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13 हजार एमटी बढ़ा यूरिया का स्टाक, धान की टॉप ड्रेसिंग के लिए नहीं होगी मारामारी
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fertilizer
धान की टॉप ड्रेसिंग में इस बार यूरिया के लिए किसानों को मारामारी नहीं करनी पड़ेगी। समितियों में आसानी से यूरिया मिल जाएगी। दरअसल, जिले में पिछले साल के मुकाबले इस बार 13 हजार एमटी यूरिया का स्टॉक बढ़ाया गया है। इस बार 39 हजार एमटी यूरिया का लक्ष्य रखा गया है। इफको से प्रतिदिन यूरिया की खेप आ रही है।
जिले में खरीफ का दायरा एक लाख 42 हजार हेक्टेय है। खरीफ के सीजन में सबसे ज्यादा धान की फसल में ही उर्वरक की मांग होती है। इस बार करीब ढाई हजार हेक्टेयर धान की फसल का दायरा बढ़ा है। दरअसल, रोपाई के 20 से 25 दिन बाद बारिश होने पर यूरिया के लिए समितियों में किसानों की भीड़ उमड़ पड़ती है। समितियों में खाद के लिए मारामारी शुरू हो जाती है। अचानक डिमांड बढ़ने से समितियों में खाद की किल्लत शुरू हो जाती है।
इसकी मुख्य वजह है खाद का समय रहते भंडारण न करना। पिछले साल टॉप ड्रेसिंग के दौरान समितियों में खाद को लेकर खूब मारामारी हुई थी। इसे देखते हुए विभाग ने अभी से ही यूरिया का भंडारण शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि इस बार खरीफ के लिए यूरिया का लक्ष्य भी बढ़ाया गया है।
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पिछले साल 26 हजार एमटी लक्ष्य था, जो इस बार बढ़कर 39 हजार एमटी हो गया है। करीब 28 हजार एमटी यूरिया अब तक जिले में आ चुकी है। जबकि रोज 100 एमटी यूरिया जिले में आ रही है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि जिले में 39 हजार एमटी यूरिया के भंडारण का लक्ष्य रखा गया है।
खाद की दुकानों पर चेक किया जा रहा स्टॉक
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह के नेतृत्व में समितियों एवं पंजीकृत खाद की दुकानों पर छापे मारे जा रहे हैं। रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर में रूट चार्ट बनाकर खाद की दुकानों पर टीमें पहुंच रही हैं। मंगलवार को भी रानीगंज व पट्टी के कई इलाकों में जांच की गई। दर्जनभर दुकानों से नमूने लिए गए। स्टॉक का भी जायजा लिया गया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने दुकानदारों को पूरी पारदर्शिता के साथ खाद बेचने का निर्देश दिया।
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जिले में खरीफ का दायरा एक लाख 42 हजार हेक्टेय है। खरीफ के सीजन में सबसे ज्यादा धान की फसल में ही उर्वरक की मांग होती है। इस बार करीब ढाई हजार हेक्टेयर धान की फसल का दायरा बढ़ा है। दरअसल, रोपाई के 20 से 25 दिन बाद बारिश होने पर यूरिया के लिए समितियों में किसानों की भीड़ उमड़ पड़ती है। समितियों में खाद के लिए मारामारी शुरू हो जाती है। अचानक डिमांड बढ़ने से समितियों में खाद की किल्लत शुरू हो जाती है।
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इसकी मुख्य वजह है खाद का समय रहते भंडारण न करना। पिछले साल टॉप ड्रेसिंग के दौरान समितियों में खाद को लेकर खूब मारामारी हुई थी। इसे देखते हुए विभाग ने अभी से ही यूरिया का भंडारण शुरू कर दिया है। खास बात यह है कि इस बार खरीफ के लिए यूरिया का लक्ष्य भी बढ़ाया गया है।
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पिछले साल 26 हजार एमटी लक्ष्य था, जो इस बार बढ़कर 39 हजार एमटी हो गया है। करीब 28 हजार एमटी यूरिया अब तक जिले में आ चुकी है। जबकि रोज 100 एमटी यूरिया जिले में आ रही है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि जिले में 39 हजार एमटी यूरिया के भंडारण का लक्ष्य रखा गया है।
खाद की दुकानों पर चेक किया जा रहा स्टॉक
जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह के नेतृत्व में समितियों एवं पंजीकृत खाद की दुकानों पर छापे मारे जा रहे हैं। रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर में रूट चार्ट बनाकर खाद की दुकानों पर टीमें पहुंच रही हैं। मंगलवार को भी रानीगंज व पट्टी के कई इलाकों में जांच की गई। दर्जनभर दुकानों से नमूने लिए गए। स्टॉक का भी जायजा लिया गया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने दुकानदारों को पूरी पारदर्शिता के साथ खाद बेचने का निर्देश दिया।