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Pratapgarh News: शिक्षा निदेशालय में जाने से रोका तो सड़क पर ही बैठ गए प्रतियोगी छात्र

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 11:22 PM IST
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When prevented from entering the Directorate of Education, competitive exam aspirants sat down right on the road.
शिक्षा निदेशालय के बाहर सड़क पर धरने पर बैठकर नारेबाजी करते प्रतियोगी छात्र। अमर उजाला
ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) और पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) की भर्ती प्रक्रिया पुरानी नियमावली से कराने की मांग को लेकर एक बार फिर प्रतियोगी छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र शिक्षा निदेशालय पहुंचने लगे थे। वह निदेशालय के अंदर प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने पहले ही मेन गेट का बंद करते हुए बैरिकेटिंग कर दिया। काफी जद्दोजहद के बावजूद जब छात्र नहीं जा सके तो निदेशालय के बाहर मेन सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
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एकलव्य चौराहे से एजी ऑफिस चौराहे के बीच आवागमन पूरी तरह से बाधित रही। छात्रों के आंदोलन को देखते हुए दोनों तरफ चौराहों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। छात्र जमकर नारेबाजी करते रहे। रात में भी छात्रों ने सड़क पर ही आंदोलन जारी रखा। छात्रों की स्पष्ट मांग है कि इन भर्तियों में टीईटी, बीएड व प्रतिशत की अनिवार्यता को खत्म किया जाए।
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प्रतियोगी छात्र नेता आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में प्रतियोगी छात्र विभिन्न जनपदों से आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। हाथों में पोस्टर व तिरंगा लेकर अपनी आवाज बुलंद की। छात्रों ने कहा, सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में मंच से आश्वासन दिया था कि टीजीटी-पीजीटी के छात्रों को एक मौका दिए जाने के लिए शिक्षा मंंत्री की तरफ से एनसीटीई को पत्र लिखा जाए। इसके बावजूद पीजीटी का आवेदन नई नियमावली की अर्हता के अनुसार लिया गया। इसके बाद टीजीटी के लिए भी नई नियमावली से भर्ती कराने की
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प्रक्रिया शुरू कर दिया गया। ऐसे में आश्वासन देकर छात्रों के साथ धोखा किया गया है।
इसके पहले भी इन प्रतियोगी छात्रों ने प्रयागराज में 19 दिनों तक अनशन किया था। शिक्षा निदेशालय में बड़ा आंदोलन किया था, लेकिन सीएम के इस बयान के बाद डीएम व पुलिस कमिश्नर ने जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया था।
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