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बिल्डिंग मैटेरियल का टेंडर न होने से लटके ट्रामा सेंटर
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:07 AM IST
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बिल्डिंग मैटेरियल का टेंडर न होने के कारण जिले में निर्माणाधीन ट्रामा सेंटरों का काम अटक गया है। टेंडर तो दो बार निकाला गया, मगर एक भी दुकानदार सामने नहीं आया। इसके चलते निर्माण कराने वाली संस्था परेशान है।
जिले के सदर, रानीगंज, लालगंज व कुंडा तहसील में चार साल से ट्रामा सेंटर का निर्माण हो रहा है। कुंडा में जमीन के विवाद के चलते निर्माण कार्य शुरुआती दौर में ही ठप हो गया। लालगंज, सदर और रानीगंज में ट्रामा सेंटर का निर्माण तेजी से हो रहा था। बीच में बजट न मिलने के कारण काम रुक गया। एक साल पहले ही निर्माण कार्य पूरा होना था। निर्माण कराने वाली संस्था को स्वास्थ्य विभाग को अब तक ट्रामासेंटर हैंडओवर कर देना था, मगर ऐसा नहीं हो सका। ठेकेदार बजट का अभाव बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ ले रहे थे। बीच में शासन ने तीनों ट्रामा ेंटर के लिए बजट तो दिया, लेकिन एक नया पेच फंस गया। शासन ने फरमान जारी कर दिया कि निर्माण कार्य कराने वाली संस्था सामाग्री खरीदने में खेल करती है। इस लिए अब बिल्डिंग मैटेरियल के लिए दुकान का टेंडर कराया जाए और नामित दुकान से कार्यदायी संस्था सामाग्री खरीद कर प्रयोग करे। तीन माह बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी दुकानदार को टेंडर नहीं दिया गया। इसके चलते ठेकेदार परेशान हो रहे हैं। ट्रामासेंटर का निर्माण कराने वाली संस्था के कर्मचारियों की मानी जाए तो सामाग्री समय से न मिलने के कारण कार्य ठप हो गया है। वर्ष 2018 तक ट्रामासेंटर हैंडओवर करने की तैयारी थी, मगर अब 2019 के पहले मुश्किल हैं।
टेंडर डालने को तैयार नहीं दुकानदार
बिल्डिंग मैटेरियल का टेंडर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो बार निकाला गया। मगर दुकानदार टेंडर डालने को तैयार नहीं हो रहे हैं। दोनों बार एक भी दुकानदार ने टेंडर नहीं डाला। इससे ठेकेदार और परेशान हैं। सीएमओ भी इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
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बजट मिल गया है। बिल्डिंग मैटेरियल का टेंडर भी निकाला जा चुका है। टेंडर में किसी ठेकेदार ने सहभागिता अभी तक नहीं निभाई है। इसके लिए शासन को अवगत करा दिया गया है। रानीगंज और शहर का ट्रामासेंटर करीब-करीब बनकर तैयार भी हो गया है। कुछ ही काम बचा हुआ है। जल्द ही उसे सीएमओ को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
अवधेश सिंह, जेई, स्वास्थ्य विभाग।
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जिले के सदर, रानीगंज, लालगंज व कुंडा तहसील में चार साल से ट्रामा सेंटर का निर्माण हो रहा है। कुंडा में जमीन के विवाद के चलते निर्माण कार्य शुरुआती दौर में ही ठप हो गया। लालगंज, सदर और रानीगंज में ट्रामा सेंटर का निर्माण तेजी से हो रहा था। बीच में बजट न मिलने के कारण काम रुक गया। एक साल पहले ही निर्माण कार्य पूरा होना था। निर्माण कराने वाली संस्था को स्वास्थ्य विभाग को अब तक ट्रामासेंटर हैंडओवर कर देना था, मगर ऐसा नहीं हो सका। ठेकेदार बजट का अभाव बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ ले रहे थे। बीच में शासन ने तीनों ट्रामा ेंटर के लिए बजट तो दिया, लेकिन एक नया पेच फंस गया। शासन ने फरमान जारी कर दिया कि निर्माण कार्य कराने वाली संस्था सामाग्री खरीदने में खेल करती है। इस लिए अब बिल्डिंग मैटेरियल के लिए दुकान का टेंडर कराया जाए और नामित दुकान से कार्यदायी संस्था सामाग्री खरीद कर प्रयोग करे। तीन माह बाद भी अभी तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी दुकानदार को टेंडर नहीं दिया गया। इसके चलते ठेकेदार परेशान हो रहे हैं। ट्रामासेंटर का निर्माण कराने वाली संस्था के कर्मचारियों की मानी जाए तो सामाग्री समय से न मिलने के कारण कार्य ठप हो गया है। वर्ष 2018 तक ट्रामासेंटर हैंडओवर करने की तैयारी थी, मगर अब 2019 के पहले मुश्किल हैं।
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टेंडर डालने को तैयार नहीं दुकानदार
बिल्डिंग मैटेरियल का टेंडर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो बार निकाला गया। मगर दुकानदार टेंडर डालने को तैयार नहीं हो रहे हैं। दोनों बार एक भी दुकानदार ने टेंडर नहीं डाला। इससे ठेकेदार और परेशान हैं। सीएमओ भी इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
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बजट मिल गया है। बिल्डिंग मैटेरियल का टेंडर भी निकाला जा चुका है। टेंडर में किसी ठेकेदार ने सहभागिता अभी तक नहीं निभाई है। इसके लिए शासन को अवगत करा दिया गया है। रानीगंज और शहर का ट्रामासेंटर करीब-करीब बनकर तैयार भी हो गया है। कुछ ही काम बचा हुआ है। जल्द ही उसे सीएमओ को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
अवधेश सिंह, जेई, स्वास्थ्य विभाग।