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लॉकडाउन में खूब हुई बिजली चोरी
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लॉकडाउन का फायदा उठाकर शहर में बिजली चोरों ने मनमाने तरीके से बिजली का उपभोग किया। चेकिंग व छापेमारी का अभियान सुस्त होने से बिजली चोरों ने अनाधिकृत तरीके से बिजली का इस्तेमाल किया। लॉकडाउन के दौरान लाइन लॉस में करीब 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इससे विभाग को लाखों का चूना लगा है। विभाग अब इस पर अंकुश लगाने के लिए अभियान शुरू करने जा रहा है।
शहर में पांच विद्युत उपकेंद्र हैं। बाबागंज, दहिलामऊ, रूपापुर, कादीपुर व चिलबिला। इसके तहत कुल 25 हजार उपभोक्ता हैं। इसके अलावा बिजली चोरों की फौज सक्रिय है। शहर में जितनी बिजली मिलती है, उसमें से 20 प्रतिशत लाइन लॉस हो जाता है। इसकी वजह, बिजली चोरी के साथ ही जगह-जगह जर्जर तार व बिजली अव्यवस्था भी है। बिजली चोरों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है।
कार्रवाई भी होती है। इससे काफी हद तक लाइनलॉस में कमी आ गई थी। कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान लॉकडाउन से एकाएक इसमें फिर से इजाफा हो गया। संक्रमण के भय से छापेमारी व कार्रवाई का अभियान ठंडा पड़ गया। अफसर से लेकर कर्मचारी तक सभी अपने घरों में कैद रहे। लॉकडाउन के दौरान बिजली चोरों ने इसका खूब फायदा उठाया। कटियामारी व अनाधिकृत तरीके से मनमाना बिजली का इस्तेमाल किया। इससे लाइन लॉस में इजाफा हुआ है। लॉकडाउन के दौरान 10 प्रतिशत लाइन लास बढ़ा हैै। अब लाइनलास 20 से बढ़कर अब 30 के करीब पहुंच गया। इससे विभाग को लगभग 40 लाख रुपये का चूना लगा है। अधिशाषी अभियंता चंद्रमा प्रसाद ने बताया कि लाइन लॉस में इजाफा हुआ है। जल्द ही शहर में अभियान की शुरुआत की जाएगी।
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शहर में पांच विद्युत उपकेंद्र हैं। बाबागंज, दहिलामऊ, रूपापुर, कादीपुर व चिलबिला। इसके तहत कुल 25 हजार उपभोक्ता हैं। इसके अलावा बिजली चोरों की फौज सक्रिय है। शहर में जितनी बिजली मिलती है, उसमें से 20 प्रतिशत लाइन लॉस हो जाता है। इसकी वजह, बिजली चोरी के साथ ही जगह-जगह जर्जर तार व बिजली अव्यवस्था भी है। बिजली चोरों पर अंकुश लगाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है।
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कार्रवाई भी होती है। इससे काफी हद तक लाइनलॉस में कमी आ गई थी। कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान लॉकडाउन से एकाएक इसमें फिर से इजाफा हो गया। संक्रमण के भय से छापेमारी व कार्रवाई का अभियान ठंडा पड़ गया। अफसर से लेकर कर्मचारी तक सभी अपने घरों में कैद रहे। लॉकडाउन के दौरान बिजली चोरों ने इसका खूब फायदा उठाया। कटियामारी व अनाधिकृत तरीके से मनमाना बिजली का इस्तेमाल किया। इससे लाइन लॉस में इजाफा हुआ है। लॉकडाउन के दौरान 10 प्रतिशत लाइन लास बढ़ा हैै। अब लाइनलास 20 से बढ़कर अब 30 के करीब पहुंच गया। इससे विभाग को लगभग 40 लाख रुपये का चूना लगा है। अधिशाषी अभियंता चंद्रमा प्रसाद ने बताया कि लाइन लॉस में इजाफा हुआ है। जल्द ही शहर में अभियान की शुरुआत की जाएगी।
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