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Pratapgarh News: दो घंटे भारी...डॉक्टर गए प्रशिक्षण लेने, मरीज घर वापस
Tue, 09 Jan 2024 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Tue, 09 Jan 2024 02:00 AM IST
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रामधन यादव।
मेडिकल कॉलेज में सोमवार को डॉक्टरों के प्रशिक्षण के चलते कई मरीजों को घर लौटना पड़ा। एचआईएमएस (हॉस्पीटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम) का प्रशिक्षण सोमवार सुबह दस से दोपहर 12 बजे तक दिया गया। इस दौरान ओपीडी में सिर्फ एक डॉक्टर मौजूद रहे।
मेडिकल कॉलेज की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं व सुविधाओं को पारदर्शी व सिस्टम को पेपरलेस करने के लिए एचआईएमएस का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। ताकि एक ही पोर्टल के माध्यम से सभी स्वास्थ्य गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इस पर सोमवार को मेडिकल कॉलेज में दो घंटे प्रशिक्षण दिया गया।
ओपीडी में इकलौते फिजीशियन डॉ. मनोज खत्री ने मरीजों को देखा। बाकी डॉक्टर कार्यशाला में प्रतिभाग करने चले गए थे। दोपहर 12 बजे लौटकर आए। ऐसे में काफी संख्या में मरीज वापस लौट गए थे।
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मायूस मरीज
ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित हूं। नंबर लगाकर पहले ओपीडी का पर्चा बनवाया। जब डॉक्टर को दिखाने की बारी आई तो वे न जाने कहा चले गए। बगैर इलाज कराए लौटना पड़ा।
- बाबा रामधन यादव, दहिलामऊ।
ओपीडी में डॉक्टर ही नहीं है। सुबह से परेशान हूं। दोपहर के 12 बजने वाले हैं। मेडिकल कॉलेज से तो बेहतर जिला अस्पताल ही था।
- कमलेश गड़वारा
वर्जन
सभी चिकित्सकों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। हालाकि दोपहर 12 बजे छोड़ दिया गया। चिकित्सकों ने तीन बजे तक मरीजों का इलाज किया।
- डॉ. सौभाग्य प्रकाश, सीएमस मेडिकल कॉलेज।
इनसेट
ऑनलाइन रिपोर्ट बनाने की दी जानकारी
डीजीएमई के आदेश पर सीडीके कंपनी के मैनेजर ने चिकित्सकों को सुबह दस से दोपहर बारह बजे तक पोर्टल के माध्यम से किस विभाग को किस तरह से ऑनलाइन रिपोर्ट तैयार करनी है, इसके बारे में जानकारी दी गई। प्रोजेक्ट के टीम लीडर राहुल कुमार ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि कौन-कौन इसके यूजर होंगे तथा किस प्रकार अपने-अपने विभाग से संबंधित रिपोर्ट को अपलोड करेंगे।
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मेडिकल कॉलेज की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं व सुविधाओं को पारदर्शी व सिस्टम को पेपरलेस करने के लिए एचआईएमएस का डिजिटाइजेशन किया जा रहा है। ताकि एक ही पोर्टल के माध्यम से सभी स्वास्थ्य गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इस पर सोमवार को मेडिकल कॉलेज में दो घंटे प्रशिक्षण दिया गया।
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ओपीडी में इकलौते फिजीशियन डॉ. मनोज खत्री ने मरीजों को देखा। बाकी डॉक्टर कार्यशाला में प्रतिभाग करने चले गए थे। दोपहर 12 बजे लौटकर आए। ऐसे में काफी संख्या में मरीज वापस लौट गए थे।
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मायूस मरीज
ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित हूं। नंबर लगाकर पहले ओपीडी का पर्चा बनवाया। जब डॉक्टर को दिखाने की बारी आई तो वे न जाने कहा चले गए। बगैर इलाज कराए लौटना पड़ा।
- बाबा रामधन यादव, दहिलामऊ।
ओपीडी में डॉक्टर ही नहीं है। सुबह से परेशान हूं। दोपहर के 12 बजने वाले हैं। मेडिकल कॉलेज से तो बेहतर जिला अस्पताल ही था।
- कमलेश गड़वारा
वर्जन
सभी चिकित्सकों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। हालाकि दोपहर 12 बजे छोड़ दिया गया। चिकित्सकों ने तीन बजे तक मरीजों का इलाज किया।
- डॉ. सौभाग्य प्रकाश, सीएमस मेडिकल कॉलेज।
इनसेट
ऑनलाइन रिपोर्ट बनाने की दी जानकारी
डीजीएमई के आदेश पर सीडीके कंपनी के मैनेजर ने चिकित्सकों को सुबह दस से दोपहर बारह बजे तक पोर्टल के माध्यम से किस विभाग को किस तरह से ऑनलाइन रिपोर्ट तैयार करनी है, इसके बारे में जानकारी दी गई। प्रोजेक्ट के टीम लीडर राहुल कुमार ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि कौन-कौन इसके यूजर होंगे तथा किस प्रकार अपने-अपने विभाग से संबंधित रिपोर्ट को अपलोड करेंगे।

रामधन यादव।