फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   UP Board: Negligence of principals will be heavy in reaching the results to the examinees

यूपी बोर्ड: परीक्षार्थियों तक परीक्षा परिणाम पहुंचाने की पहल पर प्रधानाचार्यो की लापरवाही पड़ेगी भारी

Fri, 03 Jun 2022 11:58 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2022 11:58 PM IST
विज्ञापन
UP Board: Negligence of principals will be heavy in reaching the results to the examinees
यूपी बोर्ड के परीक्षार्थियों तक रिजल्ट पहुंचाने की यूपी बोर्ड की पहल पर प्रधानाचार्यों की लापरवाही भारी पड़ेगी। बोर्ड के आदेश के बाद भी कक्षा नौ से 12वीं तक के ढाई लाख बच्चों के सापेक्ष अब तक सिर्फ एक लाख 18 हजार बच्चों की ही ई-मेल आईडी बन पाई है। अफसरों की फटकार के बाद भी प्रधानाचार्य इसे लेकर गंभीर नहीं हैं।
विज्ञापन

जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त व वित्तवहीन स्कूल व कॉलेजों की संख्या लगभग 650 के करीब है। यूपी बोर्ड ने स्कूल एवं कॉलेजों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों की ई-मेल आईडी के साथ कॉलेजों की वेबसाइट तैयार करने के निर्देश दिए थे। जिससे परीक्षा के दौरान प्रवेश पत्र, मार्कशीट आदि के लिए बच्चों को कॉलेजों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्हें आसानी से सभी जरूरी सूचनाएं मुहैया कराई जा सकें।
विज्ञापन

वहीं, इस बार बोर्ड ने परीक्षा में शामिल होने वाले हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थियों की ई-मेल आईडी पर ही रिजल्ट उपलब्ध कराने की तैैयारी की थी। बोर्ड के निर्देश के बाद डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद ने प्रधानाचार्यों को ई-मेल आईडी और कॉलेजों की वेबसाइट तैयार करने के निर्देश दिए थे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 9वीं से 12वीं तक में कुल दो लाख 29 हजार 626 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इसके सापेक्ष अब तक कुल 118761 बच्चों की ही ई-मेल आईडी बन पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कक्षा नौंवी में 61836 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें सिर्फ 33344 बच्चों की ई-मेल आईडी बनी है। इसी तरह कक्षा 10वीं में 56599 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन, सिर्फ 29113 बच्चों की ई-मेल आईडी बन पाई है। इसी तरह 11वीं में 54027 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, इनमें 27227 बच्चों का ही ई-मेल आईडी बनी है।

12वीं में 48710 बच्चों के मुकाबले अभी तक 26584 की ई-मेल आईडी बनी है। ऐसे में कुल 1 लाख 10 हजार 865 बच्चों की अभी भी ई-मेल आईडी नहीं बन पाई है। अफसरों के आदेश को लेकर प्रधानाचार्य तनिक भी संजीदा नहीं हैं। डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद ने बताया कि बच्चों की ई-मेल आईडी व कॉलेजों की वेबाइसाट बनाने को लेकर लापरवाही बरतने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ब्लॉकवार नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, जो कॉलेजों में जाकर ई-मेल आईडी की प्रगति देखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed