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दो मासूम बच्चों और पत्नी के साथ स्कूटी से मुंबई से गोंडा के लिए निकल पड़ा युवक

Fri, 24 Apr 2020 11:38 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 24 Apr 2020 11:38 PM IST
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Young man set out from Scooty to Gonda from Mumbai with two innocent children and wife
heavy rain in pratapgarh - फोटो : pratapgarh
कोहड़ौर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर काबू पाने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के बीच परदेस से कामगारों के लौटने का सिलसिला लगातार जारी है। काम-धंधा बंद होने के बाद खड़े हुए आर्थिक संकट और भोजन के भी लाले पड़ते देख लेाग बीवी-बच्चों के साथ भारी मुसीबतों का सामना करते हुए घरों के लिए रवाना हो रहे हैं।
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गुरुवार शाम कोहड़ौर में मुंबई से गोंडा के लिए चला परिवार पहुंचा तो उसकी आपबीती सुन लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। वह तीन दिन पहले मुंबई से स्कूटी से दो मासूम बच्चों और पत्नी के साथ गोंडा के लिए निकल पड़ा। स्कूटी से लंबा सफर तय कर वह प्रतापगढ़-अमेठी बार्डर पर पहुंचा तो पुलिस ने उसे रोक लिया। पूछताछ करने पर दंपति व बच्चों के आंखें भर आईं। लंबे सफर की कहानी सुन पुलिस भी हैरान रह गई। दंपति की मिन्नत व बच्चों का चेहरा देख पुलिस का दिल भी पसीज गया। पुलिस ने बैरियर हटाया दिया और वह स्कूटी लेकर आगे बढ़ गए। 
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गोंडा जिले के धानेपुर गांव निवासी सुनील पांडेय मुंबई में एक प्राइवेट फै क्ट्री में कार्य करता है। वह पत्नी अनीता, 6 साल के बेटे आदर्श और 5 साल की बेटी संध्या के साथ वहां रहता था। लॉकडाउन के कारण फै क्ट्री बंद हो गई। कुछ दिन तो उसने जैसे-तैसे काटे। इसके बाद पैसे की तंगी के साथ भोजन का भी संकट गहराने लगा। लॉकडाउन के बीच कोरोना संक्र मण का भय और ऊपर से पत्नी व बच्चों के लिए भोजन की दिक्कत देख उसने गोंडा जाने का मन बनाया। पास के लिए उसने कई बार अधिकारियों के यहां चक्कर काटे, लेकिन सफलता नहीं मिली। घर लौटने के लिए कोई साधन भी नहीं मिल रहा था।
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इस पर उसने खुद की स्कूटी से ही बीबी-बच्चों को लेकर गांव जाने का निर्णय लिया। 21 अप्रैल की सुबह वह पत्नी और बच्चों के साथ मुंबई से निकल पड़ा। रास्ते में जगह-जगह पुलिस के बैरियर मिले। पुलिसवालोें को वह अपनी समस्या से अवगत कराते हुए आगे बढ़ता रहा। दिन में पेट्रोलपंप दिखने के बाद वह स्कूटी में पेट्रोल फुल करा लेता। रात में थोड़ा आराम करने के बाद वह लगातार स्कूटी चलाता रहा।


प्यास लगने पर हैंडपंप देख पानी पीने के लिए रुक जाते। रास्ते में खाने के लिए जगह-जगह लोगों ने भोजन के पैकेट उपलब्ध कराए। गुरुवार की शाम सुनील कोहड़ौर बाजार के पास प्रतापगढ़ व अमेठी जिले की सीमा पर लगे बैरियर पर पहुंचा। दोनों जिले की पुलिस ने उसे रोका लिया। मुंबई से आने को लेकर सवाल किए तो सुनील, उसकी पत्नी और बच्चों की आंखें भर आईं। सफर की कहानी सुनाई तो पुलिस का दिल पसीज गया। दंपति की मिन्नत पर पुलिस ने उन्हें जाने दिया।
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