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मुझे फेंकते हुए तुम्हारा दिल क्यों नहीं पसीजा मां
Thu, 14 Mar 2019 11:32 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 14 Mar 2019 11:32 PM IST
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चौराहे के करीब सड़क पर मिली मासूम
- फोटो : प्रतापगढ़
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कटरामेदनीगंज के करीब शिव पैलेस के सामने सड़क के किनारे गुरुवार की सुबह महिलाएं गुजरीं तो दंग रह गईं। सफेद कपड़े में लिपटी एक नवजात बच्ची पड़ी थी। उसकी सिसकियों की आवाज जब महिलाओं के कानों तक पहुंची तो भीड़ जुट गई। कुछ लोगों ने उसे उठाया, दुलारा और चुप कराने की कोशिश भी की।
ममता की गर्माहट मिली तो उसकी सिसकियां कम हो गईं। कुछ देर में सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। सिटी चौकी से पहुंचे दरोगा योगेंद्र सिंह आनन-फानन में उसे महिलाओं के साथ किसी वाहन से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। नवजात बेटी को महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करा दिया गया। उसकी देखभाल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी व चिकित्सक करने लगे। पुलिस ने इसकी सूचना बाल कल्याण को भेज दी। कई लोग बच्ची को गोद लेने की इच्छा भी जताते रहे।
एक और बात मुझे कहनी है...
मैं अपनी किस्मत खुद लिखूंगी, पर एक बात कहूंगी.. बेटियों से ऐसे मुंह न मोड़िए। हम सुरक्षित रहेंगी तो आपका मान ही बढ़ाएंगीं।
हम शर्मिंदा हैं....
जिले में नवजात बच्चों को लोकलाज के भय से फेंकने का सिलसिला काफी अर्से से चला आ रहा है। साल भर के भीतर जनपद के हर कोने में नवजात बच्चे मिले। जिसमे 11 बेटियां ही थीं।
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नवजात बच्ची मिली है। वह स्वस्थ है। देखभाल के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसे फेंकने वालों की तलाश की जा रही है।
रवींद्र श्रीवास्तव, नगर कोतवाल।
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ममता की गर्माहट मिली तो उसकी सिसकियां कम हो गईं। कुछ देर में सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। सिटी चौकी से पहुंचे दरोगा योगेंद्र सिंह आनन-फानन में उसे महिलाओं के साथ किसी वाहन से लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। नवजात बेटी को महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती करा दिया गया। उसकी देखभाल स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी व चिकित्सक करने लगे। पुलिस ने इसकी सूचना बाल कल्याण को भेज दी। कई लोग बच्ची को गोद लेने की इच्छा भी जताते रहे।
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एक और बात मुझे कहनी है...
मैं अपनी किस्मत खुद लिखूंगी, पर एक बात कहूंगी.. बेटियों से ऐसे मुंह न मोड़िए। हम सुरक्षित रहेंगी तो आपका मान ही बढ़ाएंगीं।
हम शर्मिंदा हैं....
जिले में नवजात बच्चों को लोकलाज के भय से फेंकने का सिलसिला काफी अर्से से चला आ रहा है। साल भर के भीतर जनपद के हर कोने में नवजात बच्चे मिले। जिसमे 11 बेटियां ही थीं।
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नवजात बच्ची मिली है। वह स्वस्थ है। देखभाल के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसे फेंकने वालों की तलाश की जा रही है।
रवींद्र श्रीवास्तव, नगर कोतवाल।