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Pratapgarh News: मुर्गी पालन कर समूह की महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
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स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मुर्गी पालन कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। स्वरोजगार शुरू करने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। समय-समय पर पशुपालन विभाग महिलाओं को मुर्गी पालन का प्रशिक्षण भी दे रहा है।
विकासखंड बाबा बेलखरनाथ क्षेत्र के रतनमई में शिव आजीविका समूह से सविता सिंह, रेखा सिंह और अंकिता सिंह जुड़ी हुई हैं। करीब दो साल पहले शासन से मिलने वाली सहायता राशि और सीसीएल लोन के माध्यम से मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया। वह एक हजार मुर्गी के चूजों को को पालने का काम कर रही हैं।
36 दिन में बच्चे बड़े होने पर स्थानीय बाजार के साथ शहर के व्यापारियों को विक्रय करती हैं। एक माह में 45 हजार रुपये तक मुनाफा होता है। व्यापार को बढ़ाने के लिए एनआरएलएम से ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है।
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विकासखंड बाबा बेलखरनाथ क्षेत्र के रतनमई में शिव आजीविका समूह से सविता सिंह, रेखा सिंह और अंकिता सिंह जुड़ी हुई हैं। करीब दो साल पहले शासन से मिलने वाली सहायता राशि और सीसीएल लोन के माध्यम से मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया। वह एक हजार मुर्गी के चूजों को को पालने का काम कर रही हैं।
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36 दिन में बच्चे बड़े होने पर स्थानीय बाजार के साथ शहर के व्यापारियों को विक्रय करती हैं। एक माह में 45 हजार रुपये तक मुनाफा होता है। व्यापार को बढ़ाने के लिए एनआरएलएम से ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है।
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