आयोग की टीम ने मुलाकात की थी, जिसमें परियोजना के अधिकारियों के लापरवाही करने की शिकायत मिली थी। आयोग की टीम ने आज अधिकारियों व ठेकेदारों के बयान दर्ज किए और सभी के हस्ताक्षर भी करवाए। टीम के सख्त रुख से अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इस संबंध में एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक आरके सिन्हा का कहना है कि आयोग की टीम हादसे की पड़ताल कर रही है। उसने अधिकारियों के साथ बैठक लेकर पूछताछ की है।
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लापरवाही परखने को बुलाए गए विशेषज्ञ
एनटीपीसी ऊंचाहार में हुए हादसे की जांच कर रही मानवाधिकार आयोग की टीम ने परियोजना के अधिकारियों की लापरवाही को परखने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया है। टीम ने एनटीपीसी कानपुर से तीन बॉयलर निदेशकों को भी बुलाया था, जिसमें बॉयलर निदेशक आरके पूर्वे, जगमोहन सिंह और अर्जुन सिंह शामिल हैं। साथ ही रिलायंस थर्मल पावर रोजा शाहजहांपुर के टरबाइन हेड अनिल गुप्ता भी बुलाए गए हैं। टीम ने सभी से अलग-अलग बातचीत की। उनसेपूछा कि हादसे की क्या वजह हो सकती है। बॉयलर का काम पूरा हुआ था या नहीं, क्लिंकर चोक होने के क्या कारण हो सकते हैं। इन विशेषज्ञों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। उधर एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक आरके सिन्हा का कहना है कि बॉयलर निदेशक आए थे, लेकिन वे अलग से जांच कर रहे हैं कि बॉयलर में विस्फोट क्यों हुआ।
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रोहनियां (रायबरेली)। एनटीपीसी ऊंचाहार में बॉयलर फटने की घटना की जांच करने आई मानवाधिकार आयोग की टीम ने बृहस्पतिवार को हादसे के बाद हुई कानूनी कार्रवाई की पड़ताल की। मामले में पुलिस से की गई लिखापढ़ी और एफआईआर न होने के संबंध में जानकारी ली। परियोजना के अधिकारियों के साथ ही ठेकेदारों की क्लास भी लगाई। श्रम विभाग के अधिकारियों को बुलाया और पूछताछ की। टीम के सख्त रुख से अधिकारियों के होश उड़े हुए हैं।
परियोजना में हुए हादसे की तीन दिनों से जांच कर रही आयोग की टीम ने बृहस्पतिवार को ऊंचाहार पुलिस से घटना के बाद की गई कार्यवाही के बारे में पूछा। टीम ने जीडी में दर्ज तस्करा की फोटोकॉपी भी ली। इसके बाद टीम ने एनटीपीसी के गोमती भवन में रायबरेली की सहायक श्रम आयुक्त आभा श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर विनोद शर्मा को बुलाया। श्रम विभाग के अधिकारियों के सामने परियोजना अधिकारियों और ठेकेदारों से सवाल-जवाब किए। मजदूरों को दी जाने वाली सुविधाओं पीएफ, मजदूरी, बीमा एवं सुरक्षा आदि की मिली शिकायतों की बारे में जब सवाल दागने शुरू किए तो सभी के होश उड़ गए। अफसर और ठेकेदार किसी भी सवाल का जवाब देने से कतराते रहे। मजदूरों को कम भुगतान करने और पीएफ की जानकारी मजदूरों को न देने का कारण जब ठेकेदारों से पूछा तो सभी बगले झांकने लगे। किसी के पास कोई जवाब नहीं था।
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गौरतलब है कि बुधवार को हादसे में घायल मजदूरों से आयोग की टीम ने मुलाकात की थी, जिसमें परियोजना के अधिकारियों के लापरवाही करने की शिकायत मिली थी। आयोग की टीम ने आज अधिकारियों व ठेकेदारों के बयान दर्ज किए और सभी के हस्ताक्षर भी करवाए। टीम के सख्त रुख से अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इस संबंध में एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक आरके सिन्हा का कहना है कि आयोग की टीम हादसे की पड़ताल कर रही है। उसने अधिकारियों के साथ बैठक लेकर पूछताछ की है।
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लापरवाही परखने को बुलाए गए विशेषज्ञ
एनटीपीसी ऊंचाहार में हुए हादसे की जांच कर रही मानवाधिकार आयोग की टीम ने परियोजना के अधिकारियों की लापरवाही को परखने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया है। टीम ने एनटीपीसी कानपुर से तीन बॉयलर निदेशकों को भी बुलाया था, जिसमें बॉयलर निदेशक आरके पूर्वे, जगमोहन सिंह और अर्जुन सिंह शामिल हैं। साथ ही रिलायंस थर्मल पावर रोजा शाहजहांपुर के टरबाइन हेड अनिल गुप्ता भी बुलाए गए हैं। टीम ने सभी से अलग-अलग बातचीत की। उनसेपूछा कि हादसे की क्या वजह हो सकती है। बॉयलर का काम पूरा हुआ था या नहीं, क्लिंकर चोक होने के क्या कारण हो सकते हैं। इन विशेषज्ञों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। उधर एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक आरके सिन्हा का कहना है कि बॉयलर निदेशक आए थे, लेकिन वे अलग से जांच कर रहे हैं कि बॉयलर में विस्फोट क्यों हुआ।