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Pratapgarh News: दुधमुही बच्ची संग पति ने पत्नी को घर से निकाला, रोडवेज बस स्टैंड को पीड़ित ने आशियाना बनाया
Sat, 23 Dec 2023 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sat, 23 Dec 2023 02:08 AM IST
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अनाथ देख युवती से झूठ बोलकर पहले शादी करने वाले युवक ने दगा ही नहीं दिया, उत्पड़िन की हद पार कर दी। बेटी पैदा हुई तो पति ने दुधमुही बच्ची संग पत्नी को मारपीट कर घर से निकाल दिया। परेशान महिला ने रोडवेज बस स्टैंड को अपना आशियाना बना लिया। ठंड भरी रात अपने सात माह की बच्ची को लेकर 12 दिन से रोडवेज बस स्टैंड पर गुजारा कर रही है, लेकिन भूख से तड़प रही है। सूचना पर एसडीएम आए भी तो कंबल देकर चले गए।
पीड़िता के मुताबिक लीलापुर थाना के बढ़नी निवासी हरिकेश गौतम अपनी पत्नी(उसे) और बच्चों को गांव में छोड़कर चंडीगढ़ में रहता था। चंडीगढ़ में ही अमेठी के मुसाफिर खाना की रहने वाली 28 वर्षीय बबिता से मुलाकात हो गई। बबिता ने जब यह बताया कि उसके माता और पिता नहीं है तो हरिकेश शादी करने को तैयार हो गया। उसने बबिता को इसकी जानकारी नहीं दी कि उसकी पहले से शादी हुई है। दो बच्चे भी हैं।
बबिता के मुताबिक एक मंदिर में जाकर दोनों ने शादी रचाई और सात फेरे लेने के बाद एक साथ रहने लगे। बबिता गर्भवती हो गई तो हरिकेश गांव आ गया। जानकारी होने पर बबिता भी लीलापुर के बढ़नी गांव पहुंची। हरिकेश ने उसे सामने देखा तो अपना मानने से इन्कार कर दिया। पीड़िता की शिकायत के बाद जब पुलिस कार्रवाई शुरू की तो हरिकेश ने उसे अपना लिया। बबिता को बेटी पैदा हुई तो आए दिन ससुराली जन उसे परेशान करने लगे।
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आरोप है कि 12 दिन पहले ससुराली जनों ने बबिता को मारपीट कर घर से निकाल दिया। परेशान बबिता एसपी कार्यालय और लीलापुर पुलिस चौकी का चक्कर लगाते-लगाते थक गई तो रोडवेज बस स्टैंड में सिर छिपाने को ठौर बना लिया। ठंड भरी रात में बस स्टैंड पर वह सात माह की बच्ची को लेकर रात गुजारती है। दो दिनों पहले एसडीएम कंबल वितरण करने बस स्टैंड पर आए थे। बस स्टैंड पर चर्चा है कि कुछ लोगों ने जब महिला के बारे में एसडीएम को जानकारी दी तो उन्होंने वहां जाकर एक कंबल दिया और बिना बातचीत, मदद करे ही वापस हो गए। लोगों के कहने पर भी पीड़िता का दर्द तक नहीं सुना।
थाने में हो चुकी है पंचायत
बबिता ने बताया कि इसके पूर्व हरिकेश उसे अपना मानने से इन्कार कर दिया था। उस दौरान लीलापुर थाने में पंचायत हुई थी। पंचायत के बाद अपने साथ घर लेकर गया था। मगर 12 दिन पहले फिर उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। बबिता ने बताया कि बचपन में ही उसके माता और पिता की मौत हो गई थी। भाई हैं नहीं, वह दो बहनों में सबसे छोटी है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। उसने लीलापुर पुलिस से शिकायत करने के साथ ही एसपी से मिलकर आपबीती कई बार सुनाई, मदद की गुहार लगाई, लेकिन उसकी मदद कोई नहीं कर रहा है।
मामला मेरे संज्ञान में है। मैने जांच के लिए लीलापुर थाना प्रभारी को आदेश दिया है। महिला के रहने की व्यवस्था करा दे रहा हूं।
- सतपाल अंतिल, एसपी प्रतापगढ़
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पीड़िता के मुताबिक लीलापुर थाना के बढ़नी निवासी हरिकेश गौतम अपनी पत्नी(उसे) और बच्चों को गांव में छोड़कर चंडीगढ़ में रहता था। चंडीगढ़ में ही अमेठी के मुसाफिर खाना की रहने वाली 28 वर्षीय बबिता से मुलाकात हो गई। बबिता ने जब यह बताया कि उसके माता और पिता नहीं है तो हरिकेश शादी करने को तैयार हो गया। उसने बबिता को इसकी जानकारी नहीं दी कि उसकी पहले से शादी हुई है। दो बच्चे भी हैं।
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बबिता के मुताबिक एक मंदिर में जाकर दोनों ने शादी रचाई और सात फेरे लेने के बाद एक साथ रहने लगे। बबिता गर्भवती हो गई तो हरिकेश गांव आ गया। जानकारी होने पर बबिता भी लीलापुर के बढ़नी गांव पहुंची। हरिकेश ने उसे सामने देखा तो अपना मानने से इन्कार कर दिया। पीड़िता की शिकायत के बाद जब पुलिस कार्रवाई शुरू की तो हरिकेश ने उसे अपना लिया। बबिता को बेटी पैदा हुई तो आए दिन ससुराली जन उसे परेशान करने लगे।
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आरोप है कि 12 दिन पहले ससुराली जनों ने बबिता को मारपीट कर घर से निकाल दिया। परेशान बबिता एसपी कार्यालय और लीलापुर पुलिस चौकी का चक्कर लगाते-लगाते थक गई तो रोडवेज बस स्टैंड में सिर छिपाने को ठौर बना लिया। ठंड भरी रात में बस स्टैंड पर वह सात माह की बच्ची को लेकर रात गुजारती है। दो दिनों पहले एसडीएम कंबल वितरण करने बस स्टैंड पर आए थे। बस स्टैंड पर चर्चा है कि कुछ लोगों ने जब महिला के बारे में एसडीएम को जानकारी दी तो उन्होंने वहां जाकर एक कंबल दिया और बिना बातचीत, मदद करे ही वापस हो गए। लोगों के कहने पर भी पीड़िता का दर्द तक नहीं सुना।
थाने में हो चुकी है पंचायत
बबिता ने बताया कि इसके पूर्व हरिकेश उसे अपना मानने से इन्कार कर दिया था। उस दौरान लीलापुर थाने में पंचायत हुई थी। पंचायत के बाद अपने साथ घर लेकर गया था। मगर 12 दिन पहले फिर उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। बबिता ने बताया कि बचपन में ही उसके माता और पिता की मौत हो गई थी। भाई हैं नहीं, वह दो बहनों में सबसे छोटी है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। उसने लीलापुर पुलिस से शिकायत करने के साथ ही एसपी से मिलकर आपबीती कई बार सुनाई, मदद की गुहार लगाई, लेकिन उसकी मदद कोई नहीं कर रहा है।
मामला मेरे संज्ञान में है। मैने जांच के लिए लीलापुर थाना प्रभारी को आदेश दिया है। महिला के रहने की व्यवस्था करा दे रहा हूं।
- सतपाल अंतिल, एसपी प्रतापगढ़