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प्रतापगढ़: मेडिकल कॉलेज में नहीं होगी ऑक्सीजन की दिक्कत, लगेगा एलएमओ प्लांट
Mon, 13 Feb 2023 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 13 Feb 2023 12:24 AM IST
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मेडिकल काॅलेज में अब 50 किलोलीटर का एलएमओ (लिक्वयड मेडिकल आक्सीजन) प्लांट जल्द स्थापित कराया जाएगा। जिसमें आक्सीजन की शुद्धता सौ प्रतिशत रहेगी। इससे जहां अस्पताल में आक्सीजन की किल्लत दूर होगी, अन्य लोगों को भी इसकी आपूर्ति हो सकेगी। मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। मार्च के प्रथम सप्ताह तक यह कार्य शुरू हो जाएगा।
जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बना दिया गया। दो सौ के बजाए अब इसे पांच सौ बेड का अस्पताल बनाया जा चुका है। यहां ऑक्सीजन प्लांट लगा है, मगर पाइप लाइन पुरानी होने के कारण लीकेज की समस्या बनी रहती है। इससे मरीजों को दिक्कतें होती है। मरीजों की समस्या को दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने शासन को पत्र भेजकर एलएमओ प्लांट की मांग की थी। जिसे शासन स्वीकृत कर दिया।
प्राचार्य ने बताया कि डायरेक्टर मेडिकल जनरल की संस्तुति मिल गई है। जैसे ही बजट मिलता है सबसे पहले राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के नए भवन में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद एलएमओ प्लांट की स्थापना होगी। इसके संचालन से रसोई गैस सिलिंडर की तर्ज पर तरल आक्सीजन की उपलब्धता रहेगी।
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जिसकी ऑक्सीजन 100 प्रतिशत शुद्ध होगी। जबकि पहले वाले एयर आक्सीजन प्लांट में शुद्धता 97 प्रतिशत रहती है। इस प्लांट के स्थापित होने में मेडिकल कॉलेज को कंपनी से करीब 30 रुपये प्रतिकिलो ऑक्सीजन व करीब 18 रुपये प्रतिकिलो परिवहन खर्च की दर का भुगतान करना होगा,लेकिन हर समय आक्सीजन की उपलब्धता रहेगी।
प्राचार्य डॉ. एस कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी का निर्धारण हो चुका है। एक सप्ताह के अंदर एग्रीमेंट सर्वे होना है। मार्च के पहले सप्ताह तक प्लांट स्थापित हो जाएगा। प्लांट की जगह पूरी तरह फायर प्रूफ रहेगी। जिससे आग लगने का खतरा न रहे।
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जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बना दिया गया। दो सौ के बजाए अब इसे पांच सौ बेड का अस्पताल बनाया जा चुका है। यहां ऑक्सीजन प्लांट लगा है, मगर पाइप लाइन पुरानी होने के कारण लीकेज की समस्या बनी रहती है। इससे मरीजों को दिक्कतें होती है। मरीजों की समस्या को दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने शासन को पत्र भेजकर एलएमओ प्लांट की मांग की थी। जिसे शासन स्वीकृत कर दिया।
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प्राचार्य ने बताया कि डायरेक्टर मेडिकल जनरल की संस्तुति मिल गई है। जैसे ही बजट मिलता है सबसे पहले राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के नए भवन में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद एलएमओ प्लांट की स्थापना होगी। इसके संचालन से रसोई गैस सिलिंडर की तर्ज पर तरल आक्सीजन की उपलब्धता रहेगी।
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जिसकी ऑक्सीजन 100 प्रतिशत शुद्ध होगी। जबकि पहले वाले एयर आक्सीजन प्लांट में शुद्धता 97 प्रतिशत रहती है। इस प्लांट के स्थापित होने में मेडिकल कॉलेज को कंपनी से करीब 30 रुपये प्रतिकिलो ऑक्सीजन व करीब 18 रुपये प्रतिकिलो परिवहन खर्च की दर का भुगतान करना होगा,लेकिन हर समय आक्सीजन की उपलब्धता रहेगी।
प्राचार्य डॉ. एस कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी का निर्धारण हो चुका है। एक सप्ताह के अंदर एग्रीमेंट सर्वे होना है। मार्च के पहले सप्ताह तक प्लांट स्थापित हो जाएगा। प्लांट की जगह पूरी तरह फायर प्रूफ रहेगी। जिससे आग लगने का खतरा न रहे।