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रायबरेली विकास प्राधिकरण में अंधेरगर्दी का खेल
Updated Thu, 20 Jul 2017 12:47 AM IST
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नक्शा पास नहीं और खड़ी हो गई बिल्डिंग
रायबरेली। आरडीए का खेल निराला है। सेटिंग-गेटिंग के चक्कर में नियम-कानून ताख पर रखे जा रहे हैं। कुछ ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जो इस खेल को उजागर कर रहा है। नक्शा पास नहीं और बिल्डर के शह पर बिल्डिंग खड़ी करा दी गई। खास बात ये है कि बिल्डिंग दूसरे की जमीन पर बनवा दी गई। पीड़ित कब्जा रोकने के लिए अफसरों की चौखट और कोर्ट की शरण भागता रहा। इधर, निर्माण कार्य करा दिया गया। अब अंदर ही अंदर बिल्डिंग की कंपाउडिंग किए जाने की तैयारी चल रही है।
शहर के पुलिस लाइंस निवासी नील कुमार गुप्ता की रायबरेली-इलाहाबाद राजमार्ग पर सिविल लाइंस स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के ठीक सामने दो बिस्वा जमीन है। इस जमीन पर मिल एरिया थाना क्षेत्र के राही निवासी एक व्यक्ति ने बिल्डर के शह पर आरडीए के अधिकारियों से सेटिंग-गेटिंग की और बिल्डिंग खड़ी करवा दी। यह हाल तब रहा, जब बिल्डिंग बनवाने का नक्शा तक पास नहीं कराया गया। नील कुमार गुप्ता अफसरों की चौखट पर गया, लेकिन निर्माण नहीं रुकवाया गया। कोर्ट गया, लेकिन जब तक फैसला आता, तब तक बिल्डिंग खड़ी हो चुकी थी। कोर्ट ने बिल्डिंग गिरवाने का आदेश दिया है, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो पा रहा है। अब अंदर ही अंदर बिल्डर के शह पर आरडीए के अधिकारी बिल्डिंग की कंपाउडिंग करने की तैयारी में लगे हैं। इस मामले का खुलासा होने पर विभाग में हड़कंप मच गया है। पीड़ित का कहना है कि अफसरों की वजह से ऐसा हुआ है। वहीं अब अधिकारी इसके लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आरडीए के जेई रबीस अग्रवाल का कहना है कि उनके समय में सिविल लाइंस स्थित नील कुमार गुप्ता की जमीन पर बिल्डिंग नहीं बनी है। उस समय दूसरे जेई की तैनाती थी। इस मामले को देखेंगे।
बिना नक्शा पास किए दूसरे की जमीन पर बिल्डिंग बना लिए जाने का मामला गंभीर है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- ओपी राय, वीसी, आरडीए
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रायबरेली। आरडीए का खेल निराला है। सेटिंग-गेटिंग के चक्कर में नियम-कानून ताख पर रखे जा रहे हैं। कुछ ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जो इस खेल को उजागर कर रहा है। नक्शा पास नहीं और बिल्डर के शह पर बिल्डिंग खड़ी करा दी गई। खास बात ये है कि बिल्डिंग दूसरे की जमीन पर बनवा दी गई। पीड़ित कब्जा रोकने के लिए अफसरों की चौखट और कोर्ट की शरण भागता रहा। इधर, निर्माण कार्य करा दिया गया। अब अंदर ही अंदर बिल्डिंग की कंपाउडिंग किए जाने की तैयारी चल रही है।
शहर के पुलिस लाइंस निवासी नील कुमार गुप्ता की रायबरेली-इलाहाबाद राजमार्ग पर सिविल लाइंस स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के ठीक सामने दो बिस्वा जमीन है। इस जमीन पर मिल एरिया थाना क्षेत्र के राही निवासी एक व्यक्ति ने बिल्डर के शह पर आरडीए के अधिकारियों से सेटिंग-गेटिंग की और बिल्डिंग खड़ी करवा दी। यह हाल तब रहा, जब बिल्डिंग बनवाने का नक्शा तक पास नहीं कराया गया। नील कुमार गुप्ता अफसरों की चौखट पर गया, लेकिन निर्माण नहीं रुकवाया गया। कोर्ट गया, लेकिन जब तक फैसला आता, तब तक बिल्डिंग खड़ी हो चुकी थी। कोर्ट ने बिल्डिंग गिरवाने का आदेश दिया है, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हो पा रहा है। अब अंदर ही अंदर बिल्डर के शह पर आरडीए के अधिकारी बिल्डिंग की कंपाउडिंग करने की तैयारी में लगे हैं। इस मामले का खुलासा होने पर विभाग में हड़कंप मच गया है। पीड़ित का कहना है कि अफसरों की वजह से ऐसा हुआ है। वहीं अब अधिकारी इसके लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आरडीए के जेई रबीस अग्रवाल का कहना है कि उनके समय में सिविल लाइंस स्थित नील कुमार गुप्ता की जमीन पर बिल्डिंग नहीं बनी है। उस समय दूसरे जेई की तैनाती थी। इस मामले को देखेंगे।
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बिना नक्शा पास किए दूसरे की जमीन पर बिल्डिंग बना लिए जाने का मामला गंभीर है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- ओपी राय, वीसी, आरडीए
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