फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   The condition of the schools did not change even after Operation Kayakalp

ऑपरेशन कायाकल्प के बाद भी नहीं बदली स्कूलों की काया

Fri, 16 Jul 2021 11:31 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 11:31 PM IST
विज्ञापन
The condition of the schools did not change even after Operation Kayakalp
परिषदीय विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए शासन के आदेश पर कायाकल्प अभियान चलाने के बाद भी जिले के ज्यादातर विद्यालयों की तस्वीर नहीं बदल सकी है। कहीं बाउंड्री तो कहीं शौचालय गायब हैं। रसोई घर, स्टोर रूम व भवन भी ठीक नहीं हो पाए हैं।
विज्ञापन

जिले में कुल 2464 प्राइमरी व मिडिल स्कूल संचालित हैं। शासन ने इन स्कूलों को कायाकल्प योजना के तहत चमकाने का आदेश दिया था। बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि अभी तक जिले के 534 स्कूलों का कायाकल्प के तहत सुंदरीकरण किया गया है। कायाकल्प योजना के तहत 14वें वित्त के बजट से स्कूलों में निर्माण के साथ ही अन्य कार्य कराए जाने थे।
विज्ञापन

इस योजना को बेसिक शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग के समन्वय से वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक पूरा होना था। विद्यालयों का 14 बिंदुओं पर सुंदरीकरण कराया जाना था। लापरवाही के कारण कहीं टाइल्स, कहीं बाउंड्री तो कहीं शौचालय नहीं बने। रसोई घर, स्टोर रूम, भवन भी जर्जर हैं, मगर कागजों में काम पूरा दिखाकर वाहवाही लूटी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कराए जाने थे ये काम
बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनने थे। कक्षों की फर्श पर टाइल्स लगने थे। रसोई घर का निर्माण, प्रसाधनों में जलापूर्ति, पेयजल, श्यामपट्, विद्यालय की रंगाई-पुताई, मल्टीपल हैंडवॉशिंग यूनिट, कक्षा कक्ष में उपयुक्त वायरिंग, विद्युत उपकरण व्यवस्था, दिव्यांगों के लिए रैंप और शौचालय।
कादीपुर का विद्यालय पड़ा है बदहाल
सदर विकासखंड के कादीपुर गांव में प्राइमरी व मिडिल स्कूल संचालित होता है। दोनों विद्यालयों की दशा खराब है। स्कूल में चहारदीवारी नहीं है। दरवाजे टूटे पड़े हैं। शौचालय बदहाल हैं। स्कूल की रंगाई-पुताई भी नहीं हुई है। बच्चों के डेस्क-बेंच को एक कमरे में बंद कर दिया गया है। जर्जर भवन के चलते शिक्षक व शिक्षिकाएं बाहर बैठे मिले।
जगदीशगढ़ में भी जर्जर भवन में होती है पढ़ाई
बाबा बेलखरनाथधाम के जगदीशगढ़ में स्थित प्राइमरी विद्यालय देखने पर एहसास होता है कि शासन की प्राथमिकता वाली योजना किस तरह संचालित हो रही है। विद्यालय का भवन पूरी तरह से बदहाल है। रंगाई-पुताई तक नहीं हुई है। हालांकि अतिरिक्त कक्ष नए बने हैं।

कायाकल्य योजना के तहत स्कूलों की काया बदलने के लिए काम जारी है। अभी जिन विद्यालयों में काम पूरा नहीं हुआ है, उनके लिए पंचायती राज विभाग से पत्राचार किया गया है। अशोक कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed