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अल्ट्रासाउंड संचालकों को अब सार्वजनिक करना होगा जांच किए गए रिपोर्ट का रिकार्ड

Mon, 11 Oct 2021 12:03 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 11 Oct 2021 12:03 AM IST
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Ultrasound operators will now have to make public the investigation report
कन्या भ्रूण हत्या पर लगाम लगाने के लिए शासन ने नया आदेश जारी कर दिया है। अल्ट्रासाउंड संचालकों को दिनभर की गई जांच, मरीज का नाम और किन कारणों से उसने अल्ट्रासाउंड कराया, इसका रिकार्ड सार्वजनिक करना होगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए एक वेबसाइट तैयार की गई है। जिस पर समस्त सूचनाएं संचालकों को अपलोड करनी होंगी।
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कन्या भ्रूण श्हत्या पर लगाम लगाने के लिए शासन ने मुखबिरी योजना शुरू की थी,। मगर जिले में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने इस योजना को धरातल पर नहीं आने दिया। इसका प्रचार-प्रसार तक करना उचित नहीं समझा। जिसके चलते आज भी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लिंग परीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए पांच से सात हजार रुपये वसूले जाते हैं। सबकुछ जानते हुए भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर चुप्पी साधे रहते हैं।
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अब शासन ने इस पर रोक लगाने के लिए नई पहल की है। प्यारी बिटिया डाट इन के नाम से शासन की तरफ से एक वेबसाइट तैयार की गई है। अल्ट्रासाउंड संचालकों को इस वेबसाइट पर जांच कराने वाले मरीजों के नाम, मोबाइल नंबर, पूरा पता समेत जानकारियां अपलोड करनी होंगी। इससे शासन में बैठे अफसरों के साथ सीएमओ आफिस के कर्मचारियों को यह पता चल जाएगा कि कहां पर कन्या भ्रूण हत्या की जांच हो रही है।
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शासन ने सीएमओ को आदेश दिया है कि वेबसाइट पर मरीजों की डिटेल अपलोड न करने वाले अल्ट्रासाउंड संचालकों महज एक बार नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी सूचनाएं अपलोड न करने पर उनका पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।

मेरी प्यारी बिटिया नाम से एक वेबसाइट शासन की ओर से लांच की गई। जिलेभर के अल्ट्रासाउंड संचालकों को मरीजों की जांच के पहले अब इस वेबसाइट पर जाकर उनका पूरा ब्यौरा भरना होगा। इसके बाद ही वे जांच कर सकेंगे। इससे कन्या भ्रूण हत्या पर लगाम लगेगी। वेबसाइट पर मरीजों की डिटेल अपलोड न करने वाले संचालकों के लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे। -एसके सिंह, डिप्टी सीएमओ
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