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धमाके के बाद से 710 मेगावॉट बिजली का उत्पादन ठप
Updated Sat, 11 Nov 2017 12:47 AM IST
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धमाके के बाद से 710 मेगावॉट बिजली का उत्पादन ठप
रोहनियां (रायबरेली)। ऊंचाहार एनटीपीसी की छठवीं यूनिट में हादसे और यूनिट एक के मेंटीनेंस के लिए बंद होने के कारण 710 मेगावाट बिजली का उत्पादन कम हो रहा है। इससे कोयले की आवक भी कम हो गई। हादसे के पहले लगभग 20 हजार मीट्रिक टन आने वाला कोयला अब आधे पर सिमट कर रह गया है। एनटीपीसी में प्रतिदिन कोयले से लदी मालगाड़ी की लगभग सात रैक आती थी, जिससे लगभग 20 हजार मीट्रिक टन कोयला की आपूर्ति हो रही थी। 1 नवंबर को हादसा होने के बाद 500 मेगावाट की यूनिट छह पूरी तरह से बंद है। यूनिट एक को भी मेंटीनेंस को लेकर रोका गया है। दोनों यूनिटों के बंद होने से 710 मेगावॉट बिजली का उत्पादन कम हो गया है। जनसंपर्क अधिकारी एके श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों यूनिटों के बंद होने से कोयला कम आ रहा है। हादसे के पहले प्रतिदिन करीब 20 हजार मीट्रिक टन कोयला आता था, लेकिन अब सिर्फ 10 से 12 हजार मीट्रिक टन कोयला आ रहा है। इस कोयले की आपूर्ति बीसीसीएल व एसईसीएल द्वारा बिहार के धनबाद से की जा रही है। मलेशिया से आने वाला कोयला कई साल से नहीं आ रहा है।
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रोहनियां (रायबरेली)। ऊंचाहार एनटीपीसी की छठवीं यूनिट में हादसे और यूनिट एक के मेंटीनेंस के लिए बंद होने के कारण 710 मेगावाट बिजली का उत्पादन कम हो रहा है। इससे कोयले की आवक भी कम हो गई। हादसे के पहले लगभग 20 हजार मीट्रिक टन आने वाला कोयला अब आधे पर सिमट कर रह गया है। एनटीपीसी में प्रतिदिन कोयले से लदी मालगाड़ी की लगभग सात रैक आती थी, जिससे लगभग 20 हजार मीट्रिक टन कोयला की आपूर्ति हो रही थी। 1 नवंबर को हादसा होने के बाद 500 मेगावाट की यूनिट छह पूरी तरह से बंद है। यूनिट एक को भी मेंटीनेंस को लेकर रोका गया है। दोनों यूनिटों के बंद होने से 710 मेगावॉट बिजली का उत्पादन कम हो गया है। जनसंपर्क अधिकारी एके श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों यूनिटों के बंद होने से कोयला कम आ रहा है। हादसे के पहले प्रतिदिन करीब 20 हजार मीट्रिक टन कोयला आता था, लेकिन अब सिर्फ 10 से 12 हजार मीट्रिक टन कोयला आ रहा है। इस कोयले की आपूर्ति बीसीसीएल व एसईसीएल द्वारा बिहार के धनबाद से की जा रही है। मलेशिया से आने वाला कोयला कई साल से नहीं आ रहा है।