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बीएड प्रवेश परीक्षा में हजारों छात्र हो सकते हैं भारांक से वंचित
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एनएसएस करने वाले हजारों छात्र-छात्राएं बीएड प्रवेश परीक्षा में भारांक का फायदा पाने से वंचित हो सकते हैं। एनएसएस का सर्टिफिकेट न मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है। वे कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय से संबद्ध जिले के 40 कॉलेजों में राष्ट्रीय सेवायोजना का संचालन किया जा रहा है।
लगभग आठ हजार छात्र-छात्राएं प्रति वर्ष एनएसएस का प्रशिक्षण ले रहे हैं। सत्र 2018 तक विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों को एनएसएस का सर्टिफिकेट उपलब्ध करा दिया है। लेकिन इसके बाद से कॉलेजों को एनएसएस सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं कराया गया। कॉलेजों की ओर से सभी अभिलेख विश्वविद्यालय में जमा करा दिए गए हैं।
इसके बावजूद सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उन्हें यह कहकर विश्वविद्यालय से लौटा दिया जा रहा है कि अभी सर्टिफिकेट प्रिंट नहीं हो सका है। इस बार जिले के 20 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन किया है। परीक्षा 6 जुलाई को आयोजित की जाएगी। उसके बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सर्टिफिकेट न होने से छात्र-छात्राओं को भारांक का लाभ नहीं मिलेगा।
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पंद्रह अंक का मिलता है भारांक
दो वर्षीय एनएसएस शिविर करने वाले छात्र-छात्राओं को बीएड प्रवेश परीक्षा में 15 अंक का भारांक दिया जाता है। जबकि एक वर्षीय शिविर करने वाले छात्रों को 10 अंक का भारांक का लाभ मिलता है। भारांक का लाभ मिलने से छात्र-छात्राओं की रैंकिंग अच्छी हो जाती है। जिससे उन्हें मनपसंद कॉलेज मिल जाता है।
कॉलेज अपनी तरफ से बीएड काउंसलिंग के लिए प्रोविजनल सर्टिफिकेट दे सकते हैं। जिसमें वह दर्शा सकते हैं कि छात्र-छात्रा ने एनएसएस किया है।
एसके शुक्ल, कुलसचिव
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लगभग आठ हजार छात्र-छात्राएं प्रति वर्ष एनएसएस का प्रशिक्षण ले रहे हैं। सत्र 2018 तक विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों को एनएसएस का सर्टिफिकेट उपलब्ध करा दिया है। लेकिन इसके बाद से कॉलेजों को एनएसएस सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं कराया गया। कॉलेजों की ओर से सभी अभिलेख विश्वविद्यालय में जमा करा दिए गए हैं।
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इसके बावजूद सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उन्हें यह कहकर विश्वविद्यालय से लौटा दिया जा रहा है कि अभी सर्टिफिकेट प्रिंट नहीं हो सका है। इस बार जिले के 20 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन किया है। परीक्षा 6 जुलाई को आयोजित की जाएगी। उसके बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सर्टिफिकेट न होने से छात्र-छात्राओं को भारांक का लाभ नहीं मिलेगा।
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पंद्रह अंक का मिलता है भारांक
दो वर्षीय एनएसएस शिविर करने वाले छात्र-छात्राओं को बीएड प्रवेश परीक्षा में 15 अंक का भारांक दिया जाता है। जबकि एक वर्षीय शिविर करने वाले छात्रों को 10 अंक का भारांक का लाभ मिलता है। भारांक का लाभ मिलने से छात्र-छात्राओं की रैंकिंग अच्छी हो जाती है। जिससे उन्हें मनपसंद कॉलेज मिल जाता है।
कॉलेज अपनी तरफ से बीएड काउंसलिंग के लिए प्रोविजनल सर्टिफिकेट दे सकते हैं। जिसमें वह दर्शा सकते हैं कि छात्र-छात्रा ने एनएसएस किया है।
एसके शुक्ल, कुलसचिव