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एनटीपीसी हादसा 20-30-54
Updated Sun, 12 Nov 2017 11:47 PM IST
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फिर न हो ऐसी घटना, अफसरों और कर्मचारियों को दिया सबक
रायबरेली। एनटीपीसी में हुए हादसे की जांच तो चल रही है, लेकिन इस बात पर भी खास जोर दिया जा रहा है कि इस तरह की व्यवस्था की जाए, ताकि फिर ऐसी घटना न हो। इसके लिए अधिकारी व कर्मचारी हर पल सतर्क रहें। अधिकारियों व कर्मचारियों को यह सबक एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक एवं तत्कालीन जीएम प्रकाश तिवारी ने दिया। उन्होंने सभी से उच्च स्तरीय जांच में सहयोग देने को कहा। उनका मानना है कि घटना की वास्तविक वजह सामने आने के बाद इस तरह की घटनाओं को प्रभावी तरीके से रोका जा सकेगा और कोई जनहानि नहीं होेने पाएगी। सभी को यह सबक देने के बाद वे दिल्ली लौट गए।
एनटीपीसी सूत्रों का कहना है कि अधिशासी निदेशक एसके राय और फिर ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी व सदस्य पीडी सिनवाल की अगुवाई में आई टीम जांच के बाद लौट गई है, लेकिन शनिवार को एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक और ऊंचाहार परियोजना के तत्कालीन जीएम रुक गए थे। उन्होंने स्थानीय प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों, इंजीनियरों और प्रोजेक्ट पर काम करने वाले अधिकारियों की बैठक करके इस बात पर जोर दिया कि हर कोई यह प्रयास करे और ड्यूटी के दौरान अलर्ट रहे। ताकि इस तरह की घटना फिर न होने पाए। सूत्रों का यह भी कहना है कि उन्होंने साफ कर दिया है कि किसी पर कार्रवाई होती है तो या नहीं होती है यह तो बाद की बात है, लेकिन सबके लिए यह जरूरी है कि जांच में हर तरह का सहयोग किया जाए, ताकि फिर ऐसी घटना कभी न होने पाए। कई लोगों से वे अकेले में मिले और अपनी बात को प्रभावी तरीके से कहने के बाद दिल्ली लौट गए। एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी एके श्रीवास्तव का कहना है कि कार्यकारी निदेशक यहां आने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों से मिले और फिर लौट गए हैं।
जांच के लिए आ सकती है इंटरनेशनल एक्सपर्ट टीम
जिला प्रशासन के स्तर पर गठित मजिस्ट्रेटी जांच अभी चल रही है। दिल्ली से आईं दो उच्च स्तरीय जांच टीमें पड़ताल के बाद लौट गईं हैं। बताया जाता है कि जल्दी ही एशियन विकास बैंक (एडीबी) की इंटरनेशनल एक्सपर्ट टीम व विदेश के बॉयलर एक्सर्ट भी जांच के लिए आ सकते है। एनटीपीसी सूत्रों का कहना है कि एडीबी एनटीपीसी के नए प्रोजेक्ट पर ऋण देती है। माना जा रहा है कि ऊंचाहार एनटीपीसी में हुए इतने बड़े हादसे के बाद एडीबी की इंटरनेशनल एक्सपर्ट टीम भी यहां का मुआयना करने के लिए आ सकती है कि यह हादसा क्यों और कैसे हुआ। एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी एके श्रीवास्तव का कहना है कि एडीबी की कोई टीम आएगी या नहीं, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
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रायबरेली। एनटीपीसी में हुए हादसे की जांच तो चल रही है, लेकिन इस बात पर भी खास जोर दिया जा रहा है कि इस तरह की व्यवस्था की जाए, ताकि फिर ऐसी घटना न हो। इसके लिए अधिकारी व कर्मचारी हर पल सतर्क रहें। अधिकारियों व कर्मचारियों को यह सबक एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक एवं तत्कालीन जीएम प्रकाश तिवारी ने दिया। उन्होंने सभी से उच्च स्तरीय जांच में सहयोग देने को कहा। उनका मानना है कि घटना की वास्तविक वजह सामने आने के बाद इस तरह की घटनाओं को प्रभावी तरीके से रोका जा सकेगा और कोई जनहानि नहीं होेने पाएगी। सभी को यह सबक देने के बाद वे दिल्ली लौट गए।
एनटीपीसी सूत्रों का कहना है कि अधिशासी निदेशक एसके राय और फिर ऊर्जा मंत्रालय की तरफ से केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी व सदस्य पीडी सिनवाल की अगुवाई में आई टीम जांच के बाद लौट गई है, लेकिन शनिवार को एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक और ऊंचाहार परियोजना के तत्कालीन जीएम रुक गए थे। उन्होंने स्थानीय प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों, इंजीनियरों और प्रोजेक्ट पर काम करने वाले अधिकारियों की बैठक करके इस बात पर जोर दिया कि हर कोई यह प्रयास करे और ड्यूटी के दौरान अलर्ट रहे। ताकि इस तरह की घटना फिर न होने पाए। सूत्रों का यह भी कहना है कि उन्होंने साफ कर दिया है कि किसी पर कार्रवाई होती है तो या नहीं होती है यह तो बाद की बात है, लेकिन सबके लिए यह जरूरी है कि जांच में हर तरह का सहयोग किया जाए, ताकि फिर ऐसी घटना कभी न होने पाए। कई लोगों से वे अकेले में मिले और अपनी बात को प्रभावी तरीके से कहने के बाद दिल्ली लौट गए। एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी एके श्रीवास्तव का कहना है कि कार्यकारी निदेशक यहां आने के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों से मिले और फिर लौट गए हैं।
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जांच के लिए आ सकती है इंटरनेशनल एक्सपर्ट टीम
जिला प्रशासन के स्तर पर गठित मजिस्ट्रेटी जांच अभी चल रही है। दिल्ली से आईं दो उच्च स्तरीय जांच टीमें पड़ताल के बाद लौट गईं हैं। बताया जाता है कि जल्दी ही एशियन विकास बैंक (एडीबी) की इंटरनेशनल एक्सपर्ट टीम व विदेश के बॉयलर एक्सर्ट भी जांच के लिए आ सकते है। एनटीपीसी सूत्रों का कहना है कि एडीबी एनटीपीसी के नए प्रोजेक्ट पर ऋण देती है। माना जा रहा है कि ऊंचाहार एनटीपीसी में हुए इतने बड़े हादसे के बाद एडीबी की इंटरनेशनल एक्सपर्ट टीम भी यहां का मुआयना करने के लिए आ सकती है कि यह हादसा क्यों और कैसे हुआ। एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी एके श्रीवास्तव का कहना है कि एडीबी की कोई टीम आएगी या नहीं, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
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