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पति ने ही हत्या कर जंगल में फेंक दिया था पत्नी का शव
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मनोरोगी पत्नी का इलाज कराकर तंगहाल हो चुके पति ने उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंका था। पुलिस ने छानबीन के बाद हत्यारोपी पति को दबोचने के बाद जेल भेज दिया। हत्या में प्रयुक्त गड़ासा नहर में पुलिस खोजती रही, मगर सफलता नहीं मिली।
मानधाता थाना क्षेत्र के हरिचेतपुर निवासी अशोक कुमार पटेल उर्फ नन्हकू की पत्नी दुलारी देवी (40) 7 जुलाई को घर से गायब हो गई थी। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। नौ जुलाई को महमदपुर जंगल में उसकी रक्तरंजित लाश मिली थी। धारदार हथियार से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस उसकी हत्या की तह तक जाने के लिए प्रयास करने लगी।
पुलिस के अनुसार, परिवार के लोगों से पूछताछ में यह पता चला कि दुलारी देवी मनोरोगी थी। करीब पंद्रह साल से पति अशोक पटेल उसका उपचार कराकर आर्थिक रूप से तंगहाल हो चुका था। रात में बिना बताए दुलारी घर से निकल जाती थी। गांव के लोग उसके चरित्र पर उंगली उठाते थे। समाज में हो रही किरकिरी व आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका अशोक पत्नी से आजिज आ चुका था। शंका होने पर पुलिस ने अशोक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
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उसने पत्नी दुलारी देवी की हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, सात जुलाई की रात दुलारी रात घर से निकल गई। जानकारी होने पर वह उसे ढूढने निकला। महमदपुर में दुलारी उसे मिल गई। वह उसे जंगल में ले गया और गड़ासे से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या में प्रयुक्त गड़ासा मझगवा नहर में फेंक दिया।
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मानधाता थाना क्षेत्र के हरिचेतपुर निवासी अशोक कुमार पटेल उर्फ नन्हकू की पत्नी दुलारी देवी (40) 7 जुलाई को घर से गायब हो गई थी। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। नौ जुलाई को महमदपुर जंगल में उसकी रक्तरंजित लाश मिली थी। धारदार हथियार से प्रहार कर उसे मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस उसकी हत्या की तह तक जाने के लिए प्रयास करने लगी।
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पुलिस के अनुसार, परिवार के लोगों से पूछताछ में यह पता चला कि दुलारी देवी मनोरोगी थी। करीब पंद्रह साल से पति अशोक पटेल उसका उपचार कराकर आर्थिक रूप से तंगहाल हो चुका था। रात में बिना बताए दुलारी घर से निकल जाती थी। गांव के लोग उसके चरित्र पर उंगली उठाते थे। समाज में हो रही किरकिरी व आर्थिक रूप से कमजोर हो चुका अशोक पत्नी से आजिज आ चुका था। शंका होने पर पुलिस ने अशोक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
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उसने पत्नी दुलारी देवी की हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, सात जुलाई की रात दुलारी रात घर से निकल गई। जानकारी होने पर वह उसे ढूढने निकला। महमदपुर में दुलारी उसे मिल गई। वह उसे जंगल में ले गया और गड़ासे से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या में प्रयुक्त गड़ासा मझगवा नहर में फेंक दिया।