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कमाई से अधिक खर्च करने वाले तीन संविदा चालक, कार्रवाई
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Three contract drivers spending more than earning, action
मॉडल बस स्टैंड के तीन बस चालकों पर कमाई से अधिक खर्च करने के मामले में कार्रवाई की गई है। इन चालकों ने अधिक डीजल खपाते हुए विभाग को चपत लगाई। तीनों चालकों को परिवहन निगम के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इस कार्रवाई से विभागीय कर्मचारियों में घबराहट बढ़ी है।
मॉडल बस स्टैंड पर तैनात संविदा चालक इंद्र बहादुर, अखिलेश उपाध्याय और पवन गौतम जिन बसों को चला रहे थे, वे हर दिन घाटे पर रहती थीं। ज्यादा खर्च के बाद कम कमाई के इन मामलों में आमदन अट्ठनी और खर्च रुपया... जैसी कहावत चरितार्थ होने से बसें हर दिन घाटे में रहती थीं। मामले में विभागीय अधिकारी निगरानी कर रहे थे।
एआरएम ने इन कर्मचारियों को तीन बार नोटिस भी दिया। तीनों चालकों ने हर बार बस में खराबी बताकर अफसरों को गुमराह करने की कोशिश करते थे। तीनों अपनी मर्जी से बस भी बदलते रहे, फिर भी आय नहीं बढ़ती थी। लखनऊ, कानपुर और फैजाबाद जाने वाली बसों किराये से मिलने वाली आय से अधिक का डीजल खर्च हो जाता था।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए एआरएम ने आरएम को पत्र लिखा था। आरएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कम आय वाले तीनों चालकों को कार्यालय में अटैच कर लिया। एआरएम पीके कटिहार ने बताया कि तीन के अलावा ऐसे 13 चालक और परिचालक हैं। जिनकी बसों से कम आय हो रही है, जबकि डीजल खर्च कहीं ज्यादा है। अन्य कर्मचारियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। सभी की रिपोर्ट आरएम कार्यालय भेजी जाएगी।
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मॉडल बस स्टैंड पर तैनात संविदा चालक इंद्र बहादुर, अखिलेश उपाध्याय और पवन गौतम जिन बसों को चला रहे थे, वे हर दिन घाटे पर रहती थीं। ज्यादा खर्च के बाद कम कमाई के इन मामलों में आमदन अट्ठनी और खर्च रुपया... जैसी कहावत चरितार्थ होने से बसें हर दिन घाटे में रहती थीं। मामले में विभागीय अधिकारी निगरानी कर रहे थे।
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एआरएम ने इन कर्मचारियों को तीन बार नोटिस भी दिया। तीनों चालकों ने हर बार बस में खराबी बताकर अफसरों को गुमराह करने की कोशिश करते थे। तीनों अपनी मर्जी से बस भी बदलते रहे, फिर भी आय नहीं बढ़ती थी। लखनऊ, कानपुर और फैजाबाद जाने वाली बसों किराये से मिलने वाली आय से अधिक का डीजल खर्च हो जाता था।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए एआरएम ने आरएम को पत्र लिखा था। आरएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कम आय वाले तीनों चालकों को कार्यालय में अटैच कर लिया। एआरएम पीके कटिहार ने बताया कि तीन के अलावा ऐसे 13 चालक और परिचालक हैं। जिनकी बसों से कम आय हो रही है, जबकि डीजल खर्च कहीं ज्यादा है। अन्य कर्मचारियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। सभी की रिपोर्ट आरएम कार्यालय भेजी जाएगी।