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Pratapgarh News: वातानुकूलित कमरे में बैठकर ही पूरी कर रहे सारस की गणना
Tue, 27 Jun 2023 09:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Tue, 27 Jun 2023 09:22 PM IST
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प्रतापगढ़। वन संपदा संरक्षण अभियान का हाल बेहाल है। इसके तहत वन विभाग की ओर से जिले के अलग- अलग ब्लॉकों में प्रदेश के राजकीय पक्षी सारस की गणना कराई जा रही है लेकिन वातानुकूलित कमरे में बैठकर ही बुधवार को अभियान पूरा कर लिया जाएगा। बुधवार को वन विभाग के उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जानी है।
क्षेत्रीय रेंजर कार्यालय के वातानुकूलिक कमरे में बैठकर ही ग्रामीणों की ओर से दिए गए इनपुट से सारस के प्रवास स्थल की जांच और गणना की जा रही है। सोशल साइट पर जिलेभर से अपलोड हुई सारस की तस्वीर देखकर उनकी संख्या के आकलन पर अफसर झल्लाए हैं।
वन विभाग बीते सोमवार से रानीगंज, पट्टी, कुंडा, बिहार, कालाकांकर, संडवा चंद्रिका सहित कुल सात रेंज में विभागीय कर्मचारियों तथा क्षेत्रीय रेंजर के सहयोग से जिले में झील, नदी तथा जंगल के आसपास प्रवास करने वाले सारस का पता करा रहा है। इसके लिए अलग- अलग ब्लॉक क्षेत्र में ग्रामीणों से संवाद कर सारस की मौजूदगी के बारे में संगठन सहित गांव के लोगों की मदद ली गई।
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डीएफओ के आदेश के बावजूद कार्यालय कक्ष में बैठकर ही विभागीय अफसर और कर्मचारी, ग्रामीणों से सहयोग मांगते रहे। मंगलवार तक जिलेभर में लगभग 27 सारस के प्रवास का अनुमान लगाया गया। ग्रामीणों के साथ ही क्षेत्रीय थाने की पुलिस से भी मदद मांगी गई है।
दरअसल अमेठी में आरिफ की सारस से दोस्ती तथा फतनपुर पुलिस के एक दरोगा की सारस से दोस्ती के बाद फजीहत से बचने के लिए शासन की ओर से सारसों के प्रवास स्थल का पता लगाने के लिए सख्त आदेश दिए गए हैं। अब सारस के प्रवास स्थल पता करने के बाद जल्द ही उसे रायबरेली, कानपुर सहित अन्य जनपदों के चिड़ियाघरों में शिफ्ट कराया जाएगा।
.........
सोमवार से बुधवार तक जिले के सात रेंज में विभागीय अधिकारी तथा कर्मचारी ग्रामीणों की मदद से राजकीय पक्षी सारस के प्रवास स्थल का पता लगा रहे हैं। बुधवार को जिले में प्रवास कर रहे कुल सारस की संख्या एकत्र कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जेपी श्रीवास्तव, डीएफओ
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क्षेत्रीय रेंजर कार्यालय के वातानुकूलिक कमरे में बैठकर ही ग्रामीणों की ओर से दिए गए इनपुट से सारस के प्रवास स्थल की जांच और गणना की जा रही है। सोशल साइट पर जिलेभर से अपलोड हुई सारस की तस्वीर देखकर उनकी संख्या के आकलन पर अफसर झल्लाए हैं।
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वन विभाग बीते सोमवार से रानीगंज, पट्टी, कुंडा, बिहार, कालाकांकर, संडवा चंद्रिका सहित कुल सात रेंज में विभागीय कर्मचारियों तथा क्षेत्रीय रेंजर के सहयोग से जिले में झील, नदी तथा जंगल के आसपास प्रवास करने वाले सारस का पता करा रहा है। इसके लिए अलग- अलग ब्लॉक क्षेत्र में ग्रामीणों से संवाद कर सारस की मौजूदगी के बारे में संगठन सहित गांव के लोगों की मदद ली गई।
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डीएफओ के आदेश के बावजूद कार्यालय कक्ष में बैठकर ही विभागीय अफसर और कर्मचारी, ग्रामीणों से सहयोग मांगते रहे। मंगलवार तक जिलेभर में लगभग 27 सारस के प्रवास का अनुमान लगाया गया। ग्रामीणों के साथ ही क्षेत्रीय थाने की पुलिस से भी मदद मांगी गई है।
दरअसल अमेठी में आरिफ की सारस से दोस्ती तथा फतनपुर पुलिस के एक दरोगा की सारस से दोस्ती के बाद फजीहत से बचने के लिए शासन की ओर से सारसों के प्रवास स्थल का पता लगाने के लिए सख्त आदेश दिए गए हैं। अब सारस के प्रवास स्थल पता करने के बाद जल्द ही उसे रायबरेली, कानपुर सहित अन्य जनपदों के चिड़ियाघरों में शिफ्ट कराया जाएगा।
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सोमवार से बुधवार तक जिले के सात रेंज में विभागीय अधिकारी तथा कर्मचारी ग्रामीणों की मदद से राजकीय पक्षी सारस के प्रवास स्थल का पता लगा रहे हैं। बुधवार को जिले में प्रवास कर रहे कुल सारस की संख्या एकत्र कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
जेपी श्रीवास्तव, डीएफओ