फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   up board fail in game of shilsha mafia

शिक्षा माफियाओं के खेल में यूपी बोर्ड फेल

Wed, 14 Nov 2018 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Wed, 14 Nov 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
up board fail in game of shilsha mafia
exam
यूपी बोर्ड इलाहाबाद के परीक्षा केंद्र निर्धारण में शिक्षा माफियाओं का दबदबा इस वर्ष भी बरकरार रहा। वह जीआईसी, सहायता प्राप्त कालेजों को दरकिनार कर जिले के वित्तविहीन 135 कालेजों को परीक्षा केंद्र बनवाने में सफल रहे हैं। नकलची परीक्षा केंद्रों पर अपने बच्चों की शिफ्टिंग कराने और विरोधियों के बच्चों को दूरदराज के स्कूलों में भेज दिया गया है।   
विज्ञापन



यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शिक्षा माफिया इस बार भी हावी हैं। शासन की सभी कोशिशें उस समय फेल हो गईं, जब शिक्षा माफिया सेटिंग वाले स्कूलों को केंद्र बनाने के साथ ही परीक्षार्थियों की शिफ्टिंग कराने में सफल रहे। जिले में 36 जीआईसी में महज चार को केंद्र बनाया, 78 सहायता प्राप्त कालेजों में सिर्फ 63 को केंद्र बनाया और 135 वित्तविहीन कालेजों को केंद्र बना दिया गया है। यूपी बोर्ड भले ही साफ-सुथरे कालेजों को केंद्र बनाने का दावा कर रहा है, मगर जिले के अधिकांश कालेज ऐसे केंद्र बना दिए गए हैं, जिनकी छवि पहले से ही धूमिल है। परीक्षार्थियों को एक-दूसरे केंद्र भेजने में भी जमकर खेल हुआ है। अधिकांश कालेजों में सेटिंग करके अदला-बदली कर ली गई है। शिक्षा माफिया विरोधियों को भी चित करने से बाज नहीं आए हैं। गड़वारा स्थित पारसनाथ सिंह इंटरमीडिएट कालेज राजापुर की बालिकाओं का 50 किमी दूर स्थित सांगीपुर विकास खंड के ठा. बलभद्र इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
विज्ञापन



परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में हुए खेल को लेकर डीआईओएस कार्यालय में अभी तक 38 आपत्तियां आई हैं। इनमें अधिकांश कालेजों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाने और परीक्षार्थियों की शिफ्टिंग दूर होने की शिकायतें हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और शिफ्टिंग में हुई गड़बड़ी के लिए कालेज 16 नवंबर तक आपत्ति दाखिल कर सकते हैं। टीईटी परीक्षा में अभी व्यस्तता के चलते इस दिशा में कोई कार्य भी नहीं हो रहा है। टीईटी परीक्षा होने के बाद बोर्ड परीक्षा में ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

 

बोर्ड के स्तर से परीक्षा केंद्रों के निर्धारण और बच्चों की शिफ्टिंग में जो गड़बड़ी हुई है, उसे डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेठी के सामने रखकर संशोधित किया जाएगा। किसी भी स्कूल की बालिकाओं को 50 किमी दूर परीक्षा देने नहीं जाना होगा। अगर आवश्यकता पड़ी तो परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।  
श्याम प्रकाश यादव, डीआईओएस।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed