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नेताओं के माला पहनने और भाषण तक सीमित रहा प्रधानों का प्रशिक्षण
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गांव की सरकार चलाने के लिए चुने गए प्रधानों और बीडीसी सदस्यों को सफलता के टिप्स देने के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविर पूरी तरह राजनैतिक रंग में रंगा नजर आया। नेताओं के माला पहनने और भाषण देने तक पूरा कार्यक्रम सीमित रहा। प्रधानों को प्रशिक्षण देने के लिए लखनऊ से आए अफसरों को बोलने तक का मौका नहीं दिया गया। इससे पहली बार चुने गए प्रधान अपने मन में सवालों को लेकर वापस हो गए।
जिले के सदर और संडवा चंद्रिका विकास खंड में चयनित प्रधानों और बीडीसी सदस्यों के लिए बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। अफसरों ने वाहवाही लूटने के लिए सत्ता पक्ष के नेताओं को बुला लिया। फिर क्या था, मोटी-मोटी मालाओं से नेताओं का स्वागत हुआ और उन्हें खुश करने का प्रयास किया गया। नेताओं को भी मंच मिला, तो वह भी सरकार की उपलब्धियों के साथ ही अफसरों की तारीफ करने से नहीं चूके। दोपहर करीब 12.30 बजे सदर ब्लाक में प्रारंभ हुआ कार्यक्रम करीब दो घंटे तक चलता रहा।
इसके बाद संडवा चंद्रिका पहुंचा नेताओं के काफिले ने कार्यक्रम में शामिल होकर सरकार की योजनाओं के तारीफ के पुल बांधे। संडवा चंद्रिका में मोटी माला नहीं मिलने से एक नेताजी नाराज भी हो गए। हालांकि किसी तरह मामला शांत हुआ। सुबह से आए प्रधान और बीडीसी अपनी कुर्सी पर बैठकर मूकदर्शक बने रहे। प्रधान और बीडीसी सदस्यों से न तो परिचय पूछा गया और न ही उन्हें विकास कार्य कराने के टिप्स दिए गए।
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लखनऊ से अखिलेश सिंह और एमपी मिश्र प्रधानों को प्रशिक्षण देने के लिए आए हुए थे, मगर उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया। अनेक सवालों को लेकर आए प्रधान भी मायूस होकर लौट गए। हालांकि विभागीय अफसरों ने प्रधानों के प्रशिक्षण के नाम पर लाखों रुपये का वारा-न्यारा करने में सफल रहे। इधर, डीडीओ ओपी मिश्र ने बताया कि नेताओं के कार्यक्रम के बाद प्रधानों को प्रशिक्षण दिया गया।
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जिले के सदर और संडवा चंद्रिका विकास खंड में चयनित प्रधानों और बीडीसी सदस्यों के लिए बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। अफसरों ने वाहवाही लूटने के लिए सत्ता पक्ष के नेताओं को बुला लिया। फिर क्या था, मोटी-मोटी मालाओं से नेताओं का स्वागत हुआ और उन्हें खुश करने का प्रयास किया गया। नेताओं को भी मंच मिला, तो वह भी सरकार की उपलब्धियों के साथ ही अफसरों की तारीफ करने से नहीं चूके। दोपहर करीब 12.30 बजे सदर ब्लाक में प्रारंभ हुआ कार्यक्रम करीब दो घंटे तक चलता रहा।
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इसके बाद संडवा चंद्रिका पहुंचा नेताओं के काफिले ने कार्यक्रम में शामिल होकर सरकार की योजनाओं के तारीफ के पुल बांधे। संडवा चंद्रिका में मोटी माला नहीं मिलने से एक नेताजी नाराज भी हो गए। हालांकि किसी तरह मामला शांत हुआ। सुबह से आए प्रधान और बीडीसी अपनी कुर्सी पर बैठकर मूकदर्शक बने रहे। प्रधान और बीडीसी सदस्यों से न तो परिचय पूछा गया और न ही उन्हें विकास कार्य कराने के टिप्स दिए गए।
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लखनऊ से अखिलेश सिंह और एमपी मिश्र प्रधानों को प्रशिक्षण देने के लिए आए हुए थे, मगर उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया। अनेक सवालों को लेकर आए प्रधान भी मायूस होकर लौट गए। हालांकि विभागीय अफसरों ने प्रधानों के प्रशिक्षण के नाम पर लाखों रुपये का वारा-न्यारा करने में सफल रहे। इधर, डीडीओ ओपी मिश्र ने बताया कि नेताओं के कार्यक्रम के बाद प्रधानों को प्रशिक्षण दिया गया।