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फैसला: सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी को मरणासन्न छोड़ने के दो दोषियों को मुत्युदंड की सजा

Wed, 02 Nov 2022 09:57 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 02 Nov 2022 09:57 PM IST
सार

नवाबगंज इलाके के एक गांव में रहने एक युवक ने 30 दिसंबर 2021 को पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बहन 27 दिसंबर को गांव की दुकान पर बेसन खरीदने गई थी।

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Two convicts sentenced to death for leaving the girl dead after Harassment
court new - फोटो : istock

विस्तार

नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी को अगवा करने, सामूहिक दुष्कर्म के बाद मरणासन्न छोड़ने के दो दोषियों को विशेष अदालत ने मुत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों को 50 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा।  पॉक्सो अधिनियम की विशेष अदालत के न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी रिजवान व हलीम को दोषी पाते हुए मृत्युदंड व दोनों को पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जबकि तीसरे बाल अपचारी की फाइल पृथक करते हुए सुनवाई के लिए पहले ही उसे बाल न्यायालय भेजा गया था।

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नवाबगंज इलाके के एक गांव में रहने एक युवक ने 30 दिसंबर 2021 को पुलिस को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बहन 27 दिसंबर को गांव की दुकान पर बेसन खरीदने गई थी। इस दौरान उसके साथ अप्रिय घटना हुई। नवाबगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। तत्कालीन थानाध्यक्ष रुकुम पाल सिंह एवं उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह ने विवेचना के दौरान पाया कि गांव की दुकान पर बेसन लेने जाते समय आरोपी रिजवान व हलीम उर्फ खड़बड़ के साथ ही बाल अपचारी ने उसका अपहरण कर लिया। आरोपी पीड़िता को जबरन गांव के पास रेलवे ट्रैक किनारे ले गए और सामूहिक दुष्कर्म के दौरान विरोध करने पर बेरहमी से पीटा। आंख पर भी प्रहार किया।

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किशोरी मरा समझकर उसे छोड़कर भाग निकले। आरोपियों ने पीड़िता की इस कदर पिटाई की थी कि उसके चेहरे की हड्डी टूट गई थी और आंख से उसे दिखाई देना बंद हो गया। पीड़िता की पिटाई से उसके पैर व हाथ में फ्रैक्चर हो गए थे। ग्रामीणों की मदद से पीड़िता को पहले उपचार के लिए सीएचसी कालाकांकर भेजा गया था। फिर पांच दिन तक प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में उपचार के बाद हालत में सुधारी तो परिजनों संग पीड़िता पुलिस के पास पहुंची। पुलिस को पुलिस को आपबीती सुनाई तो कार्रवाई की गई।

इस मामले में कुल 11 गवाहों ने कोर्ट को घटना से जुड़ी जानकारी दी। कोर्ट ने एक आरोपी को बाल अपचारी घोषित कर उसकी पत्रावली पृथक कर बाल न्यायालय भेज दिया था। अन्य दोनों अभियुक्त हलीम उर्फ खड़बड़ व रिजवान के खिलाफ सात मई 2022 को आरोप विरचित किया गया। कोर्ट में इस मामले में 15 अक्तूबर को अंतिम बहस हुई। लगभग छह माह के भीतर ही गवाहों को पेश कर कोर्ट ने निर्णय दिया। मामले में राज्य की ओर से प्रभावी पैरवी विशेष लोक अभियोजक  राजेश त्रिपाठी व  निर्भय सिंह की ओर से की गई। कोर्ट ने माना कि ऐसे निर्णय से गंभीर अपराध पर लगाम लगेगी। यह निर्णय महिलाओं एवं बच्चियों के विरुद्ध हो रहे अपराध को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा। 

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गांव में पुलिस की हुई तैनाती 
अपहरण कर दुराचार व हत्या के प्रयास के मामले में बुधवार की शाम कोर्ट का फैसला आने के तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों के आदेश पर नवाबगंज पुलिस हरकत में आ गई। पीड़िता के गांव में पुलिस बल की तैनाती कराई गई जबकि आरोपियों के गांव में पुलिस टीम को गश्त के लिए लगाया गया। बताया गया कि इस घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया था। उस दौरान पुलिस को मामला शांत कराने कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी। 

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