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तीन अधिकारियों, दो लिपिकों पर गिरी गाज
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 26 Dec 2014 10:11 PM IST
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विकास कार्यों में लापरवाही मिलने से नाराज डीएम अमृत त्रिपाठी ने दो लिपिक व तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। सड़क में खामी पाए जाने पर उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ जांच बाद एफआईआर का निर्देश दिया। यह कार्रवाई शुक्रवार को जिलाधिकारी संडवाचंद्रिका विकास खंड क्षेत्र में निरीक्षण कर लौटने के बाद देर शाम की।
डीएम ने सबसे पहले बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय संडवाचंद्रिका का निरीक्षण किया। पुष्टाहार की प्राप्ति व वितरण का ब्यौरा सही नहीं मिला। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार के वितरण में अनियमितता भी पाई। स्थिति देख नाराज डीएम ने संबंधित लिपिक को निलंबित करने का निर्देश दिया। साथ ही स्टॉक का सत्यापन एसडीएम से न कराए जाने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। मामले की जांच जिला विकास अधिकारी रमाकांत तिवारी को सौंपी।
मामले की जांच न करने के कारण जिलाधिकारी ने बीडीओ संडवा चंद्रिका को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। ब्लाक स्थित पशु चिकित्सालय तथा कार्यालय के निरीक्षण में भी खामियां मिलीं। उसके बाद जिलाधिकारी ने राजकीय कृषि बीज भंडार के रजिस्टर व दवाओं के स्टाक अभिलेखाें की भी जांच की। बीज वितरण में धांधली सामने आने पर संबंधित लिपिक को निलंबित करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की स्थिति खराब देख अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को जांच सौंप दी। पीएमजीएसवाई के तत्कालीन अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता को निलंबित करते हुए काम कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ जांच कर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। वन विभाग नर्सरी यानी पौधशाला के निरीक्षण में भी खामियां उजागर हुईं। नर्सरी की स्थिति खराब पाने पर जांच डीडीओ को सौंपी है। निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी रमाकांत तिवारी, डीएफओ वाईपी शुक्ला, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अनिल कुमार शर्मा आदि रहे।
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डीएम ने सबसे पहले बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय संडवाचंद्रिका का निरीक्षण किया। पुष्टाहार की प्राप्ति व वितरण का ब्यौरा सही नहीं मिला। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार के वितरण में अनियमितता भी पाई। स्थिति देख नाराज डीएम ने संबंधित लिपिक को निलंबित करने का निर्देश दिया। साथ ही स्टॉक का सत्यापन एसडीएम से न कराए जाने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। मामले की जांच जिला विकास अधिकारी रमाकांत तिवारी को सौंपी।
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मामले की जांच न करने के कारण जिलाधिकारी ने बीडीओ संडवा चंद्रिका को प्रतिकूल प्रविष्टि दी। ब्लाक स्थित पशु चिकित्सालय तथा कार्यालय के निरीक्षण में भी खामियां मिलीं। उसके बाद जिलाधिकारी ने राजकीय कृषि बीज भंडार के रजिस्टर व दवाओं के स्टाक अभिलेखाें की भी जांच की। बीज वितरण में धांधली सामने आने पर संबंधित लिपिक को निलंबित करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की स्थिति खराब देख अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को जांच सौंप दी। पीएमजीएसवाई के तत्कालीन अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता को निलंबित करते हुए काम कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ जांच कर एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। वन विभाग नर्सरी यानी पौधशाला के निरीक्षण में भी खामियां उजागर हुईं। नर्सरी की स्थिति खराब पाने पर जांच डीडीओ को सौंपी है। निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी रमाकांत तिवारी, डीएफओ वाईपी शुक्ला, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अनिल कुमार शर्मा आदि रहे।
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