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Pratapgarh News: वीडीओ और एडीओ पंचायत ने हड़पे 8 लाख रुपये
Mon, 16 Oct 2023 09:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 16 Oct 2023 09:27 PM IST
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वर्ष 2021 में सांगीपुर विकास खंड के अमावां गांव में पंचायत भवन के निर्माण के लिए आई आठ लाख रुपये से अधिक की धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया। जांच में मामला खुला तो आरोपी वीडीओ और एडीओ पंचायत को रिकवरी नोटिस जारी किया गया है। यही नहीं बेलखरनाथ धाम के गहरीचक में अफसरों ने 2.58 लाख रुपये हजम कर लिए। संबंधित अधिकारियों को भी कारण बताओ के साथ रिकवरी नोटिस जारी किया गया है। सीडीओ ने आरोपी अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 31 अक्तूबर तक काम पूरा कराने का निर्देश दिया।
सीडीओ को शिकायत मिली थी कि वर्ष 2020-21 में पंचायत भवन निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों को मिली धनराशि में सांगीपुर के अमावां और बेलखरनाथधाम के गहरीचक में व्यापक खेल किया गया है। सरकारी धन आरोपियों ने खाते से निकाला, लेकिन निर्माण कराने के बजाय रकम का बंदरबांट कर लिया।
मामले की जांच जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) आलोक कुमार सिन्हा ने की तो सच सामने आ गया। डीपीआरओ के मुताबिक सांगीपुर के अमावां ग्राम पंचायत में पंचायत भवन के निर्माण के लिए तत्कालीन एडीओ पंचायत आद्या प्रसाद द्विवेदी और सचिव लव कुमार सिंह ने 8,08,160 रुपये निकाले, लेकिन निर्माण नहीं कराया। आरोप पुष्ट हुए कि सरकारी धन बांटकर हजम किया गया।
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अफसरों की जांच में मामला खुलने पर एडीओ पंचायत और वीडीओ के खिलाफ रिकवरी की नोटिस जारी किया गया तो खलबली मच गई। कार्रवाई की चेतावनी के बाद अब पंचायत भवन का निर्माण प्रारंभ किया गया है। आरोपी एडीओ पंचायत वर्तमान में लालगंज ब्लॉक में एडीओ हैं।
एक अन्य मामले में बेलखरनाथधाम ब्लॉक के गहरी चक ग्राम पंचायत में एडीओ पंचायत रहे उमेश कुमार यादव और सचिव फरीद अहमद ने 2.50 लाख रुपये निकाले, लेकिन निर्माण नहीं कराया। वर्तमान में भवन अधूरा पड़ा है। इस मामले में भी रिकवरी के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सीडीओ नवनीत सेहरा के मुताबिक अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। अधूरे भवनों को पूरा करने के लिए 31 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। इस अवधि में निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है, तो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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सीडीओ को शिकायत मिली थी कि वर्ष 2020-21 में पंचायत भवन निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों को मिली धनराशि में सांगीपुर के अमावां और बेलखरनाथधाम के गहरीचक में व्यापक खेल किया गया है। सरकारी धन आरोपियों ने खाते से निकाला, लेकिन निर्माण कराने के बजाय रकम का बंदरबांट कर लिया।
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मामले की जांच जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) आलोक कुमार सिन्हा ने की तो सच सामने आ गया। डीपीआरओ के मुताबिक सांगीपुर के अमावां ग्राम पंचायत में पंचायत भवन के निर्माण के लिए तत्कालीन एडीओ पंचायत आद्या प्रसाद द्विवेदी और सचिव लव कुमार सिंह ने 8,08,160 रुपये निकाले, लेकिन निर्माण नहीं कराया। आरोप पुष्ट हुए कि सरकारी धन बांटकर हजम किया गया।
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अफसरों की जांच में मामला खुलने पर एडीओ पंचायत और वीडीओ के खिलाफ रिकवरी की नोटिस जारी किया गया तो खलबली मच गई। कार्रवाई की चेतावनी के बाद अब पंचायत भवन का निर्माण प्रारंभ किया गया है। आरोपी एडीओ पंचायत वर्तमान में लालगंज ब्लॉक में एडीओ हैं।
एक अन्य मामले में बेलखरनाथधाम ब्लॉक के गहरी चक ग्राम पंचायत में एडीओ पंचायत रहे उमेश कुमार यादव और सचिव फरीद अहमद ने 2.50 लाख रुपये निकाले, लेकिन निर्माण नहीं कराया। वर्तमान में भवन अधूरा पड़ा है। इस मामले में भी रिकवरी के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सीडीओ नवनीत सेहरा के मुताबिक अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। अधूरे भवनों को पूरा करने के लिए 31 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। इस अवधि में निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है, तो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।