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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prateek Yadav Death Inside Mulayam Singh Yadav–Sadhana Gupta Love Story and Prateek’s Identity

Prateek Yadav Death: कैसे मुलायम सिंह ने प्रतीक को दिया था अपना नाम? नेताजी और साधना गुप्ता की कहानी

Wed, 13 May 2026 06:09 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: Sharukh Khan Updated Wed, 13 May 2026 06:09 PM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया। प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे।  उत्तर प्रदेश के सबसे प्रमुख राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद वह ज्यादातर राजनीति से दूर रहे और लखनऊ में अपने कारोबार के साथ फिटनेस से जुड़े कामों पर ध्यान दिया। 

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Prateek Yadav Death Inside Mulayam Singh Yadav–Sadhana Gupta Love Story and Prateek’s Identity
प्रतीक के साथ मुलायम सिंह यादव।(फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव का लखनऊ में निधन हो गया। उन्हें सुबह करीब 5:55 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल में लाया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जब प्रतीक यादव को लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल लाया गया, तब उनकी पल्स नहीं चल रही थी। उनकी आंखें स्थिर हो चुकी थीं। उन्हें तत्काल गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया, लेकिन प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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मुलायम सिंह यादव ने 2003 में पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद साधना गुप्ता को पत्नी का दर्जा दिया था। हालांकि, इसके पहले भी साधना के बेटे प्रतीक यादव के स्कूल में पिता की नाम की जगह मुलायम सिंह यादव ही लिखा जाता था। 
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आइए जानते हैं कि मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की मुलाकात कैसे हुई थी? 

साधना ने मुलायम सिंह के साथ की थी दूसरी शादी
साधना गुप्ता मूल रूप से यूपी के इटावा के बिधूना (अब औरैया जिले का हिस्सा है) की रहने वाली थीं। साधाना गुप्ता की शादी 4 जुलाई साल 1986 को फर्रुखाबाद के व्यापारी चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। इसके एक साल बाद 7 जुलाई साल 1987 को उन्होंने बेटे प्रतीक यादव को जन्म दिया। प्रतीक के जन्म के करीब दो साल बाद साधना और चंद्रप्रकाश अलग हो गए। दोनों का तलाक हो गया। 

मुलायम से बढ़ी नजदीकियां

पहले पति चंद्र प्रकाश गुप्ता से अलग होने के बाद साधना गुप्ता ने राजनीति में कदम रखा। वह पार्टी की कार्यकर्ता थीं। इस दौरान उनकी मुलाकात मुलायम सिंह यादव से होने लगी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। साधना उम्र में मुलायम से करीब 20 साल छोटी थीं।

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नर्स के तौर पर मुलायम की मां की देखभाल भी की

अखिलेश यादव की बायोग्राफी 'बदलाव की लहर' में मुलायम सिंह और साधना के रिश्ते का भी जिक्र है। इस किताब में बताया गया है कि मुलायम की मां मूर्ती देवी अक्सर बीमार रहती थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब साधना गुप्ता मूर्ति देवी की देखभाल करती थीं।

एक बार सैफई मेडिकल कॉलेज में एक नर्स गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी, उस वक्त साधना ने ही नर्स को रोका था। दरअसल, साधना भी नर्स रही थीं।

लकी साबित हुईं साधना
1987 में पति से अलग होने के बाद साधना मुलायम की जिंदगी में आईं। दोनों की मुलाकात बढ़ती गई और प्यार भी। इस बीच, साधना मुलायम के लिए लकी साबित हुईं। 1989 में मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री बन गए।

पहली पत्नी की मौत के बाद साधना को अपनाया
साल 2003 में मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक तौर पर पहली बार साधना गुप्ता को अपनी पत्नी का दर्जा दिया। उसी साल मुलायम की पहली पत्नी और अखिलेश यादव की मां मालती देवी का निधन हुआ था। साधना गुप्ता को पत्नी स्वीकार करने पर अखिलेश यादव अपने पिता से काफी नाराज हुए थे।

साल 2007 में नेताजी ने प्रतीक को स्वीकार किया था बेटा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमर सिंह ने इस रिश्ते को आधिकारिक पहचान दिलाने में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। अमर सिंह के हस्तक्षेप और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से, मुलायम सिंह यादव ने अंततः इस रिश्ते को स्वीकार किया। साल 2007 में, एक अदालती हलफनामे के जरिए, मुलायम सिंह ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि साधना गुप्ता उनकी दूसरी पत्नी हैं और प्रतीक यादव उनके बेटे हैं।

प्रतीक यादव ने खुद को राजनीति से दूर रखा और अपनी एक अलग दुनिया बनाई। उनके निधन के साथ ही, मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की उस चर्चित प्रेम कहानी का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है, जो दशकों तक राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा।

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